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Ustad Zakir Hussain: तबला वादक उस्ताद जाकिर हुसैन की हालत नाजुक, परिजन बोले- सलामती की दुआ करें

Sun, 15 Dec 2024 07:38 PM IST
पवन पांडेय वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला Published by: पवन पांडेय Updated Sun, 15 Dec 2024 07:38 PM IST
सार

Ustad Zakir Hussain: मुंबई में जन्मे दुनिया के महान तबला वादकों में से एक उस्ताद जाकिर हुसैन को दिल से जुड़ी समस्याओं के बाद अमेरिकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। रविवार देर रात उनके निधन की खबर भी सामने आई थी, जो बाद में अफवाह निकली। इसका खंडन उनकी बहन, बेटे और भांजे अमीर औलिया ने किया। परिजनों ने सलामती की दुआएं करने और गलत खबर फैलाने से बचने की अपील की है।

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तबला वादक जाकिर हुसैन आईसीयू में भर्ती - फोटो : ANI

विस्तार

मशहूर तबला वादक उस्ताद जाकिर हुसैन को हृदय संबंधी समस्याओं के बाद अमेरिका के सैन फ्रांसिस्को में एक अस्पताल के आईसीयू में भर्ती कराया गया है। इसके कुछ देर बाद ही उनके निधन की खबर भी सामने आयी थी। जो अफवाह निकली। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर @frm_heart हैंडल से जारी एक पोस्ट में जाकिर हुसैन के बेटे अमीर हुसैन ने भी स्पष्टीकरण जारी किया। उन्होंने कहा कि उनके पिता के निधन की खबरें बिल्कुल गलत हैं। वे जीवित हैं और उनकी सेहत भी अच्छी है।
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उस्ताद के बेटे की अपील- सूचना शेयर करने से पहले पुष्टि जरूर करें; मैनेजर बोलीं- दो हफ्ते से अस्पताल में
अमीर ने उस्ताद के चाहने वाले लोगों और सोशल मीडिया यूजर्स से उनके निधन की गलत खबरें प्रसारित न करने की अपील की है। उन्होंने कहा कि किसी भी सूचना को शेयर करने से पहले इसकी पुष्टि जरूर करें। अमेरिका में रह रहे 73 वर्षीय हुसैन की प्रबंधक निर्मला बचानी के मुताबिक उन्हें ब्लडप्रेशर से जुड़ी समस्या है। हृदय संबंधी समस्या के कारण वे पिछले दो सप्ताह से सैन फ्रांसिस्को के अस्पताल में भर्ती हैं।
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बहन का बयान- हालत गंभीर लेकिन इलाज जारी, दुआएं करें
पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक हुसैन की बहन खुर्शीद ने भी उनके निधन की खबरों का खंडन किया। उन्होंने कहा, उनके भाई की हालत 'बहुत गंभीर' है, लेकिन फिलहाल उपचार जारी है। खुर्शीद ने कहा, 'मेरा भाई इस समय बहुत बीमार है। हम भारत और दुनिया भर में उनके सभी प्रशंसकों से उनके स्वास्थ्य के लिए प्रार्थना करने के लिए कह रहे हैं।' उन्होंने सोशल मीडिया व अन्य माध्यमों पर गलत सूचना शेयर करने से बचने की अपील करते हुए कहा, 'मुझे फेसबुक पर ऐसी जानकारी देखकर बहुत बुरा लग रहा है। निधन की अफवाह न फैलाएं। ये बहुत गलत है।'
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जाकिर हुसैन के बहनोई ने भी सलामती की पुष्टि की
वरिष्ठ प्रसारण पत्रकार परवेज आलम ने भी संगीतकार के बहनोई अयूब औलिया के हवाले से उनकी सलामती की पुष्टि की। उन्होंने एक्स हैंडल पर एक पोस्ट में लिखा, 'तबला वादक, तालवादक, संगीतकार, पूर्व अभिनेता और महान तबला वादक उस्ताद अल्लाह रक्खा के पुत्र उस्ताद जाकिर हुसैन की तबीयत ठीक नहीं है। अमेरिका के सैन फ्रांसिस्को में एक अस्पताल में उनकी गंभीर बीमारियों का इलाज चल रहा है, यह जानकारी उनके बहनोई अयूब औलिया ने मुझे फोन पर दी।'


अभी भी अस्पताल में इलाज जारी, लेकिन सोशल मीडिया पर असभ्य बर्ताव
परवेज आलम ने कहा, लंदन में रहने वाले औलिया साहब ने जाकिर हुसैन के चाहने वालों से उनके शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना करने का अनुरोध किया है। एक अन्य पोस्ट में परवेज ने परिजनों के हवाले से मौत की गलत खबरें चलने पर पीड़ा भी प्रकट की। उन्होंने लिखा, वे कहते हैं कि उनसे बहुत प्यार करते हैं... वे सबसे महान तबला वादक बताने के बावजूद उनके साथ अपनी तस्वीरें पोस्ट करने में समय बर्बाद नहीं करना चाहते...। वे उन्हें दफनाना चाहते हैं, जबकि अभी भी अस्पताल में इलाज जारी है।' परवेज ने लिखा, जाकिर हुसैन का परिवार अनुरोध कर रहा है कि कृपया उनके शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना करें। ऐसा लगता है कि लोगों ने पहले से ही अपनी रील/श्रद्धांजलि/कहानियां तैयार कर रखी हैं। वे बस इंतजार नहीं कर सकते। परवेज ने ऐसी प्रतिक्रियाओं को असभ्य सोशल मीडिया का बर्ताव बताया।

भांजे ने भी मौत की खबरों का खंडन किया
इससे पहले उस्ताद जाकिर हुसैन के भांजे अमीर औलिया ने भी दावा किया कि उनके मामा जाकिर हुसैन जीवित हैं। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर ट्वीट में उन्होंने लिखा- हम समाचार मीडिया से अनुरोध करेंगे कि वे गलत सूचना पोस्ट न करें। हम प्रार्थना करते हैं और हम सभी उनके लिए दुआ करें। हालांकि, अमीर का यह एक्स हैंडल- @AmeerAulia वेरिफाइड नहीं है। 'हम अपने मामा के स्वास्थ्य के लिए प्रार्थना करते हैं'
एक अन्य पोस्ट में अमीर औलिया ने लिखा- मैं जाकिर हुसैन का भांजा हूं और उनका निधन नहीं हुआ है। हम अपने मामा के स्वास्थ्य के लिए प्रार्थना करते हैं। क्या आप कृपया इस गलत सूचना को हटा सकते हैं। उनकी हालत गंभीर है और हम दुनिया भर में उनके सभी प्रशंसकों से उनके स्वास्थ्य के लिए प्रार्थना करने का अनुरोध करते हैं।
ब्लड प्रेशर की समस्या से पीड़ित हैं जाकिर हुसैन, दोस्त राकेश चौरसिया ने दी जानकारी
वहीं उस्ताद जाकिर हुसैन के एक करीबी सूत्र ने बताया, 73 वर्षीय अमेरिकी संगीतकार को रक्तचाप (ब्लड प्रेशर) की समस्या हैं। उन्होंने कहा, 'उन्हें पिछले एक सप्ताह से हृदय संबंधी समस्या के कारण सैन फ्रांसिस्को के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया है।' बता दें कि, उस्ताद जाकिर हुसैन के पिता अल्लाह रक्खा भी मशहूर तबला वादक थे। उनके मित्र और बांसुरी वादक राकेश चौरसिया ने यह जानकारी साझा की है। राकेश चौरसिया ने बताया कि, 'वह अस्वस्थ हैं और अभी आईसीयू में भर्ती हैं। हम सभी उनकी स्थिति को लेकर चिंतित हैं। सरकार के आधिकारिक एक्स हैंडल पर आई गलत सूचना, बाद में डिलीट हुआ पोस्ट
इससे पहले, केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के आधिकारिक ‘एक्स’ हैंडल पर भी जाकिर हुसैन के निधन की सूचना साझा की गई। हालांकि, निधन की खबर गलत पाए जाने पर बाद में इस पोस्ट को हटा दिया गया।

मुंबई में हुआ था उस्ताद जाकिर हुसैन का जन्म
मशहूर तबला वादक उस्ताद जाकिर हुसैन का जन्म 1951 में महाराष्ट्र की राजधानी मुंबई में हुआ था। उस्ताद जाकिर हुसैन को दुनिया के महान तबला वादकों में से एक माना जाता है। भारत सरकार ने उन्हें पद्म श्री, पद्म भूषण और पद्म विभूषण से सम्मानित किया था। साल 1999 में उन्हें 'यूएस नेशनल एंडॉमेंट फॉर द आर्ट्स' ने नेशनल हेरिटेज फेलोशिप से सम्मानित किया था, इसके बाद उस्ताद जाकिर हुसैन को भारतीय शास्त्रीय संगीत के ग्लोबल एंबेसडर के रूप में मान्यता मिली।

व्हाइट हाउस में भी दी थी परफॉर्मेंस
तबला वादक उस्ताद जाकिर हुसैन पहले भारतीय संगीतकार हैं, जिन्हें पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने ऑल-स्टार ग्लोबल कॉन्सर्ट के लिए व्हाइट हाउस में आमंत्रित किया था। वहीं उनके करियर के शुरुआत की बात करें तो उन्होंने मात्र तीन साल की उम्र में ही संगीत सीखना शुरू किया था। जबकि सात साल उम्र में उन्होंने अपना पहला परफॉर्मेंस दिया था।

भारत में सर्वोच्च नागरिक सम्मानों में तीन से नवाजे गए
बता दें कि जाकिर हुसैन महान तबला वादक अल्लाह रक्खा के सबसे बड़े बेटे हैं। हुसैन ने अपने करियर में पांच ग्रैमी पुरस्कार प्राप्त किए हैं, जिनमें से तीन इस साल की शुरुआत में 66वें ग्रैमी पुरस्कार में मिले थे। भारत के सबसे प्रसिद्ध शास्त्रीय संगीतकारों में से एक हुसैन को 1988 में भारत का चौथा सबसे बड़ा नागरिक सम्मान पद्म श्री, 2002 में पद्म भूषण और 2023 में पद्म विभूषण से सम्मानित किया गया।
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