Donald Trump: राष्ट्रपति ट्रंप ने विधेयक पर किए दस्तखत, कर छूट-व्यय कटौती से जुड़ा OBB बिल बना अमेरिकी कानून
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने टैक्स कटौती और खर्च में कटौती वाले बिल पर साइन कर दिए हैं। यह बिल उनके दूसरे कार्यकाल की सबसे बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है। बिल से स्वास्थ्य बीमा और फूड स्टांप जैसी योजनाओं में कटौती होगी। डेमोक्रेट्स ने इसका कड़ा विरोध किया है। जनता की राय बंटी हुई है और माना जा रहा है कि यह कानून अगले चुनाव में बड़ा मुद्दा बनेगा।
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बिल पर साइन करने के बाद ट्रंप ने कहा कि अमेरिका इस समय पहले से कहीं ज्यादा जीत रहा है। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार ने जो वादे किए थे, वो पूरे हो रहे हैं। खास बात यह रही कि बिल पर साइन के दौरान व्हाइट हाउस के ऊपर फाइटर जेट और स्टेल्थ बॉम्बर भी उड़ान भर रहे थे। ट्रंप ने कहा कि यह फ्लाईओवर ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर अमेरिका की हालिया बमबारी को सम्मान देने के लिए किया गया है।
बिल के जरिए ट्रंप ने कई बड़े बदलाव किए
इस नए कानून के तहत टैक्स में कटौती के साथ-साथ सरकारी खर्च में भी भारी कटौती की गई है। ट्रंप के इस बिल से स्वास्थ्य बीमा, फूड स्टांप और अन्य योजनाओं पर असर पड़ेगा। अनुमान है कि इससे करीब 1.2 ट्रिलियन डॉलर की कटौती मेडिकेड (सरकारी स्वास्थ्य बीमा) और फूड स्टांप जैसी योजनाओं में की जाएगी। साथ ही, आप्रवासियों पर सख्ती बढ़ेगी और 12 मिलियन लोग स्वास्थ्य बीमा से बाहर हो सकते हैं।
डेमोक्रेट्स ने किया कड़ा विरोध
डेमोक्रेट पार्टी ने इस कानून को गरीबों और मध्यम वर्ग के खिलाफ बताया है। डेमोक्रेट नेता हैकीम जेफ्रीज ने इसे क्राइम सीन यानी अपराध स्थल कहा। उनका कहना है कि यह कानून लोगों की सेहत, सुरक्षा और भविष्य पर हमला है। विपक्ष का आरोप है कि इससे अमीरों को फायदा होगा और गरीबों से स्वास्थ्य बीमा और भोजन जैसी बुनियादी सुविधाएं छिन जाएंगी।
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बिल पास कराने में ट्रंप को करनी पड़ी मशक्कत
इस बिल को पास कराने के लिए ट्रंप को महीनों मेहनत करनी पड़ी। आखिरकार यह बिल संसद के दोनों सदनों से पास हो गया। हालांकि, सीनेट में बिल महज एक वोट से पास हुआ। वहां नॉर्थ कैरोलिना के रिपब्लिकन सांसद थॉम टिलिस ने इसका विरोध किया, जिस पर ट्रंप खासे नाराज नजर आए। बिल पास कराने के लिए उपराष्ट्रपति जे.डी. वेंस को टाई-ब्रेकिंग वोट देना पड़ा।
बिल से ओबामा-बाइडेन की योजनाओं को झटका
ट्रंप के इस कानून को पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा और जो बाइडेन की नीतियों पर सीधा हमला माना जा रहा है। खासतौर पर ओबामा के कार्यकाल में लागू हुई मेडिकेड योजना और बाइडेन के नवीकरणीय ऊर्जा टैक्स क्रेडिट को पीछे धकेलने की कोशिश की गई है। कांग्रेस के बजट कार्यालय का अनुमान है कि यह कानून आने वाले 10 साल में अमेरिकी घाटे को 3.3 ट्रिलियन डॉलर तक बढ़ा सकता है।
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जनता में मिली-जुली प्रतिक्रिया, चुनाव में बनेगा बड़ा मुद्दा
हालांकि ट्रंप इस कानून को बेहद लोकप्रिय बता रहे हैं, लेकिन सर्वे बताते हैं कि जनता की राय बंटी हुई है। एक पोल के मुताबिक, लोग चाइल्ड टैक्स क्रेडिट बढ़ाने और टिप्स पर टैक्स हटाने के पक्ष में हैं, लेकिन गरीबों के लिए भोजन सहायता और अप्रवासियों पर खर्च घटाने का विरोध कर रहे हैं। 60 फीसदी लोग मानते हैं कि इस कानून से देश का कर्ज बढ़ना ठीक नहीं है। माना जा रहा है कि यह कानून अगले साल के मध्यावधि चुनाव में बड़ा मुद्दा बनेगा।
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