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Iran Crisis: ईरानी हमलों से इस्राइल को बचा रहा अमेरिका; पश्चिम एशिया में कैसे पहुंचा रहा लड़ाकू विमान और जहाज?
Wed, 18 Jun 2025 08:45 AM IST
बशु जैन
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वॉशिंगटन
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वॉशिंगटन
Published by: बशु जैन
Updated Wed, 18 Jun 2025 08:45 AM IST
सार
इस्राइल ईरान संघर्ष के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने दावा किया था कि हम ईरान के परमाणु हथियारों का अंत करना चाहते हैं। इस बीच अमेरिका ने पश्चिम एशिया में अपने लड़ाकू विमान और जहाज तैनात किए हैं। आइए जानते हैं कैसे इस्राइल की मदद कर रहा अमेरिका...?
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बेंजामिन नेतन्याहू, डोनाल्ड ट्रंप, अयातुल्लाह अली खामेनेई
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक
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विस्तार
ईरान के हमलों से इस्राइल को बचाने के लिए अमेरिका पूरी ताकत लगा रहा है। इस्राइल पर हमला करने आ रहे ईरानी ड्रोन और मिसाइलों को मुंहतोड़ जवाब देने के लिए अमेरिका ने पश्चिम एशिया में अपने लड़ाकू विमान और जहाज तैनात किए हैं। आइए जानते हैं कि अमेरिका के विमान और जहाज कैसे पश्चिम एशिया पहुंच रहे हैं?
ईरान के परमाणु हथियारों को खत्म करने के ट्रंप दे चुके संकेत
यूं तो इस्राइल ईरान संघर्ष में अमेरिका खुलकर दखल देने से इनकार कर रहा है। मगर अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप संकेत दे चुके हैं कि वे ईरान के परमाणु हथियारों का अंत चाहते हैं। ट्रंप ने ईरान से बिना शर्त आत्मसमर्पण' करने के लिए कहा है। ट्रंप ने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा है कि ईरान के साथ उनका धैर्य खत्म हो रहा है। इसके बाद इस्राइल ईरान संघर्ष में अमेरिका की भागीदारी बढ़ने की संभावना बढ़ गई है। माना जा रहा है कि अमेरिका अपने बंकर-बस्टिंग बम का उपयोग पहाड़ों के अंदर बने ईरानी परमाणु स्थल पर हमला करने के लिए कर सकता है।
ये भी पढ़ें: ट्रंप ने तीसरी बार बढ़ाई टिकटॉक की बिक्री की समयसीमा; अब 90 दिनों की राहत; जल्द जारी करेंगे आदेश
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इस्राइल की मदद के लिए आगे आया अमेरिका
ईरान के परमाणु संयंत्र को खत्म करने के लिए जरूरी हथियार पहुंचाने के लिए इस्राइल के पास जरूरी विमान नहीं है। ऐसा विमान केवल अमेरिका पर है। इस बीच अमेरिका इस्राइल के सैनिक और अड्डे सुरक्षित करने के लिए काम रहा है। इस बीच अमेरिकी सैन्य विमानों और जहाजों की लगातार पश्चिम एशिया की ओर बढ़ रहे हैं। अमेरिकी अधिकारियों ने कहा कि अमेरिकी सेना ने ईरान के खिलाफ कोई आक्रामक कार्रवाई नहीं की है, बल्कि इस्राइल की रक्षा के लिए ईरानी मिसाइलों को नष्ट करने के लिए केवल रक्षात्मक हमले किए हैं।
यूरोप में तैनात किए लड़ाकू विमान और एयर-रिफ्यूलिंग टैंकर्स
पश्चिम एशिया में अमेरिका ने अतिरिक्त अमेरिकी लड़ाकू विमान और एयर-रिफ्यूलिंग टैंकर्स (हवा में ईंधन भरने वाले विमान) तैनात किए गए हैं। बताया जा रहा है कि अमेरिकी वायु सेना ने इंग्लैंड, स्पेन, जर्मनी और ग्रीस सहित यूरोप भर में कई जगहों पर एयर-रिफ्यूलिंग टैंकर्स (हवा में ईंधन भरने वाले विमान) और लड़ाकू जेट तैनात किए हैं। अमेरिकी लड़ाकू विमान पश्चिम एशिया के आस-पास के आसमान में गश्त कर रहे हैं और क्षेत्र को हाई अलर्ट पर रखा गया है और अतिरिक्त सुरक्षा सावधानी बरती जा रही है।
ये भी पढ़ें: इस्राइल-ईरान तनाव में ट्रंप के दखल पर MAGA समर्थकों में फूट, 2024 के वादे पर उठाए सवाल
जहाज भी किए गए तैनात
अमेरिकी युद्धपोत भी इस्राइल को निशाना बनाने वाली ईरानी बैलिस्टिक मिसाइलों को मार गिरा रहे हैं। यूएसएस द सुलिवंस और यूएसएस आर्ले बर्क ने पिछले दिनों हमले किए हैं। अमेरिका का यूएसएस कार्ल विंसन विमानवाहक पोत चार युद्धपोतों के साथ अरब सागर में है। यह जहाज ओमान की खाड़ी और फारस की खाड़ी के साथ अमेरिकी सैनिकों और ठिकानों की सुरक्षा कर रहे हैं।
इसके अलावा, यूएसएस निमिट्ज नामक विशाल एयरक्राफ्ट कैरियर पश्चिम एशिया की ओर रवाना हो चुका है और एक सप्ताह के भीतर वहां पहुंचने की संभावना है। ऐसा माना जा रहा है कि कार्ल विंसन के सैन डिएगो के लिए लौटने से पहले दोनों जहाज थोड़े समय के लिए ओवरलैप हो सकते हैं। वहीं लाल सागर, पश्चिमी भूमध्य सागर और बाल्टिक सागर में अमेरिकी जहाज अभ्यास में भाग ले रहे हैं।
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ईरान के परमाणु हथियारों को खत्म करने के ट्रंप दे चुके संकेत
यूं तो इस्राइल ईरान संघर्ष में अमेरिका खुलकर दखल देने से इनकार कर रहा है। मगर अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप संकेत दे चुके हैं कि वे ईरान के परमाणु हथियारों का अंत चाहते हैं। ट्रंप ने ईरान से बिना शर्त आत्मसमर्पण' करने के लिए कहा है। ट्रंप ने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा है कि ईरान के साथ उनका धैर्य खत्म हो रहा है। इसके बाद इस्राइल ईरान संघर्ष में अमेरिका की भागीदारी बढ़ने की संभावना बढ़ गई है। माना जा रहा है कि अमेरिका अपने बंकर-बस्टिंग बम का उपयोग पहाड़ों के अंदर बने ईरानी परमाणु स्थल पर हमला करने के लिए कर सकता है।
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इस्राइल की मदद के लिए आगे आया अमेरिका
ईरान के परमाणु संयंत्र को खत्म करने के लिए जरूरी हथियार पहुंचाने के लिए इस्राइल के पास जरूरी विमान नहीं है। ऐसा विमान केवल अमेरिका पर है। इस बीच अमेरिका इस्राइल के सैनिक और अड्डे सुरक्षित करने के लिए काम रहा है। इस बीच अमेरिकी सैन्य विमानों और जहाजों की लगातार पश्चिम एशिया की ओर बढ़ रहे हैं। अमेरिकी अधिकारियों ने कहा कि अमेरिकी सेना ने ईरान के खिलाफ कोई आक्रामक कार्रवाई नहीं की है, बल्कि इस्राइल की रक्षा के लिए ईरानी मिसाइलों को नष्ट करने के लिए केवल रक्षात्मक हमले किए हैं।
यूरोप में तैनात किए लड़ाकू विमान और एयर-रिफ्यूलिंग टैंकर्स
पश्चिम एशिया में अमेरिका ने अतिरिक्त अमेरिकी लड़ाकू विमान और एयर-रिफ्यूलिंग टैंकर्स (हवा में ईंधन भरने वाले विमान) तैनात किए गए हैं। बताया जा रहा है कि अमेरिकी वायु सेना ने इंग्लैंड, स्पेन, जर्मनी और ग्रीस सहित यूरोप भर में कई जगहों पर एयर-रिफ्यूलिंग टैंकर्स (हवा में ईंधन भरने वाले विमान) और लड़ाकू जेट तैनात किए हैं। अमेरिकी लड़ाकू विमान पश्चिम एशिया के आस-पास के आसमान में गश्त कर रहे हैं और क्षेत्र को हाई अलर्ट पर रखा गया है और अतिरिक्त सुरक्षा सावधानी बरती जा रही है।
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जहाज भी किए गए तैनात
अमेरिकी युद्धपोत भी इस्राइल को निशाना बनाने वाली ईरानी बैलिस्टिक मिसाइलों को मार गिरा रहे हैं। यूएसएस द सुलिवंस और यूएसएस आर्ले बर्क ने पिछले दिनों हमले किए हैं। अमेरिका का यूएसएस कार्ल विंसन विमानवाहक पोत चार युद्धपोतों के साथ अरब सागर में है। यह जहाज ओमान की खाड़ी और फारस की खाड़ी के साथ अमेरिकी सैनिकों और ठिकानों की सुरक्षा कर रहे हैं।
इसके अलावा, यूएसएस निमिट्ज नामक विशाल एयरक्राफ्ट कैरियर पश्चिम एशिया की ओर रवाना हो चुका है और एक सप्ताह के भीतर वहां पहुंचने की संभावना है। ऐसा माना जा रहा है कि कार्ल विंसन के सैन डिएगो के लिए लौटने से पहले दोनों जहाज थोड़े समय के लिए ओवरलैप हो सकते हैं। वहीं लाल सागर, पश्चिमी भूमध्य सागर और बाल्टिक सागर में अमेरिकी जहाज अभ्यास में भाग ले रहे हैं।
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