सऊदी हमला : अमेरिका ने ईरान के केंद्रीय बैंक और फंड पर लगाया प्रतिबंध
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अमेरिका ने ईरान के खिलाफ लगाए गए प्रतिबंधों में बढ़ोतरी कर दी है। शुक्रवार को ईरान के केंद्रीय बैंक और एक डेवलपमेंट फंड को भी प्रतिबंध के दायरे में ले लिया गया है। पिछले सप्ताह सऊदी अरब के तेल संयंत्रों पर हुए आतंकी हमले के बाद यह पहली बड़ी कार्रवाई है। इन हमलों के लिए रियाद और वाशिंगटन, दोनों ने ईरान को ही जिम्मेदार ठहराया था।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस सप्ताह ट्विटर पर प्रतिबंधों को बढ़ाने की घोषणा की थी। अमेरिकी दौरे पर आए हुए ऑस्ट्रेलियाई प्रधानमंत्री स्कॉट मौरिसन के साथ व्हाइट हाउस में प्रेस कांफ्रेंस में पहुंचे ट्रंप ने शुक्रवार को बताया कि तेहरान पर प्रतिबंध बढ़ा दिए गए हैं। ट्रंप ने कहा कि शुक्रवार को की गई कार्रवाई ‘प्रतिबंधों का सर्वोच्च स्तर’ है।
अमेरिकी ट्रेजरी सचिव स्टीवन मेनुचिन ने अपने बयान में बताया कि सेंट्रल बैंक ऑफ ईरान, द नेशनल डेवलपमेंट फंड ऑफ ईरान और एक ईरानी कंपनी एतेमाद तेजारेत पार्स पर प्रतिबंध लगाया गया है। इन तीनों को अमेरिकी अधिकारियों ने ईरानी सेना की खरीद के लिए होने वाले गोपनीय वित्तीय लेनदेन में शामिल पाया था।
हालांकि यह स्पष्ट नहीं हो सका है कि ताजा प्रतिबंधों से ईरान के ऊपर तत्काल कितना प्रभाव पड़ेगा। इससे पहले ईरान के विदेश मंत्री, इस्लामिक रेवोल्यूशनरी गार्ड्स कॉर्प्स, स्पेस एजेंसी और अन्य कई नेटवर्क प्रतिबंधित किए गए थे। इन पर ईरान के परमाणु कार्यक्रम को मदद पहुंचाने का आरोप था।
सैन्य विकल्प की गुंजाइश हमेशा
ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई की संभावना के बारे में राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा कि अमेरिका हमेशा तैयार है और सैन्य कार्रवाई की हमेशा गुंजाइश है। हालांकि उन्होंने कहा कि वह टकराव का शांतिपूर्ण हल चाहते हैं।