फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   World ›   US State Department Spokesperson Matthew Miller said Ukraine war on top topic in G20 summit

Ukraine War: जी-20 समिट में यूक्रेन युद्ध मुख्य विषयों में शामिल, अमेरिकी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता का दावा

Wed, 09 Aug 2023 08:38 AM IST
जलज मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाशिंगटन
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाशिंगटन Published by: जलज मिश्रा Updated Wed, 09 Aug 2023 08:38 AM IST
सार

संयुक्त राज्य अमेरिका के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता मैथ्यू मिलर ने कहा कि जी-20 समिट के दौरान सहयोगियों और साझेदारों के साथ बैठक और बातचीत में हम यूक्रेन युद्ध पर चर्चा करना चाहते हैं। यह हमारी बातचीत के शीर्ष विषयों में से एक होगा और इसमें मुझे कोई संदेह नहीं है।

विज्ञापन
US State Department Spokesperson Matthew Miller said Ukraine war on top topic in G20 summit
मैथ्यू मिलर, प्रवक्ता, अमेरिकी विदेश विभाग। - फोटो : ANI

विस्तार

अगले महीन दिल्ली में आयोजित होने जा रहा जी-20 शिखर सम्मेलन को कामयाब बनाने के लिए भारत पूरी ताकत के साथ जुटा है, लेकिन पिछले वर्ष जिस तरह से इंडोनेशिया में जी-20 शिखर सम्मेलन का हश्र हुआ, कुछ इसी तरह इस बार भी शिखर सम्मेलन यूक्रेन युद्ध पर चर्चा की भेंट चढ़ सकता है।

विज्ञापन


अमेरिकी विदेश विभाग के प्रवक्ता मैथ्यू मिलर ने मंगलवार को कहा, यूक्रेन-रूस युद्ध वैश्विक चिंता का विषय है। अमेरिका के लिए इस युद्ध पर चर्चा करना शीर्ष प्राथमिकता है। लिहाजा, अगले महीने भारत में होने वाले जी-20 शिखर सम्मेलन में अमेरिका इस मुद्दे को पुरजोर तरीके से उठाएगा। असल में मिलर से पूछा गया था कि क्या बाइडन नई दिल्ली में होने जा रहे जी-20 शिखर सम्मेलन में यूक्रेन के मुद्दे पर उतना ही जोर देंगे, जितना पिछले वर्ष बाली में दिया था। जवाब में मिलर ने कहा, इसमें कोई संदेह नहीं है कि अमेरिकी राष्ट्रपति बाइडन के लिए यूक्रेन में संघर्ष पर चर्चा करना सर्वोच्च प्राथमिकता होगी। जी-20 शिखर सम्मेलन के दौरान बाइडन अपने सहयोगियों और साझेदारों के साथ यूक्रेन युद्ध पर विस्तार से चर्चा करना चाहते हैं। 
विज्ञापन


जी-20 शिखर सम्मेलन से यूक्रेन संकट का हल निकलने के सवाल पर मैथ्यू मिलर ने कहा, अमेरिका सभी सहयोगियों और साझेदारों के साथ इस मुद्दे पर लगातार बातचीत कर रहा है। यह ऐसा मुद्दा है, जो सभी मंचों और सभी तरह की बातचीत में उठाया जा रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन


भारत के लिए बढ़ेगी मुश्किल
भारत में हो रही जी-20 की तमाम बैठकों की साझा घोषणा पत्र में पश्चिमी देश रूस के खिलाफ कठोर आलोचना को शामिल करना चाहते हैं। जबकि, साझा घोषणा पत्र तभी जारी होगा, जब सभी देश पूरी तरह सहमत हों। बहरहाल, रूस, चीन के अलावा भारत भी रूस के खिलाफ कठोर आलोचना के पक्ष में नहीं है। ऐसे में साझा घोषणा पत्र जारी करना, तो मुश्किल ही होगा, वहीं इस बात की भी आशंका है कि पश्चिमी देश बैठक को मूल मुद्दे से हटाकर यूक्रेन संकट की तरफ खींच ले जाएं, जिससे कोई सार्थक नतीजे न निकल पाएं।


पिछले वर्ष खेमेबाजी में जाया हुआ वक्त
पिछले वर्ष जी-20 शिखर सम्मेलन के दौरान मेजबान इंडोनिशया के लिए बेहद मुश्किल हालात बन गए थे, क्योंकि ज्यादातर देश खेमों में बंट गए, जिनमें एक खेमा अमेरिका के नेतृत्व में यूक्रेन का समर्थक था, जबकि दूसरा खेमा रूस के खिलाफ जी-20 के मंच से कठोर वक्तव्य देने के खिलाफ था। आखिर में बैठक के बाद साझा घोषणा पत्र जारी नहीं किया गया और इंडोनेशिया ने अध्यक्षीय बयान के साथ इसका समापन किया।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get latest World News headlines in Hindi related political news, sports news, Business news all breaking news and live updates. Stay updated with us for all latest Hindi news.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed