यूक्रेन संकट: अमेरिका का बड़ा फैसला, रूस में मौजूद नागरिकों को तुरंत देश छोड़ने का निर्देश
यूक्रेन पर रूस के हमले के बाद विश्व स्तर पर तनाव लगातार बढ़ता ही जा रहा है। रूस की ओर से लगातार आक्रामकता दिखाए जाने के बाद अब अमेरिका ने रूस में मौजूद अपने नागरिकों के लिए अहम निर्देश जारी किया है।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
यूक्रेन संकट के मद्देनजर अमेरिका ने बड़ा कदम उठाते हुए रूस में मौजूद अमेरिकी नागरिकों को तुरंत देश छोड़ने का निर्देश दिया है। इसके साथ ही अमेरिका ने सोमवार को मिंस्क, बेलारूस में अपने दूतावास के संचालन को निलंबित कर दिया है और मॉस्को में गैर-आपातकालीन कर्मचारियों और परिवारों को स्वैच्छिक प्रस्थान की मंजूरी दे दी है। अमेरिकी विदेश विभाग का यह कदम एक अधिकारी द्वारा यह कहने के तुरंत बाद आया कि अगर बेलारूस यूक्रेन में रूस की आक्रामकता को सहायता और बढ़ावा देना जारी रखता है तो उसे परिणाम भुगतने होंगे।
बेलारूस की सीमा पर रूस-यूक्रेन के बीच बैठक
यूक्रेन और रूस के प्रतिनिधियों के बीच अभी बेलारूस में सीमा पर युद्ध के पांचवें दिन एक बैठक हुई। यूक्रेन के राष्ट्रपति वलोदिमीर जेलेंस्की ने शुरू में बेलारूस में शांति वार्ता आयोजित करने से इनकार कर दिया था। उनता तगना था कि यही देश रूस की आक्रामकता का आधार है।
ब्लिंकेन ने कहा, सुरक्षा हालात के मद्देनजर उठाए कदम
विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकेन ने कहा कि हमने यूक्रेन में रूसी सैन्य बलों द्वारा अकारण और अनुचित हमले से उपजे हालात और सुरक्षा मुद्दों के कारण ये कदम उठाए हैं। वहीं, कीव के उपनगरों और खार्किव और चेर्निहाइव के प्रमुख शहरों के आसपास जारी लड़ाई के बीच जेलेंस्की ने कहा कि यूक्रेन के भाग्य के लिए यह दिन महत्वपूर्ण होगा।
रूस पर अभूतपूर्व प्रतिबंध लगाए गए जिसके तहत इसके बैंकों, कंपनियों और व्यक्तियों को प्रतिबिंधित किया गया है। इससे रूबल में गिरावट आई है और केंद्रीय बैंक को पूंजी नियंत्रण लागू करने के लिए निवेशकों की घबराहट को रोकने और अर्थव्यवस्था को थामे रखने के लिए उपाय करने पड़े हैं।