US: बाइडन के रात्रिभोज में दिग्गजों का जमघट, डोनाल्ड ट्रंप की खिल्ली उड़ाकर राष्ट्रपति ने बताया ‘स्लीपी डॉन’
रात्रिभोज का आयोजन शनिवार को व्हाइट हाउस कॉरेस्पोंडेंट्स एसोसिएशन (डब्ल्यूएचसीए) ने आयोजित किया था। कार्यक्रम में जो बाइजन ने भाषण दिया। उन्होंने कहा कि 2024 का चुनाव अपने जोरों पर है लेकिन उम्र इसमें एक बड़ा मुद्दा है।
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संयुक्त राज्य अमेरिका में इस साल राष्ट्रपति पद के लिए चुनाव होने वाले हैं। राष्ट्रपति जो बाइडन और पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच सीधा मुकाबला है। इस दौरान, राष्ट्रपति बाइडन ने वाशिंगटन के राजनीतिक और मीडिया जगत के वरिष्ठ अधिकारियों और नेताओं के लिए रात्रिभोज आयोजित किया। इस दौरान उन्होंने अपने प्रतिद्वंद्वी ट्रंप के खिलाफ जमकर निशाना साधा। ट्रंप पर तंज कसते हुए बाइडन ने कहा कि मैं एक बच्चे के खिलाफ लड़ रहा हूं। गौरतलब है कि बाइडन की उम्र 81 वर्ष है तो वहीं ट्रंप 77 साल के हैं।
एडल्ट स्टार और ट्रंप के अफेयर पर भी कटाक्ष
रात्रिभोज का आयोजन शनिवार को व्हाइट हाउस कॉरेस्पोंडेंट्स एसोसिएशन (डब्ल्यूएचसीए) ने आयोजित किया था। कार्यक्रम में जो बाइजन ने भाषण दिया। उन्होंने कहा कि 2024 का चुनाव अपने जोरों पर है लेकिन उम्र इसमें एक बड़ा मुद्दा है। बाइडन ने ट्रंप को स्लीपी डॉन बताया। उन्होंने एडल्ट स्टार और ट्रंप के अफेयर पर कटाक्ष करते हुए कहा कि ट्रंप कुछ दिनों से कठिनाईयों का सामना कर रहे हैं। यह उनके लिए एक तूफान जैसा है।
‘ट्रंप तानाशाह बनना चाहते हैं’
बाइडन ने कार्यक्रम में आगे कहा कि पूर्व राष्ट्रपति ने चुनाव में हारने के बाद हमारे लोकतंत्र पर हमला किया। ट्रंप की हालिया टिप्पणियों का हवाला देते हुए बाइडन ने कहा कि वह पहले दिन से ही तानाशाह बनना चाहते हैं। इसे वह अपना बदला कहते हैं। क्या इससे पहले आपने किसी राष्ट्रपति को ऐसा कहते हुए सुना है। बाइडन ने कहा कि हमें इसे गंभीरता से लेना होगा।
प्रदर्शनकारियों ने किया विरोध
हालांकि, इस दौरान कुछ प्रदर्शनकारियों ने इस्राइल और हमास युद्ध की मीडिया कवरेज पर और संघर्ष से निपटने के प्रशासन के तरीकों का विरोध किया। विभिन्न हस्तियां जब कार्यक्रम में शामिल होने के लए वाशिंगटन हिल्टन आ रहे थे तो प्रदर्शनकारी विरोध करते हुए कहा रहे थे कि आपको शर्म आनी चाहिए। आप राष्ट्रपति से आग्रह कीजिए कि गाजा में पत्रकारों की हत्या के खिलाफ कुछ बोलें। कमेटी टू प्रोटेक्ट जर्नलिस्ट्स की रिपोर्ट के अनुसार, सात अक्तूबर के बाद से अब तक गाजा में 97 पत्रकारों की मौत हो गई है।