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US: ईरान की धमकी के बाद अमेरिका ने इन देशों से की बात, कहा- मध्य पूर्व में तनाव बढ़ना किसी के हित में नहीं

Fri, 12 Apr 2024 07:48 AM IST
काव्या मिश्रा वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वॉशिंगटन
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वॉशिंगटन Published by: काव्या मिश्रा Updated Fri, 12 Apr 2024 07:48 AM IST
सार

हाल ही में सीरिया में ईरान के वाणिज्य दूतावास पर हमला हुआ था। ईरान ने इसका आरोप इस्राइल पर लगाया है। इसी हमले के जवाब में ईरान, इस्राइल के खिलाफ कार्रवाई की तैयारी कर रहा है।

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US State Secy Antony Blinken Urges Turkey Chinese Saudi to Press Iran to Deescalate Tension in Middle East
Antony Blinken - फोटो : Social Media

विस्तार

हमास-इस्राइल जंग के बीच एक और युद्ध छिड़ता दिख रहा है। बताया जा रहा है कि ईरान इस्राइल पर बड़े हमले की तैयारी कर रहा है। हालांकि, अमेरिका लगातार इस बात पर जोर दे रहा कि मध्य पूर्व में तनाव बढ़ना किसी के हित में नहीं होगा। दरअसल हाल ही में सीरिया में ईरान के वाणिज्य दूतावास पर हमला हुआ था। ईरान ने इसका आरोप इस्राइल पर लगाया है। इसी हमले के जवाब में ईरान, इस्राइल के खिलाफ कार्रवाई की तैयारी कर रहा है। 

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तनाव बढ़ना किसी के हित में नहीं
ईरान लगातार चेतावनी दे रहा है। इसको देखते हुए अमेरिकी विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन ने पिछले 24 घंटों में अपने तुर्की, चीनी और सऊदी समकक्षों से बात की और स्पष्ट किया तनाव बढ़ना किसी के हित में नहीं है।
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अमेरिका के विदेश विभाग के प्रवक्ता मैथ्यू मिलर ने कहा कि क्षेत्र में तनाव बढ़ने के खतरे के बारे में वाशिंगटन चिंतित है, विशेष रूप से ईरान द्वारा इस्राइल को दी गई धमकियों के बाद। वहीं, ब्रिटिश विदेश सचिव डेविड कैमरन ने भी कहा कि उन्होंने अपने ईरानी समकक्ष से बात की और यह स्पष्ट कर दिया था कि ईरान को मध्य पूर्व को संघर्ष में नहीं खींचना चाहिए।
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आगे के हमलों को रोकने के लिए काम हो
उन्होंने कहा, 'आज मैंने विदेश मंत्री अमीर अब्दुल्लाहियान से बात की और स्पष्ट कर दिया कि ईरान को मध्य पूर्व को संघर्ष में नहीं खींचना चाहिए। मैं गलत अनुमान के कारण आगे की हिंसा की संभावना के बारे में गहराई से चिंतित हूं। ईरान को इसके बजाय तनाव कम करने और आगे के हमलों को रोकने के लिए काम करना चाहिए।'

रिपोर्ट में कहा गया है कि ईरान ने किसी भी हमले का सख्त जवाब देने का संकल्प लिया है। इसको देखते हुए इस्राइली रक्षा मंत्री योआव गैलेंट ने अमेरिकी रक्षा सचिव लॉयड ऑस्टिन को फोन किया और ईरान द्वारा हमला किए जाने की संभावना की तैयारियों पर चर्चा की। गैलेंट ने सोशल मीडिया पर कहा, 'इस्राइल और अमेरिका के बीच सुरक्षा सहयोग शक्तिशाली है। 

इससे पहले, ईरान द्वारा जवाबी कार्रवाई की कसम खाने पर अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन ने इस्राइल को अपना समर्थन दिए जाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा, 'जैसा कि मैंने प्रधानमंत्री नेतन्याहू से कहा, ईरान और उसके सहयोगियों से इन खतरों से इस्राइल की सुरक्षा के प्रति हमारी प्रतिबद्धता दृढ़ है।'

बाइडन ने बुधवार को यहां आए जापानी प्रधानमंत्री किशिदा फुमियो के साथ व्हाइट हाउस में एक संवाददाता सम्मेलन में कहा, 'हम इस्राइल की सुरक्षा के लिए हर संभव प्रयास करेंगे।'

ईरान ने दी थी धमकी
ईरानी राष्ट्रपति के राजनीतिक मामलों के डिप्टी चीफ ऑफ स्टाफ मोहम्मद जमशीदी ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट साझा किया था। इस पोस्ट में उन्होंने लिखा था कि अमेरिका को बीच में नहीं आना चाहिए ताकि वह हमले की चपेट में न आ जाए। जमशीदी ने कहा था कि अमेरिका ने ईरान से कहा है कि वह अमेरिकी ठिकानों को निशाना न बनाए। अमेरिकी मीडिया के अनुसार, ईरान की चेतावनी के बाद अमेरिका भी हाई अलर्ट पर है और इस्राइल में अपने ठिकानों की सुरक्षा को लेकर चिंतित है। बीते दिनों सीरिया में ईरान के वाणिज्य दूतावास पर हमला हुआ था। इस हमले में ईरानी सेना के एक वरिष्ठ जनरल समेत 13 लोग मारे गए थे। ईरान इस हमले का आरोप इस्राइल पर लगा रहा है, लेकिन इस्राइल ने आरोपों पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है।

पश्चिम एशिया में लड़ाई बढ़ने की बढ़ी आशंका
इस्राइल द्वारा काफी दिनों से सीरिया में ईरान से जुड़े ठिकानों पर हमला किया जा रहा था, लेकिन ताजा हमला अपने आप में पहला है, जिसमें ईरानी दूतावास को निशाना बनाया गया। ईरानी दूतावास पर हमले में हिजबुल्ला के लड़ाके भी मारे गए हैं। अब हिज्बुल्ला के नेता हसन नसरल्ला ने बीते शुक्रवार को कहा था कि 'बेशक ईरान जवाब देगा'। लेकिन उन्होंने कहा था कि 'हिज्बुल्ला इसमें कोई दखल नहीं देगा।' इस्राइल हमास युद्ध के बीच ईरान द्वारा इस्राइल पर हमले की तैयारी से संघर्ष के पश्चिम एशिया के बड़े इलाके में फैलने का डर भी पैदा हो गया है।


हाई अलर्ट पर इस्राइल
मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया जा रहा है कि ईरान के संभावित हमले को देखते हुए इस्राइल भी हाई अलर्ट पर है और इस्राइल में कई जगहों पर नेविगेशन सिस्टम बंद कर दिया गया है। इस्राइल को आशंका है कि ईरान, इस्राइल पर हमले के लिए गाइडेड मिसाइल और ड्रोन्स का इस्तेमाल कर सकता है। ऐसे में नेविगेशन बंद होने से ईरान को परेशानी होगी। इस्राइल में लोकेशन पर आधारित एप सर्विस भी बंद कर दी है। इस्राइली सेना ने अपने सैनिकों की छुट्टियां रद्द कर दी हैं और उनकी तैनाती के आदेश दिए हैं। कई शहरों में एंटी बॉम्ब शेल्टर शुरू कर दिए गए हैं।

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