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बाइडन-पुतिन वार्ता संपन्न: अमेरिकी राष्ट्रपति ने इसे दो महान शक्तियों की बैठक बताया
Thu, 17 Jun 2021 01:32 AM IST
देव कश्यप
पीटीआई, जिनेवा
पीटीआई, जिनेवा
Published by: देव कश्यप
Updated Thu, 17 Jun 2021 01:32 AM IST
सार
- दुनिया के दो शक्तिशाली देशों अमेरिका और रूस के राष्ट्रपतियों के बीच आयोजित शिखर बैठक संपन्न हो गई है।
- शिखर बैठक संपन्न होने के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति बाइडन ने इसे दो महान शक्तियों की बैठक बताया।
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Russian President Vladimir Putin and US President Joe Biden
- फोटो : Twitter
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विस्तार
अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडन और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के बीच जिनेवा में आयोजित शिखर बैठक बुधवार को संपन्न हो गई। इस अवसर पर बाइडन ने कहा कि दो महान शक्तियों ने उम्मीद से काफी पहले यह वार्ता संपन्न की।
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बाइडन ने मानवाधिकार पर जोर दिया
अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन ने कहा कि उन्होंने रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ अपनी बैठक में मानवाधिकारों के मुद्दों पर जोर दिया। इसमें दो अमेरिकियों के मामले शामिल हैं जिनके बारे में बाइडन का कहना है कि उन्हें रूस में ‘गलत तरीके से कैद’ रखा गया है। बाइडन ने यह भी कहा कि वह पुतिन विरोधी नेता एलेक्सी नवेलनी जैसे मामलों के बारे में अपनी चिंताओं को उठाते रहेंगे। नवेलनी अभी जेल में बंद हैं।
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बाइडन ने कहा कि वह ‘मूलभूत मानवाधिकारों के मुद्दों के बारे में चिंताओं को उठाते रहेंगे क्योंकि हम ऐसे ही हैं।’ बुधवार को जिनेवा में पुतिन के साथ करीब चार घंटे की मुलाकात के बाद बाइडन ने यह टिप्पणी की।
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बैठक पहले छोटे सत्र में हुई और फिर बड़ी बैठक हुई जिसमें दोनों पक्षों से और अधिक अधिकारी शामिल हुए तथा फिर यह 65 मिनट तक और चली। यह सत्र दो हिस्सों में होना था, लेकिन दूसरे हिस्से के बिना ही संपन्न हो गया। दोनों पक्षों ने कहा कि उन्हें उम्मीद थी कि बैठक चार से पांच घंटे चलेगी, लेकिन यह तीन घंटे से कम समय ही चली।
यह बैठक ऐसे समय हुई जब दोनों नेताओं ने कहा कि उनके देशों के बीच संबंध अब तक के निम्नतम स्तर पर हैं। बैठक शुरू होने से पहले दोनों नेता कुछ समय के लिए मीडिया के समक्ष आए और इसे दो महान शक्तियों के बीच की बैठक करार दिया तथा कहा कि आमने-सामने की बैठक हमेशा बेहतर होती है। पुतिन ने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि बैठक सार्थक रहेगी।
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कैमरों के सामने दोनों नेताओं के चेहरे पर कड़े भाव और मुंह से उदार शब्द सुनाई दिए। दोनों एक-दूसरे की तरफ सीधे देखने से बचते नजर आए। बाइडन से जब एक पत्रकार ने यह पूछा कि क्या पुतिन पर विश्वास किया जा सकता है तो उन्होंने सहमति में सिर हिलाया, लेकिन व्हाइट हाउस ने इसके बाद तुरंत एक ट्वीट किया और कहा कि राष्ट्रपति किसी सवाल का जवाब न देने के लिए बहुत स्पष्ट हैं, पर प्रेस के समक्ष आम तौर पर सहमति व्यक्त करते हैं।
वहीं, पुतिन ने संवाददाताओं के सवालों की अनदेखी की। उनसे यह सवाल भी पूछा गया कि क्या वह विपक्ष के नेता एलेक्सेई नवलनी से डरते हैं। दोनों नेताओं ने आपस में हाथ मिलाया। बाइडन ने पहले हाथ आगे बढ़ाया और पुतिन की तरफ मुस्कराए। इसके बाद दोनों नेताओं ने स्विट्जरलैंड के राष्ट्रपति गाई पारमेलिन के साथ तस्वीर खिंचवाई जिन्होंने दोनों नेताओं का स्वागत किया।