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अमेरिका: 'मिस्टर सिंह' वाले विज्ञापन पर मचा बवाल, सरकार ने हटाया पोस्ट; क्यों हुआ इतना विरोध?

Fri, 11 Sep 2026 02:38 AM IST
निर्मल कांत पीटीआई, वाशिंगटन।
पीटीआई, वाशिंगटन। Published by: निर्मल कांत Updated Fri, 11 Sep 2026 02:38 AM IST
सार

अमेरिका में 'मिस्टर सिंह'से देश छोड़ने की बात कहने वाला विज्ञापन विवादों में घिर गया। भारतीय-अमेरिकी और सिख संगठनों ने इसे नस्लवादी बताया, जिसके बाद विज्ञापन हटा दिया गया। आखिर इस विज्ञापन में ऐसा क्या था, जिस पर इतना विरोध हुआ? पढ़िए रिपोर्ट

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US removes advertisement asking 'Mr Singh' to self-deport after backlash
अमेरिका: 'मिस्टर सिंह' वाले विज्ञापन पर मचा बवाल, सरकार ने हटाया पोस्ट; क्यों हुआ इतना विरोध? - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक

विस्तार

अमेरिका के गृह सुरक्षा विभाग ने गुरुवार को एक विवादित विज्ञापन हटा दिया। इसमें 'मिस्टर सिंह' से अमेरिका छोड़ने के लिए कहा गया था। भारतीय मूल अमेरिकियों के संगठनों और डेमोक्रेटिक नेताओं ने इसका विरोध किया था। उन्होंने इसे नस्लवादी प्रचार बताया था।  
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विज्ञापन में क्या था?
गृह सुरक्षा विभाग ने बिना लाइसेंस वाहन चलाने वाले लोगों के खिलाफ यह अभियान शुरू किया था। इसी अभियान के तहत यह विज्ञापन जारी किया गया था। इसके लिए एक्स पर कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) से बनाई गई तस्वीर का इस्तेमाल किया गया। तस्वीर में दाढ़ी वाला एक सांवले रंग का व्यक्ति दिखाया गया था। उसके साथ लिखा था- हमारी सड़कों से हट जाओ, मिस्टर सिंह, तुम्हें गाड़ी चलाना नहीं आता।  
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विरोध क्यों हुआ?
इस विज्ञापन का भारतीय-अमेरिकी और सिख संगठनों ने जोरदार विरोध किया। कैलिफोर्निया के गवर्नर गैविन न्यूसम और सांसद राजा कृष्णमूर्ति जैसे डेमोक्रेट नेताओं ने भी इसका विरोध किया। न्यूसम के प्रेस कार्यालय ने एक्स पर कहा, यह घिनौना है। ट्रंप सरकार सिख समुदाय को निशाना बनाकर नस्लवादी प्रचार कर रही है। हिंदू अमेरिकन फाउंडेशन, सिख कोएलिशन, हिंदू एक्शन और कोएलिशन ऑफ हिंदूज ऑफ नॉर्थ अमेरिका जैसे संगठनों ने भी विज्ञापन को अमेरिकी मूल्यों के खिलाफ और नस्लवादी बताया।
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विज्ञापन हटाने के बाद विभाग ने क्या कहा?
गृह सुरक्षा विभाग ने विवादित विज्ञापन तो हटा दिया। लेकिन उसने न्यूसम पर पलटवार किया। विभाग ने उन पर अवैध प्रवासियों को व्यावसायिक वाहन चलाने के लाइसेंस देने का आरोप लगाया। न्यूसम को 2028 के राष्ट्रपति चुनाव का संभावित उम्मीदवार माना जा रहा है।

भारतीय समुदाय के संगठनों ने क्या कहा?
भारतीय समुदाय के संगठनों ने विज्ञापन हटाने का स्वागत किया। हिंदू अमेरिकन फाउंडेशन ने कहा कि गृह सुरक्षा विभाग ने वह पोस्ट हटा दी है, जिस पर संगठन ने एक दिन पहले आपत्ति जताई थी। हालांकि, संगठन ने कहा कि किसी संघीय एजेंसी का भारतीय या सिख व्यक्ति का नस्लीय रूप दिखाकर राजनीतिक संदेश देना गंभीर बात है। पोस्ट हटाना केवल पहला कदम है। संगठन ने कहा कि भारतीय-अमेरिकी, सिख, हिंदू और दक्षिण एशियाई लोगों को अपनी सरकार से इससे बेहतर व्यवहार की उम्मीद है।

विभाग ने फिर क्या पोस्ट किया?
विभाग ने ट्रक चालक हरजिंदर सिंह का एक वीडियो भी पोस्ट किया। हरजिंदर सिंह को पिछले साल एक गैरकानूनी यू-टर्न के कारण हुए हादसे के बाद गिरफ्तार किया गया था। इस हादसे में तीन लोगों की मौत हुई थी।

वीडियो में क्या दिखाया गया?
एक दूसरे पोस्ट में ट्रांसफॉर्मर्स फिल्म के मुख्य खलनायक मेगाट्रॉन को दिखाया गया। वीडियो में वह 'एलियंस' की रिहाई की मांग करता दिखता है। अमेरिकी प्रशासन विदेशी नागरिकों के लिए इस शब्द का इस्तेमाल करता है। मेगाट्रॉन ट्रक चालकों हरजिंदर सिंह, राजिंदर कुमार, बेकझान बेइशेकीव, अखरोर बोजोरोव और जसवीर सिंह की रिहाई की मांग करता दिखाया गया। ये लोग सड़क हादसों और दूसरे अपराधों में शामिल रहे हैं।

गृह सुरक्षा विभाग ने एक्स पर लिखा कि अगर कोई इस देश के खिलाफ दुश्मनी की नीयत से आता है, तो उसे पता होना चाहिए कि अमेरिका अपना बचाव करेगा। विभाग ने कहा कि वह अमेरिकी मूल्यों और अपने देश की रक्षा करेगा। 

'खुद देश छोड़ो' क्यों लिखा?
एक दूसरे पोस्ट में ट्रांसफॉर्मर्स के मुख्य नायक ऑप्टिमस प्राइम को दिखाया गया। उसके कपड़ों पर गृह सुरक्षा विभाग का निशान था। वह उसी दाढ़ी वाले सांवले व्यक्ति के सामने खड़ा दिखाया गया। उसके साथ संदेश लिखा था- खुद देश छोड़ो या फिर अंजाम भुगतो। 

'सिंह' नाम पर आपत्ति क्यों?
हिंदू अमेरिकन फाउंडेशन और सिख कोएलिशन समेत कई संगठनों ने विज्ञापन में 'मिस्टर सिंह' नाम इस्तेमाल करने पर सवाल उठाया। हिंदू अमेरिकन फाउंडेशन ने कहा कि सिंह नाम वाले लोग हिंदू भी हैं, सिख भी हैं और अमेरिकी भी हैं। वे गाड़ी भी चलाते हैं। संगठन ने इसे नस्लवादी और भारतीयों को निशाना बनाने वाला व्यवहार बताया। संगठन ने कहा कि यह संघीय एजेंसी का भेदभाव वाला पोस्ट है। यह केवल राजनीतिक संदेश से कहीं आगे की बात है। उसने इसकी जांच की मांग की।

संगठनों ने सरकार को क्या नसीहत दी?
कोएलिशन ऑफ हिंदूज ऑफ नॉर्थ अमेरिका ने कहा कि कानून लागू करें, लेकिन किसी समुदाय को कार्टून की तरह पेश न करें। संगठन ने कहा कि खतरनाक चालक हर रंग, जाति, धर्म और उपनाम (सरनेम) के हो सकते हैं। संगठन ने कहा कि कुछ खास सरनेम को निशाना बनाने से सड़कें सुरक्षित नहीं होंगी। इसके बजाय सिंह और कुमार जैसे नाम वाले लाखों अमेरिकियों की सुरक्षा खतरे में पड़ सकती है। 

ये भी पढ़ें: अमेरिका: अवैध प्रवासी को अदालत से बाहर जाने देने के आरोप में जज पर कार्रवाई; आठ साल पुराने मामले में क्या हुआ?


सिख कोएलिशन ने क्या कहा?
सिख कोएलिशन ने कहा कि 9/11 के 25 साल बाद भी सिखों को उनके रूप-रंग के आधार पर निशाना बनाया जा रहा है और उनकी पहचान के आधार पर उनके साथ भेदभाव हो रहा है। संगठन ने कहा कि अमेरिका में लाखों सिखों का सरनेम सिंह है। सिंह का मतलब शेर होता है। संगठन ने कहा कि सरकार उन्हें दुश्मन की तरह पेश करे, तब भी सिख अपनी पहचान बताने से नहीं डरेंगे। 


सांसद राजा कृष्णमूर्ति ने क्या कहा?
सांसद राजा कृष्णमूर्ति ने भी गृह सुरक्षा विभाग के पोस्ट की निंदा की। उन्होंने कहा कि सरकार को अपनी ताकत का इस्तेमाल लोगों को बदनाम करने के लिए नहीं करना चाहिए। किसी का धर्म, विरासत या पहचान यह तय नहीं करती कि वह अमेरिका में रहने लायक है या नहीं। उन्होंने कहा कि अमेरिका में 1.60 लाख से ज्यादा लोगों का सरनेम सिंह है। जब सरकार इतने लोगों के नाम को निशाना बनाती है, तो इससे विदेशियों के प्रति नफरत बढ़ती है और पूरे समुदाय पर शक पैदा होता है।

यह विवाद अमेरिका की सरकार के एक कार्यक्रम के प्रचार के बीच हुआ। इस कार्यक्रम का नाम सीबीपी होम है। इस कार्यक्रम के तहत जिन प्रवासियों के पास अमेरिका में रहने के जरूरी कागज नहीं हैं, वे खुद अमेरिका छोड़ने के लिए अपना नाम दर्ज करा सकते हैं।

खुद देश छोड़ने पर क्या मिलेगा?
गृह सुरक्षा विभाग के मुताबिक, जो लोग खुद अमेरिका छोड़ने के लिए पंजीकरण कराते हैं, उन्हें यात्रा में मदद मिल सकती है। उन्हें 2,600 डॉलर की विदाई राशि भी दी जा सकती है।
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