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कुछ बड़ा सोच रहे ट्रंप?: ईरान युद्ध में उतारा USS त्रिपोली युद्धपोत, 3500 मरीन के साथ अमेरिकी सैन्य बल को ताकत

Sun, 29 Mar 2026 05:16 AM IST
Shubham Kumar वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वॉशिंगटन
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वॉशिंगटन Published by: Shubham Kumar Updated Sun, 29 Mar 2026 05:16 AM IST
सार

पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच अमेरिका ने यूएसएस त्रिपोली को 3500 मरीन के साथ युद्ध क्षेत्र में तैनात कर दिया है। ईरान युद्ध के एक महीने बाद अमेरिका का यह कदम क्षेत्र में अपनी सैन्य ताकत बढ़ाने और दबाव बनाने की रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है। आधुनिक हथियारों से लैस यह जहाज अमेरिका के आक्रामक रुख को साफ दिखाता है।

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USS Tripoli Deployed for War Against Iran US Military Forces Strengthened by Arrival of 3500 Marines
अमेरिकी युद्धपोत यूएसएस त्रिपोली - फोटो : ANI

विस्तार

पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष दिन-ब-दिन और भयावह होता जा रहा है। अमेरिका और इस्राइल के भीषण हमलों से दहक रहे मोर्चे पर ईरान भी इस्राइल और खाड़ी देशों में मैजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर जोरदार पलटवार कर रहा है। मिसाइलों और ड्रोन की गरज के बीच यह संघर्ष अब अपने 30वें दिन में प्रवेश कर चुका है और पूरे क्षेत्र में तनाव अब भी चरम पर है। इसी उग्र हालात के बीच अब अमेरिका ने अपनी सैन्य रणनीति को और आक्रामक बना दिया है। इसके तहत अमेरिका ने अपना विशाल युद्धपोत यूएसएस त्रिपोली तैनात कर दिया है, जो करीब 3,500 मरीन के साथ अमेरिकी केंद्रीय कमान (CENTCOM) क्षेत्र में पहुंच चुका है।  

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संघर्ष के एक महीने बाद अमेरिका का यह कदम  न केवल सैन्य ताकत दिखाने का संकेत है, बल्कि संभावित बड़े ऑपरेशन की तैयारी भी माना जा रहा है। आधुनिक हथियारों और लड़ाकू विमानों से लैस यह जहाज अमेरिका की युद्ध क्षमता को कई गुना बढ़ाता है। इससे साफ है कि अमेरिका अब इस संघर्ष में अपनी पकड़ और प्रभाव मजबूत करने के लिए पूरी ताकत झोंक रहा है।
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अमेरिकी केंद्रीय कमान के क्षेत्र में सक्रिय हुआ जहाज
बता दें कि यह जहाज जापान के अपने घरेलू बंदरगाह से निकला और अब अमेरिकी केंद्रीय कमान (CENTCOM) के क्षेत्र में सक्रिय हो गया है। यूएसएस त्रिपोली एक अमेरिका-श्रेणी का उभयचर हमलावर जहाज है, जो आकार में लगभग एक विमानवाहक पोत के बराबर है। इस जहाज में हेलिकॉप्टर, MV-22 ऑस्प्रे विमान और F-35B जॉइंट स्ट्राइक फाइटर जेट्स ले जाए जा सकते हैं। जहाज पर त्रिपोली उभयचर तत्पर समूह और 31वीं मरीन एक्सपीडिशनरी यूनिट की टीम तैनात है।




युद्ध क्षेत्र में और मजबूत हुई अमेरिका की स्थिति
इस जहाज के पश्चिम एशिया में आने के बाद अमेरिका की मौजूदगी और मजबूत हो गई है। पहले से ही क्षेत्र में यूएसएस निमित्ज और यूएसएस गेराल्ड आर. फोर्ड विमानवाहक पोत तैनात हैं। हालांकि, यूएसएस जेराल्ड आर. फोर्ड पोत को हाल ही में फायर और मरम्मत के कारण पोर्ट ऑफ स्प्लिट में रोका गया है और यह एक साल तक युद्ध क्षेत्र में नहीं रह सकता। साथ ही यूएसएस जॉर्ज एच डब्ल्यू. बुश विमानवाहक पोत भी नॉर्फोक से पश्चिम एशिया की ओर रवाना हुआ है। अगर यह तैनात हो जाता है, तो क्षेत्र में अमेरिकी विमानवाहक पोतों की संख्या तीन हो जाएगी।

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ईरान के खिलाफ अमेरिकी ऑपरेशन के बारे में भी दी जानकारी

गौरतलब है कि अपने पोस्ट में CENTCOM ने ईरान के खिलाफ अमेरिका के ऑपरेशन के बारे में भी जानकारी दी। पोस्ट के अनुसार 28 फरवरी के बाद अमेरिकी सेना ने ईरान के सैन्य ठिकानों पर हमला किया है। इसमें 11000 से अधिक युद्ध विमान उड़ाए गए और 150 से ज्यादा ईरानी जहाजों को नुकसान पहुंचा या नष्ट किया गया। इतना ही नहीं अमेरिका ने ईरान के रेवोल्यूशनरी गार्ड कोर, मिसाइल साइट्स, नौसैनिक जहाजों और हथियार निर्माण केंद्रों को निशाना बनाया है। 

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