Trump on NATO: यूरोप पर फिर बरसे डोनाल्ड ट्रंप, नाटो का नाम लेकर बोले- मैं नहीं आता, तो आज नहीं होता यह गठबंधन
नाटो का नाम लेकर एक बार फिर अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने यूरोप पर जोरदार हमला किया। उन्होंने दावा कि अगर वह न होते तो नाटो आज अस्तित्व में नहीं होता। उनका कहना है कि नाटो देशों पर रक्षा खर्च बढ़ाने का दबाव उन्होंने ही बनाया, जिससे गठबंधन मजबूत हुआ। ऐसे में सवाल यह है खड़ा हो रहा है कि क्या नाटो सच में ट्रंप की वजह से बचा?
नाटो का नाम लेकर एक बार फिर अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने यूरोप पर जोरदार हमला किया। उन्होंने दावा कि अगर वह न होते तो नाटो आज अस्तित्व में नहीं होता। उनका कहना है कि नाटो देशों पर रक्षा खर्च बढ़ाने का दबाव उन्होंने ही बनाया, जिससे गठबंधन मजबूत हुआ। ऐसे में सवाल यह है खड़ा हो रहा है कि क्या नाटो सच में ट्रंप की वजह से बचा?
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दुनियाभर में ग्रीनलैंड, वेनेजुएला समेत कई मुद्दों पर आक्रमकता के साथ बयान देने वाले अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अब नाटो को लेकर बड़ा दावा कर दिया है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर पोस्ट करते हुए ट्रंप ने दावा किया कि नाटो को बचाने में उनकी भूमिका सबसे बड़ी रही है। ट्रंप ने लिखा कि नाटो के लिए जितना मैंने किया है उससे ज्यादा किसी एक व्यक्ति या राष्ट्रपति ने नहीं किया। अगर मैं नहीं आता, तो आज नाटो होता ही नहीं। यह इतिहास की राख में मिल चुका होता। यह दुखद है, लेकिन सच है।
बता दें कि ट्रंप का इशारा उस दौर की ओर है जब उन्होंने नाटो देशों पर दबाव बनाया था कि वे अपनी सुरक्षा पर ज्यादा खर्च करें। इससे पहले ट्रंप लगातार कहते रहे हैं कि अमेरिका अकेले नाटो का बोझ उठा रहा था और बाकी देश अपनी जिम्मेदारी नहीं निभा रहे थे। उनका दावा है कि उनकी सख्ती की वजह से कई देशों ने रक्षा बजट बढ़ाया और नाटो दोबारा मजबूत हुआ।
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ट्रंप ने क्या-क्या दावे किए?
- अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर नाटो को लेकर बड़ा दावा किया।
- ट्रंप का कहना है कि नाटो के लिए किसी भी व्यक्ति या राष्ट्रपति ने जितना किया, उसने नहीं किया।
- उन्होंने लिखा कि अगर वह नहीं आते, तो आज नाटो मौजूद ही नहीं होता।
- ट्रंप ने कहा कि नाटो तब इतिहास की राख में मिल चुका होता, दुखद लेकिन यही सच है।
- उनका इशारा उस दौर की तरफ है जब उन्होंने नाटो देशों पर रक्षा खर्च बढ़ाने का दबाव डाला।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा ग्रीनलैंड को अपने अधीन करने के प्रयास को लेकर रूस ने बड़ा बयान दिया है। रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने मंगलवार को कहा कि यह कदम नाटो के लिए गहरी संकट की घंटी है और यह सवाल खड़ा करता है कि क्या यह सैन्य-राजनीतिक गठबंधन अब एक साथ बने रह सकेगा। लावरोव ने कहा कि पहले यह सोचना मुश्किल था कि ऐसा हो सकता है। अब यह स्थिति पैदा हो सकती है जिसमें एक नाटो सदस्य दूसरे नाटो सदस्य पर हमला कर सकता है।
उन्होंने कहा कि ट्रंप की ये कार्रवाई पश्चिमी देशों के बनाए नियमों वाले वैश्विक आदेश को उलट देती है, जिसे रूस लंबे समय से आलोचना करता रहा है। लावरोव ने तंज कसा कि अब नियम सिर्फ एक देश तय कर रहा है, पूरे पश्चिमी गठबंधन नहीं।
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दुनियाभर में चिंता का माहौल और यूरोप का हाल
गौरतलब है कि अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का यह बयान ऐसे समय में आया है जब दुनियाभर में वैश्विक कानून और उसके उल्लंघन को लेकर चर्चा तेज है। एक तरफ अमेरिका की तरफ से पहले वेनेजुएला पर कार्रवाई, फिर वहां के अपदस्थ राष्ट्रपति निकोलस मादुरो की गिरफ्तारी। अब ट्रंप का ग्रीनलैंड को लेकर सख्त तेवर। वहीं दूसरी ओर लगभग चार साल से रूस-यूक्रेन के बीच जारी युद्ध, यूरोप की सुरक्षा को लेकर बढ़ती चिंता और ट्रंप दोबारा वैश्विक मंच पर आक्रामक बयान दे रहे हैं।
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