USA: दिवालिया होने से बचा अमेरिका! राष्ट्रपति बाइडन और केविन मैक्कार्थी के बीच हुआ ऋण सीमा समझौता
शनिवार शाम में राष्ट्रपति बाइडन और केविन मैक्कार्थी के बीच 90 मिनट तक फोन पर बात हुई। इस डील के होने से आर्थिक संकट से जूझ रहे अमेरिका को राहत मिलेगी।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
जो बाइडन और केविन मैक्कार्थी के बीच 90 मिनट हुई बातचीत
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, अभी दोनों शीर्ष नेताओं के बीच पूरी तरह समझौता नहीं हुआ है लेकिन लगभग सहमति बन गई है। कुछ चीजों पर को लेकर अभी भी बात हो रही है और जल्द ही दोनों नेता समझौते पर अंतिम मुहर लगा देंगे। रिपोर्ट्स के अनुसार, शनिवार शाम में राष्ट्रपति बाइडन और केविन मैक्कार्थी के बीच 90 मिनट तक फोन पर बात हुई। इस डील के होने से आर्थिक संकट से जूझ रहे अमेरिका को राहत मिलेगी।
बता दें कि अगल जल्द ही ऋण सीमा को लेकर समझौता नहीं होता तो अमेरिका का खजाना खाली हो सकता था, जिससे अमेरिका के दिवालिया होने का खतरा था। इसका ना सिर्फ अमेरिका बल्कि पूरी वैश्विक अर्थव्यवस्था पर असर पड़ता।
अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन ने कहा कि डिफॉल्ट, हमारे देश के इतिहास में पहली बार हुआ है। उन्होंने कहा कि समझौता सबसे खराब संभावित संकट को रोक सकता है।
#WATCH | "The agreement prevents the worst possible crisis — a default, for the first time in our nation's history," says US President Joe Biden on the bipartisan debt ceiling agreement reached with Speaker McCarthy, saying neither side got exactly what it wanted
(Video source:… pic.twitter.com/tJbecvoL4N— ANI (@ANI) May 28, 2023
क्या है ऋण सीमा विवाद
अमेरिका सरकार कानूनी रूप से अपने खर्चों और दायित्वों को पूरा करने के लिए ऋण लेती है। अमेरिका की संसद ने कानून बनाकर इस कर्ज को लेने की सीमा तय की हुई है, जिसे ऋण सीमा (Debt Ceiling) कहा जाता है। अमेरिका संविधान के अनुसार कांग्रेस को सरकारी खर्च को नियंत्रित करने का अधिकार दिया गया है। बिना कांग्रेस की मंजूरी के सरकार तय ऋण सीमा से अधिक कर्ज नहीं ले सकती। अमेरिका की प्रतिनिधि सभा में विपक्षी रिपब्लिकन पार्टी का बहुमत है। रिपब्लिकन पार्टी के सांसद ऋण सीमा को बढ़ाने के पक्ष में नहीं थे, जिसकी वजह से विवाद बना हुआ था।