अमेरिका में चुनाव से पहले फेसबुक की बड़ी कार्रवाई, रूस के छोटे ट्रोल नेटवर्क को सोशल मीडिया मंच से हटाया
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अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव को रूस की ओर से एक बार फिर प्रभावित करने की कोशिश की जा रही है। इसे लेकर फेसबुक ने बड़ी कार्रवाई की है। फेसबुक ने मंगलवार को बताया कि कंपनी ने अमेरिका में होने वाले चुनाव से पहले रूस की इंटरनेट रिसर्च एजेंसी से जुड़ी एक छोटे नेटवर्क के अकाउंटों और पेजों को हटाया है।
कंपनी ने इसे ‘ट्रोल फैक्टरी’ बताया है, जो इस तरह के सोशल मीडिया अकाउंटों का इस्तेमाल 2016 के राष्ट्रपति चुनाव से ही अमेरिका की राजनीतिक कटुता पैदा करने के लिए कर रहे हैं।
फेसबुक ने बताया कि 'रूस से गलत सूचनाएं फैलाने का एक कैंपेन चलाया जा रहा है। इस कैंपेन को इंटरनेट रिसर्च एजेंसी के रूप में जाना जाता है। यह एजेंसी डेमोक्रेटिक पार्टी से वोटरों को दूर करने की कोशिश कर रही है। यही काम इसने चार साल पहले 2016 में भी किया था। अफसरों के मुताबिक- फेसबुक और ट्विटर पर इसकी सक्रियता अचानक बढ़ी है।
इंटरनेट रिसर्च एजेंसी 2016 में काफी सक्रिय थी। फेक नेटवर्क और साइट की मौजूदा समय में उतने लोगों तक पहुंच नहीं है, जितनी 2016 के चुनावों में थी। रूस ने इन वेबसाइटों पर लिखने के लिए अमेरिकी नागरिकों को ही रखा है। एक रूसी साइट का नाम पीसडाटा है। यह किसी 'न्यूज संगठन' की तरह दिखता है। इस वेबसाइट पर एडिटर्स के नाम और फोटो भी हैं, लेकिन ये सब फर्जी हैं।
फेसबुक ने कहा कि 'फेक न्यूज साइट पीसडाटा एक दूसरी साइट के जरिए विज्ञापन देता है। पीसडाटा को प्रमोट करने के लिए 13 फेक अकाउंट्स और दो पेज भी बनाए गए हैं। इन पेज को 14 हजार लोग फॉलो करते हैं। यह साइट अक्टूबर 2019 में सबसे पहले सक्रिय हुई। मार्च 2020 में अपने खुद के आर्टिकल पब्लिश करने शुरू किए। साइट में तीन एडिटर्स की फोटो हैं। जांच में ये फर्जी पाए गए हैं।