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US: ट्रंप के कार्यकारी आदेशों की अब सुप्रीम कोर्ट में परीक्षा, फैसलों पर पूरे देश की निगाहें टिकीं
Mon, 10 Feb 2025 02:01 PM IST
नितिन गौतम
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वॉशिंगटन
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वॉशिंगटन
Published by: नितिन गौतम
Updated Mon, 10 Feb 2025 02:01 PM IST
सार
सुप्रीम कोर्ट में कई जज ऐसे हैं, जिनकी नियुक्ति खुद ट्रंप ने की थी। ऐसे में ट्रंप के कई फैसलों पर सुप्रीम कोर्ट क्या आदेश देता है, इस पर पूरे देश की नजरें हैं।
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अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप
- फोटो : आकाशवाणी
विस्तार
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के कई कार्यकारी आदेश को कानूनी तौर पर चुनौती दी गई है और कई मामलों पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई होनी है। ऐसे में ट्रंप प्रशासन के कार्यकारी आदेश लागू होंगे या नहीं, इसका फैसला सुप्रीम कोर्ट करेगा। गौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट में कई जज ऐसे हैं, जिनकी नियुक्ति खुद ट्रंप ने की थी। ऐसे में ट्रंप के कई फैसलों पर सुप्रीम कोर्ट क्या आदेश देता है, इस पर पूरे देश की नजरें हैं।
इन मामलों को लेकर सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर रहेंगी निगाहें
न्यूयॉर्क यूनिवर्सिटी के ब्रेनन सेंटर के अध्यक्ष और कानूनी विशेषज्ञ और लेखक माइकल वाल्डमैन का कहना है कि यह सुप्रीम कोर्ट की परीक्षा होगी कि वे संविधान के सिद्धातों के साथ हैं या नहीं। कई चीजें गैरकानूनी हैं और मुझे उम्मीद है कि सुप्रीम कोर्ट उनके लिए स्टैंड लेगा। डोनाल्ड ट्रंप के कई कार्यकारी आदेशों पर विवाद है और बहुत संभव हैं कि उन्हें चुनौती दी जाए। जन्मसिद्ध नागरिकता और संघीय कर्मचारियों को नौकरी से निकालने जैसे सरकार के कदमों को पहले ही निचली अदालतों में चुनौती दी गई और उन पर रोक भी लगी। अब सरकार इन मामलों को लेकर सुप्रीम कोर्ट जाने वाली है।
जिन आदेशों पर विवाद है, उनमें ट्रांसजेंडर्स पर प्रतिबंध, शरणार्थियों की संख्या सीमित करने, यूएसएआईडी द्वारा फंडिंग पर रोक, एलन मस्क औऱ उनकी टीम की संवेदनशील डेटा तक पहुंच जैसे मामले हैं, जिन पर भी सुप्रीम कोर्ट सुनवाई कर सकता है। अपने पिछले कार्यकाल में भी ट्रंप को अपने कई फैसलों को लेकर सुप्रीम कोर्ट के विरोध का सामना करना पड़ा था। वहीं कई मामलों में सुप्रीम कोर्ट ने ट्रंप सरकार के आदेशों को बरकरार भी रखा था। अब इस कार्यकाल में सुप्रीम कोर्ट क्या रुख अपनाता है, इस पर लोगों की निगाहें हैं।
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इन मामलों को लेकर सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर रहेंगी निगाहें
न्यूयॉर्क यूनिवर्सिटी के ब्रेनन सेंटर के अध्यक्ष और कानूनी विशेषज्ञ और लेखक माइकल वाल्डमैन का कहना है कि यह सुप्रीम कोर्ट की परीक्षा होगी कि वे संविधान के सिद्धातों के साथ हैं या नहीं। कई चीजें गैरकानूनी हैं और मुझे उम्मीद है कि सुप्रीम कोर्ट उनके लिए स्टैंड लेगा। डोनाल्ड ट्रंप के कई कार्यकारी आदेशों पर विवाद है और बहुत संभव हैं कि उन्हें चुनौती दी जाए। जन्मसिद्ध नागरिकता और संघीय कर्मचारियों को नौकरी से निकालने जैसे सरकार के कदमों को पहले ही निचली अदालतों में चुनौती दी गई और उन पर रोक भी लगी। अब सरकार इन मामलों को लेकर सुप्रीम कोर्ट जाने वाली है।
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जिन आदेशों पर विवाद है, उनमें ट्रांसजेंडर्स पर प्रतिबंध, शरणार्थियों की संख्या सीमित करने, यूएसएआईडी द्वारा फंडिंग पर रोक, एलन मस्क औऱ उनकी टीम की संवेदनशील डेटा तक पहुंच जैसे मामले हैं, जिन पर भी सुप्रीम कोर्ट सुनवाई कर सकता है। अपने पिछले कार्यकाल में भी ट्रंप को अपने कई फैसलों को लेकर सुप्रीम कोर्ट के विरोध का सामना करना पड़ा था। वहीं कई मामलों में सुप्रीम कोर्ट ने ट्रंप सरकार के आदेशों को बरकरार भी रखा था। अब इस कार्यकाल में सुप्रीम कोर्ट क्या रुख अपनाता है, इस पर लोगों की निगाहें हैं।
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