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अमेरिका: राष्ट्रपति बाइडन बोले- दुनिया में तानाशाही और लोकतंत्र के बीच चल रही जंग, पढ़ें जिनपिंग ने क्या कहा था
Thu, 05 May 2022 01:15 AM IST
Jeet Kumar
एजेंसी, वाशिंगटन।
एजेंसी, वाशिंगटन।
Published by: Jeet Kumar
Updated Thu, 05 May 2022 01:15 AM IST
सार
राष्ट्रपति जो बाइडन ने कहा कि चीन के राष्ट्रपति शी मानते हैं कि लोकतंत्र बनाए नहीं रखा जा सकता जबकि मेरा मानना है कि दुनिया में तानाशाही और लोकतंत्र के बीच जंग चल रही है।
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जो बाइडन (फाइल फोटो)
- फोटो : PTI
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विस्तार
एक तरफ जहां चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग मानते हैं कि 21वीं सदी में लोकतंत्र को बनाए नहीं रखा जा सकता वहीं राष्ट्रपति जो बाइडन ने कहा कि दुनिया में तानाशाही और लोकतंत्र के बीच जंग चल रही है।
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बाइडन ने अलबामा के ‘लॉकहीड मार्टिन पाइक काउंटी ऑपरेशन’ में कहा, हम इतिहास में बदलाव के मोड़ पर हैं, यकीनन यह प्रत्येक छठवीं या आठवीं पीढ़ी में होता है, जहां चीजें बहुत तेजी से बदलती हैं, लेकिन हमें नियंत्रण में रहना होता है। उन्होंने कहा, शी जिनपिंग के साथ मेरी दुनिया के किसी भी अन्य नेता की तुलना में ज्यादा वक्त तक चर्चा हुई है।
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शी मानते हैं कि लोकतंत्र बनाए नहीं रखा जा सकता जबकि मेरा मानना है कि दुनिया में तानाशाही और लोकतंत्र के बीच जंग चल रही है। बाइडन ने कहा, यह मजाक नहीं है लेकिन लोकतंत्र सहमति से बनता है और सहमति बनना मुश्किल है लेकिन सिर्फ इस तानाशाही नहीं लाई जा सकती। यदि ऐसा होता है तो पूरी दुनिया बदल जाएगी।
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पाकिस्तान कर रहा अभिव्यक्ति आजादी को कमजोर : ब्लिंकेन
अमेरिकी विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन ने कहा है कि अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर प्रतिबंध पाकिस्तान की छवि और उसकी प्रगति की क्षमता को कमजोर करता है। ब्लिंकन ने विश्व प्रेस स्वतंत्रता दिवस पर कहा कि अमेरिकी सरकार पाकिस्तान में मीडिया आउटलेट्स और नागरिक समाज पर लगाए गए प्रतिबंधों से अवगत है और इस बारे में पाक विदेश मंत्री से बात भी हुई है। जब
एक पाकिस्तानी पत्रकार ने पूछा कि क्या पत्रकारों के लिए पाक खतरनाक जगह है? ब्लिंकेन ने कहा, पाक में जो कुछ हो रहा है, वह अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता को कमजोर करता है।
पत्रकार ने पूछा कि पिछले साल अपराध एवं भ्रष्टाचार को उजागर करने और कुछ सरकारी नीतियों की आलोचना करने के लिए कई पाकिस्तानी पत्रकारों को मार दिया गया, उनका अपहरण कर लिया गया तथा उन्हें प्रताड़ित किया गया। क्या आपने द्विपक्षीय वार्ता में इस मुद्दे को उठाया है? इस पर ब्लिंकेन ने कहा, हां हम हर बैठक में इस बारे में बात करते हैं।
जीवंत, स्वतंत्र प्रेस लोकतंत्र की आधारशिला
अमेरिका के विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकेन ने प्रेस की स्वतंत्रता सहित अभिव्यक्ति की आजादी पर मंडरा रहे खतरों पर कहा कि एक जीवंत एवं स्वतंत्र प्रेस किसी भी फलते-फूलते लोकतंत्र की आधारशिला है।
उन्होंने कहा, विश्व में सरकारें और उससे इतर ताकतें जैसे आतंकी गुट, आपराधिक समूह पत्रकारों को डराते-धमकाते हैं और उन्हें निशाना बनाते हैं। सरकारें उन्हें जेल में डालती हैं। लेकिन यह सब लोकतंत्र के लिए ठीक नहीं है।
रिचर्ड वर्मा को खुफिया सलाहकार बोर्ड में लेने के इच्छुक हैं बाइडन
इधर, राष्ट्रपति जो बाइडन ने भारतीय-अमेरिकी रिचर्ड वर्मा को अपने खुफिया सलाहकार बोर्ड में शामिल करने की इच्छा जताई है। व्हाइट हाउस ने कहा, राष्ट्रपति का खुफिया सलाहकार बोर्ड उनके शासकीय कार्यालय में एक स्वतंत्र निकाय है। वर्मा अभी ‘जनरल काउंसिल’ और ‘ग्लोबल पब्लिक पॉलिसी फॉर मास्टरकार्ड’ के प्रमुख हैं। इस पद पर रहते हुए वह अमेरिका और दुनिया भर में कंपनी के कानून और नीति संबंधी कार्यों का जिम्मा संभालते हैं।
व्हाइट हाउस ने कहा, रिचर्ड वर्मा ने पहले भारत में अमेरिकी राजदूत के रूप में काम कर चुके हैं। यहां उन्होंने सबसे बड़े अमेरिकी राजनयिक मिशन में से एक का नेतृत्व किया और द्विपक्षीय रिश्तों में ऐतिहासिक प्रगति पर भी जोर दिया। सीनेट के बहुमत नेता के पूर्व राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार वर्मा पूर्व में अमेरिकी वायुसेना में भी सेवाएं दे चुके हैं। उन्हें कई सैन्य व नागरिक पुरस्कारों से सम्मानित किया गया।