अमेरिका पाक सेना को फिर देगा ट्रेनिंग, सुरक्षा सहायता राशि पर रोक जारी
- अमेरिका पाक सेना को सैन्य प्रशिक्षण कार्यक्रम दोबारा शुरू करने का फैसला किया है।
- 2018 में खत्म किया था सैन्य प्रशिक्षण कार्यक्रम, इस्लामाबाद पर लगाया था धोखा देने का आरोप, रोकी थी अरबों डॉलर की मदद
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अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 2018 में पाकिस्तान के साथ खत्म किया गया सैन्य प्रशिक्षण कार्यक्रम दोबारा शुरू करने का फैसला किया है। हालांकि उन्होंने सुरक्षा संबंधी सहायता में पाकिस्तान का निलंबन बरकरार रखा है। यानी अमेरिका अब पाक सेना को प्रशिक्षण तो देगा लेकिन उसे सुरक्षा सहायता राशि अभी नहीं दी जाएगी।
दक्षिण एशिया की शीर्ष अमेरिकी राजनयिक और दक्षिण मध्य एशियाई मामलों की प्रमुख उप सहायक मंत्री एलिस वेल्स ने शनिवार को ट्वीट के जरिए यह जानकारी दी। इसके बाद अमेरिकी विदेश मंत्री माइक पोम्पियो ने पाक सेना प्रमुख जनरल कमर बाजवा के साथ फोन पर ईरानी जनरल सुलेमानी की हत्या के नतीजों को लेकर चर्चा भी की।
वेल्स ने ट्वीट में कहा कि ट्रंप ने पाकिस्तान के लिए सैन्य प्रशिक्षण कार्यक्रम को फिर से शुरू करने के लिए साझा प्राथमिकताओं पर सहयोग को मजबूत करने और अमेरिकी राष्ट्रीय सुरक्षा को आगे बढ़ाने के लिए कोशिशें की हैं। उन्होंने कहा कि यह दोनों देशों के बीच सैन्य सहयोग को मजबूत करेगा।
रूस से हाल में किया समझौता
हाल ही में पाकिस्तान ने अपने सैनिकों के प्रशिक्षण के लिए रूस से समझौता किया है। इसके बाद ही ट्रंप प्रशासन ने पाकिस्तान पर से प्रतिबंध हटाने का फैसला लिया है।
2 अरब डॉलर की हुई थी कटौती
2018 में सैन्य प्रशिक्षण कार्यक्रम के निलंबन की घोषणा करते हुए ट्रंप ने पाक को दी जाने वाली 2 अरब डॉलर की मदद भी रोक दी थी। ट्रंप ने कहा था कि पाकिस्तान ने पिछले 15 साल में अमेरिका से 33 अरब डॉलर लिए और बदले में सिर्फ ‘झूठ और धोखा’ दिया। पाकिस्तान ने आतंकियों को सुरक्षित पनाह भी दी, जिनका अमेरिका अफगानिस्तान में सफाया करने में लगा था।