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अमेरिका में राष्ट्रपति चुनाव के साथ ही सबकी निगाहें नए सीनेट पर
Mon, 02 Nov 2020 06:10 PM IST
अनिल पांडेय
वर्ल्ड डेस्क, वॉशिंगटन
वर्ल्ड डेस्क, वॉशिंगटन
Published by: अनिल पांडेय
Updated Mon, 02 Nov 2020 06:10 PM IST
सार
- मंगलवार को सीनेट और हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव के सदस्यों का भी होगा चुनाव
- दस सालों से रहा है रिपब्लिकन पार्टी का बहुमत, इस बार बाजी पलटने के आसार
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अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव 2020
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार
अमेरिका में राष्ट्रपति कौन चुना जाता है, इसके साथ-साथ ये पहलू भी बेहद अहम है कि सीनेट में किसका बहुमत होगा। मंगलवार को राष्ट्रपति के साथ-साथ सीनेट के एक तिहाई और हाउस ऑफ रिप्रजेंटेटिव के पूरे सदन के चुनाव के लिए भी मतदान होंगे। 2010 से सीनेट में रिपब्लिकन पार्टी का बहुमत रहा है। लेकिन चुनाव पूर्व सर्वेक्षणों में अनुमान लगाया गया है कि इस बार डेमोक्रेटिक पार्टी को वहां बढ़त मिल सकती है। हाउस ऑफ रिप्रजेंटेटिव में निवर्तमान सदन में डेमोक्रेटिक पार्टी का बहुमत था।
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अमेरिकी संसद (कांग्रेस) के ऊपरी सदन सीनेट में 100 सदस्य होते हैं, जिनमें से एक तिहाई का हर दूसरे साल प्रत्यक्ष निर्वाचन प्रणाली से चुनाव होता है। सीनेट में सभी 50 राज्यों से दो-दो सदस्य चुने जाते हैं। हाउस ऑफ रिप्रजेंटेटिव में 438 सदस्य हैं। इस सदन में राज्यों को उनकी जनसंख्या के अनुपात में प्रतिनिधित्व मिलता है। ये सदन दो साल के लिए चुना जाता है। अमेरिकी शासन प्रणाली शक्तियों के पूर्ण बंटवारे के सिद्धांत पर आधारित है, जिसमें कांग्रेस की शक्तियां तय हैं। उनमें सीनेट अधिक शक्तिशाली है, जहां से पारित हुए बिना राष्ट्रपति का कोई महत्त्वपूर्ण कदम लागू नहीं हो सकता। इसीलिए सीनेट में बहुमत को निर्णायक महत्त्व का समझा जाता है।
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इस बार लगाए गए एक अनुमान के मुताबिक डेमोक्रेटिक पार्टी के दो से लेकर सात तक अधिक सदस्य सीनेट के लिए निर्वाचित हो सकते हैं। चुनावी आकलन करने वाली वेबसाइट फाइवथर्टीएट.कॉम के मुताबिक नए सीनेट में डेमोक्रेटिक पार्टी के सदस्यों की संख्या 48 से 57 तक हो सकती है। चुनावी सर्वेक्षणों का औसत प्रकाशित करने वाली वेबसाइट रियलक्लीयरपॉलिटिक्स.कॉम के मुताबिक नए सीनेट में रिपब्लिकन पार्टी के 46 और डेमोक्रेटिक पार्टी 45 सदस्य होना तय है। नौ सीटों के चुनाव में कड़ा मुकाबला है, जिनमें से पांच सीटें डेमोक्रेटिक पार्टी के पक्ष में जाती दिख रही हैँ।
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हाउस ऑफ रिप्रजेंटिटेव में डेमोक्रेटिक पार्टी का बहुमत बने रहने का अनुमान है। उसे 210 और रिपब्लिकन पार्टी को 186 सीटें मिलने की भविष्यवाणी की गई है। बाकी सीटों पर स्थिति साफ नहीं है। राष्ट्रपति और कांग्रेस के चुनाव के अलावा कई राज्यों के गवर्नरों और राज्यों की विधायिका के लिए भी मतदान होगा।
खासकर सीनेट के नतीजे आने में इस बार देर होने की संभावना है। वजह बड़ी संख्या में डाक से आए वोट हैं, जिनकी गिनती में सामान्य से ज्यादा समय लग सकता है। इसके अलावा कई राज्यों में मुकाबला इतना कड़ा है कि आखिरी वक्त तक की गिनती का इंतजार करना होगा। डाक से आए बहुत से वोटों को कानूनी चुनौती दिए जाने की आशंकाएं भी हैं, जिसकी वजह से मुमकिन है कि कई सीनेट सीटों पर स्थिति मंगलवार रात (भारत में बुधवार दिन) तक साफ न हो पाए।
डेमोक्रेटिक पार्टी के जो बिडेन कई महत्त्वपूर्ण कदम उठाने के वायदे के साथ चुनाव लड़ रहे हैं। इनमें न्यूनतम मजदूरी बढ़ाना, हेल्थ केयर का दायरा बढ़ाना, लॉकडाउन से प्रभावित श्रमिकों के लिए राहत की व्यवस्था करना, जलवायु परिवर्तन रोकने की योजना लागू करना, आदि शामिल हैं। अगर वो राष्ट्रपति बने, तब भी वे ये सब काम तभी कर पाएंगे, अगर सीनेट में उनकी पार्टी का बहुमत हो। वरना, वे उन हालात के शिकार हो सकते जा हैं, जिनकी वजह से अतीत में कई राष्ट्रपति बेअसर साबित हुए।