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US: ट्रंप ने चार भारतीय कंपनियों पर लगाया प्रतिबंध, ईरान से तेल व्यापार करने के चलते की कार्रवाई

Tue, 25 Feb 2025 09:10 AM IST
राहुल कुमार वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वॉशिंगटन
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वॉशिंगटन Published by: राहुल कुमार Updated Tue, 25 Feb 2025 09:10 AM IST
सार

Donald Trump:  अमेरिकी विदेश विभाग ने ईरान के पेट्रोलियम और पेट्रोकेमिकल उद्योग से जुड़ाव के लिए 16 कंपनियों को चिह्नित किया है और उनके खिलाफ प्रतिबंध लगाए हैं। इन कंपनियों में चार भारत से संबंध रखती हैं। 

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US sanctions Four Indian companies are among 16 firms for involvement in Iran's oil industry
डोनाल्ड ट्रंप, अमेरिकी राष्ट्रपति - फोटो : ANI

विस्तार

अमेरिका ने ईरान के पेट्रोलियम और पेट्रोकेमिकल उद्योग से जुड़ाव के आरोप में 16 कंपनियों पर प्रतिबंध लगाया है। इनमें चार भारतीय कंपनियां भी हैं। अमेरिकी वित्त मंत्रालय के एक बयान के अनुसार, प्रतिबंधित भारतीय कंपनियां ऑस्टिनशिप मैनेजमेंट प्रा. लि., बीएसएम मरीन एलएलपी, कॉसमॉस लाइन्स इंक व फ्लक्स मैरीटाइम एलएलपी हैं।

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बयान में कहा गया कि अमेरिकी विदेश मंत्रालय ईरान के पेट्रोलियम व पेट्रोकेमिकल उद्योग से जुड़ाव वाली 16 कंपनियों की पहचान कर उन पर प्रतिबंध लगा रहा है। विदेश मंत्रालय ने, वित्त मंत्रालय के विदेशी संपत्ति नियंत्रण कार्यालय (ओएफएसी) के साथ मिलकर, 22 व्यक्तियों पर भी प्रतिबंध लगाया है। साथ ही, ईरान के तेल उद्योग से उनके जुड़ाव के कारण विभिन्न क्षेत्रों में उनके 13 जहाजों को प्रतिबंधित संपत्ति के रूप में चिह्नित किया है। ओएफएसी ने कहा, प्रतिबंध में संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) और हांगकांग में तेल दलाल, भारत और पीपुल्स रिपब्लिक ऑफ चाइना (पीआरसी) में टैंकर ऑपरेटर और प्रबंधक, ईरान की नेशनल ईरानी ऑयल कंपनी के प्रमुख और ईरानी ऑयल टर्मिनल कंपनी शामिल हैं। इनके संचालन से ईरान की अस्थिर गतिविधियों को वित्तपोषित करने में मदद मिलती है। प्रतिबंधित जहाज करोड़ों डॉलर मूल्य के कच्चे तेल के दसियों लाख बैरल की शिपिंग के लिए जिम्मेदार हैं।  
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पिछले वर्ष भी 3 माह में 4 कंपनियां हुईं प्रतिबंधित
यह पहली बार नहीं है जब भारतीय कंपनियों के टैंकरों के बेड़े को प्रतिबंधित किया गया है। गत वर्ष अक्तूबर में, गब्बारो शिप सर्विसेज को ईरानी तेल ढोने को लेकर प्रतिबंधित किया गया था। अगस्त व सितंबर में, तीन भारत-पंजीकृत शिपिंग फर्मों को रूसी परियोजना से तरलीकृत प्राकृतिक गैस ढोने के आरोप में अमेरिका ने प्रतिबंधित किया था।
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ईरान पर दबाव के लिए की कार्रवाई
ईरानी शासन अपने परमाणु खतरे, बैलिस्टिक मिसाइल कार्यक्रम और आतंकवादी समूहों को समर्थन के साथ वैश्विक सुरक्षा को अस्थिर करना जारी रखा हुआ है। ईरान के तेल निर्यात को कई अधिकार क्षेत्रों में अवैध शिपिंग सुविधाकर्ताओं के एक नेटवर्क द्वारा सक्षम किया जाता है, जो भ्रम और धोखे के माध्यम से, एशिया में खरीदारों को बिक्री के लिए ईरानी तेल लोड और परिवहन करते हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप के ईरान पर अधिकतम दबाव अभियान के तहत यह कार्रवाई की जा रही है, ताकि अस्थिर गतिविधियों को वित्तपोषित करने के लिए इस्तेमाल होने वाला राजस्व का प्रवाह को रोका जा सके।


ईरान से व्यवहार रखने पर सख्ती
दरअसल, अमेरिका ने ईरान के साथ ट्रंप के पिछले कार्यकाल में ही परमाणु मुद्दे पर संबंध तोड़े थे। इसे लेकर बाइडन प्रशासन ने भी ईरान के साथ तेल खरीदने वाले देशों पर रोक लगाई, लेकिन अब ट्रंप के दोबारा सत्ता में आने के बाद उस पर कड़े कदम उठाए जा रहे हैं। सख्त कार्रवाई में ईरान से व्यवहार रखने वाली कंपनियों पर भी सख्ती बरती जा रही है।

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