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UN: बीएलए और मजीद ब्रिगेड को आतंकवादी संगठन घोषित करने की मांग पर चीन व पाकिस्तान को झटका,अमेरिका का वीटो

Sat, 20 Sep 2025 05:28 AM IST
शिव शुक्ला वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, न्यूयॉर्क
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, न्यूयॉर्क Published by: शिव शुक्ला Updated Sat, 20 Sep 2025 05:28 AM IST
सार

संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की बैठक में पाकिस्तान ने दावा किया था कि बीएलए, मजीद ब्रिगेड, अल-कायदा और तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (टीटीपी) जैसे आतंकी संगठन अफगानिस्तान की जमीन से काम कर रहे हैं और सीमा पार हमले कर रहे हैं। उसने यह आरोप भी लगाया कि अफगानिस्तान से फैल रहा आतंकवाद पाकिस्तान की सबसे बड़ी सुरक्षा चुनौती है।

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US veto in UNSC over demand to declare BLA and Majeed Brigade as terrorist organisations
संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद - फोटो : एएनआई

विस्तार

अमेरिका ने संयुक्त राष्ट्र में बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी (बीएलए) और उसकी आत्मघाती यूनिट मजीद ब्रिगेड पर प्रतिबंध के प्रस्ताव पर रोक लगा दी है। इस प्रस्ताव को पाकिस्तान और चीन ने मिलकर सुरक्षा परिषद की बैठक में रखा था। दोनों देशों ने बीएलए को प्रतिबंधित संगठन घोषित करने की मांग की थी। अब इस प्रस्ताव पर अमेरिकी वीटो लगने से पाकिस्तान और चीन की कोशिशें बेकार साबित हुईं, क्योंकि दोनों ही संगठनों पर पाबंदी नहीं लगाई जा सकेगी।

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संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की बैठक में पाकिस्तान ने दावा किया था कि बीएलए, मजीद ब्रिगेड, अल-कायदा और तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (टीटीपी) जैसे आतंकी संगठन अफगानिस्तान की जमीन से काम कर रहे हैं और सीमा पार हमले कर रहे हैं। उसने यह आरोप भी लगाया कि अफगानिस्तान से फैल रहा आतंकवाद पाकिस्तान की सबसे बड़ी सुरक्षा चुनौती है। दरअसल, बीएलए और मजीद ब्रिगेड पाकिस्तान में चीन द्वारा चलाई जा रही परियोजनाओं का विरोध कर रहे हैं। उसका कहना है कि ग्वादर और बलूचिस्तान क्षेत्र पर प्रांतीय संसाधनों का दुरुपयोग किया जा रहा है। यहां के लोगों को उनके हिस्से का रोजगार या अन्य सुविधाएं तक मुहैया नहीं हो पाती हैं। 
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पाकिस्तान वर्तमान में सुरक्षा परिषद का अस्थायी सदस्य
संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की बैठक में पाकिस्तान के विशेष प्रतिनिधि अहमद ने कहा था कि पाकिस्तान और चीन ने संयुक्त रूप से 1267 प्रतिबंध समिति को बीएलए और मजीद ब्रिगेड को प्रतिबंधित करने का अनुरोध किया है। हमें उम्मीद है कि परिषद उनकी आतंकवादी गतिविधियों पर अंकुश लगाने के लिए प्रस्ताव पर जल्द कार्रवाई करेगी।' पाकिस्तान वर्तमान में 15 देशों की सुरक्षा परिषद में 2025-26 के कार्यकाल के लिए एक अस्थायी सदस्य के रूप में शामिल है, जबकि चीन इस शक्तिशाली निकाय का वीटो-अधिकार प्राप्त स्थायी सदस्य है।
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बीएलए का आत्मघाती दस्ता है मजीद ब्रिगेड
पाकिस्तान 2025 के लिए संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की 1988 तालिबान प्रतिबंध समिति का अध्यक्ष और आतंकवाद-रोधी समिति का उपाध्यक्ष भी है। अहमद ने कहा कि अफगान तालिबान अधिकारियों को आतंकवाद-रोधी अपने अंतरराष्ट्रीय दायित्वों को पूरा करना चाहिए। अहमद ने कहा, 'अफगानिस्तान से पैदा हुआ आतंकवाद पाकिस्तान की राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए सबसे बड़ा खतरा बना हुआ है।' साल 2011 में गठित मजीद ब्रिगेड, बीएलए का आत्मघाती दस्ता है और यह मुख्यतः पाकिस्तान में सुरक्षा बलों और चीनी हितों को निशाना बनाता है।


पाकिस्तान में कई आत्मघाती हमलों में शामिल रहे हैं ये संगठन
पिछले महीने, अमेरिका ने बीएलए और उसकी आत्मघाती शाखा मजीद ब्रिगेड को एक विदेशी आतंकवादी संगठन घोषित किया था। कई आतंकवादी हमलों के बाद 2019 में वाशिंगटन द्वारा बीएलए को एसडीजीटी घोषित किया गया था। साल 2024 में, बीएलए ने कराची हवाई अड्डे और ग्वादर बंदरगाह प्राधिकरण परिसर के पास आत्मघाती हमले करने का दावा किया था। 2025 में, संगठन ने क्वेटा से पेशावर जा रही जाफर एक्सप्रेस ट्रेन के अपहरण की जिम्मेदारी ली, जिसमें 31 नागरिकों और सुरक्षा कर्मियों की मौत हो गई और 300 से अधिक यात्रियों को बंधक बना लिया गया था।
 

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