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USA: 'मुल्ला इसे छू भी नहीं पाएंगे', व्हाइट हाउस ने कहा - प्रतिबंधों से छूट प्राप्त फंड ईरान नहीं जाएगा
Sat, 16 Mar 2024 09:08 AM IST
नितिन गौतम
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वॉशिंगटन
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वॉशिंगटन
Published by: नितिन गौतम
Updated Sat, 16 Mar 2024 09:08 AM IST
सार
अमेरिका ने इराक को बीते साल ईरान से बिजली खरीदने की अनुमति दी थी। इस अनुमति के तहत इराक, ईरान से 10 अरब डॉलर कीमत की बिजली खरीदेगा।
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जॉन किर्बी
- फोटो : सोशल मीडिया
विस्तार
अमेरिका ने कहा है कि अमेरिकी प्रतिबंधों से छूट प्राप्त फंड ईरान नहीं जाएंगा। अमेरिका ने कहा कि इराक से जाने वाला पैसा ईरान के मुल्लाओं तक नहीं पहुंचेगा। अमेरिका के व्हाइट हाउस के राष्ट्रीय सुरक्षा संचार सलाहकार जॉन किर्बी ने ये बात कही। शुक्रवा को मीडिया से बात करते हुए जॉन किर्बी ने कहा कि 'इराक द्वारा बिजली खरीद के बदले में ईरान को मिला पैसा वेंडर्स को मिलेगा और वो इस पैसे से ईरान के लोगों को मानवीय मदद पहुंचाएंगे।' अमेरिका ने इराक को बीते साल ईरान से बिजली खरीदने की अनुमति दी थी। इस अनुमति के तहत इराक, ईरान से 10 अरब डॉलर कीमत की बिजली खरीदेगा।
व्हाइट हाउस ने कहा कि 'इराक के लोग ऊर्जा जरूरतों के लिए ईरान पर निर्भर हैं और हम इराक के लोगों को सजा नहीं देना चाहते हैं, लेकिन मैं यहां ये साफ कर देना चाहता हूं कि ईरान को जाने वाले पैसे को ईरान के मुल्ला छू भी नहीं पाएंगे और न ही ये पैसा तेहरान जाएगा।'
अमेरिकी सरकार को झेलनी पड़ रही आलोचना
ईरान के विरोधियों का आरोप है कि अमेरिका ने ईरान को प्रतिबंधों में छूट ऐसे वक्त दी, जब ईरान समर्थित कट्टरपंथी समूहों ने जॉर्डन में अमेरिका के ठिकाने पर हमला कर तीन सैनिकों की जान ले ली थी। साथ ही ईरान समर्थित कट्टरपंथी संगठन लगातार लाल सागर और अदन की खाड़ी में व्यापारिक जहाजों को निशाना बना रहे हैं। अमेरिकी सरकार के कदम का विरोध कर रहे लोगों का दावा है कि प्रतिबंधों से छूट प्राप्त पैसा ईरान को आर्थिक मदद देगा और इससे आतंकवाद को बढ़ाने और परमाणु कार्यक्रम को बढ़ाने में भी ईरान को मदद मिल सकती है।
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ईरान को 6 अरब डॉलर मिलने की भी उम्मीद
अमेरिका ने बीते दिनों अमेरिकी कैदियों की रिहाई के बदले हुई डील के तहत भी ईरान को दक्षिण कोरिया द्वारा जब्त किए गए ईरान के तेल राजस्व के 6 अरब डॉलर भी मिलेंगे। उस मामले में भी अमेरिका ने कहा था कि अमेरिका इस बात पर नजर रखेगा कि छह अरब डॉलर की रकम ईरान द्वारा मानवीय मदद के कामों में ही खर्च की जाए। हालांकि उस मामले में ईरान के राष्ट्रपति इब्राहिम रईसी ने कहा था कि ईरान जहां चाहेगा, वहां इस पैसे का इस्तेमाल करेगा। यह पैसा ईरान के लोगों और ईरान की सरकार का है। ऐसे में ईरान के पास पूरा अधिकार है कि वह खुद ये तय करे कि यह पैसा कहां खर्च होगा।
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व्हाइट हाउस ने कहा कि 'इराक के लोग ऊर्जा जरूरतों के लिए ईरान पर निर्भर हैं और हम इराक के लोगों को सजा नहीं देना चाहते हैं, लेकिन मैं यहां ये साफ कर देना चाहता हूं कि ईरान को जाने वाले पैसे को ईरान के मुल्ला छू भी नहीं पाएंगे और न ही ये पैसा तेहरान जाएगा।'
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अमेरिकी सरकार को झेलनी पड़ रही आलोचना
ईरान के विरोधियों का आरोप है कि अमेरिका ने ईरान को प्रतिबंधों में छूट ऐसे वक्त दी, जब ईरान समर्थित कट्टरपंथी समूहों ने जॉर्डन में अमेरिका के ठिकाने पर हमला कर तीन सैनिकों की जान ले ली थी। साथ ही ईरान समर्थित कट्टरपंथी संगठन लगातार लाल सागर और अदन की खाड़ी में व्यापारिक जहाजों को निशाना बना रहे हैं। अमेरिकी सरकार के कदम का विरोध कर रहे लोगों का दावा है कि प्रतिबंधों से छूट प्राप्त पैसा ईरान को आर्थिक मदद देगा और इससे आतंकवाद को बढ़ाने और परमाणु कार्यक्रम को बढ़ाने में भी ईरान को मदद मिल सकती है।
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ईरान को 6 अरब डॉलर मिलने की भी उम्मीद
अमेरिका ने बीते दिनों अमेरिकी कैदियों की रिहाई के बदले हुई डील के तहत भी ईरान को दक्षिण कोरिया द्वारा जब्त किए गए ईरान के तेल राजस्व के 6 अरब डॉलर भी मिलेंगे। उस मामले में भी अमेरिका ने कहा था कि अमेरिका इस बात पर नजर रखेगा कि छह अरब डॉलर की रकम ईरान द्वारा मानवीय मदद के कामों में ही खर्च की जाए। हालांकि उस मामले में ईरान के राष्ट्रपति इब्राहिम रईसी ने कहा था कि ईरान जहां चाहेगा, वहां इस पैसे का इस्तेमाल करेगा। यह पैसा ईरान के लोगों और ईरान की सरकार का है। ऐसे में ईरान के पास पूरा अधिकार है कि वह खुद ये तय करे कि यह पैसा कहां खर्च होगा।