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अमेरिका: मैक्रों की नाराजगी दूर करने की कोशिश में जो बाइडन, बोले- फ्रांस से बड़ा हमारा कोई सहयोगी नहीं
Sat, 30 Oct 2021 09:18 AM IST
प्रांजुल श्रीवास्तव
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वाशिंगटन
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वाशिंगटन
Published by: प्रांजुल श्रीवास्तव
Updated Sat, 30 Oct 2021 09:18 AM IST
सार
ब्रिटेन और अमेरिका ने ऑस्ट्रेलिया के साथ ऑकस गठबंधन बनाया था। इसके बाद ऑस्ट्रेलिया के साथ सबमरीन के सौदे के बाद फ्रांस के साथ उसके संबंधों में खटास आ गई थी।
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अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन।
- फोटो : ANI
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विस्तार
ऑस्ट्रेलिया के साथ परमाणु सबमरीन के सौदे में जुटा अमेरिका दो कदम पीछे हट गया है। फ्रांस की नाराजगी के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन ने अपने फ्रांसीसी समकक्ष इमैनुएल मैक्रों से रोम में बातचीत की। इस दौरान उन्होंने कहा कि अमेरिका फ्रांस की पीठ के पीछे ऑस्ट्रेलिया के साथ सबमरीन का सौदा करने में अनाड़ी है। उन्होंने कहा कि हमारे पास इस समय फ्रांस से बेहतर कोई सहयोगी नहीं है।
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अमेरिकी राष्ट्रपति का यह बयान तब सामने आया है, जब अमेरिका और ब्रिटेन द्वारा ऑस्ट्रेलिया के साथ परमाणु सममरीन की आपूर्ति के लिए करार किया गया था, जिसके बाद ऑस्ट्रेलिया ने फ्रांस के साथ डीजल संचालित पनडुब्बी के करार को रद्द कर दिया था। इस पर फ्रांस ने नाराजगी जताई थी और इससे वाशिंगटन के साथ उसके रिश्तों में भी खटास आ गई थी। जी-20 शिखर सम्मेलन से पहले रोम में पत्रकारों से बात करते हुए अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा कि जो कुछ भी हुआ वह नहीं होना चाहिए था। यह हमारी एक बचकानी हरकत थी। उन्होंने कहा कि मुझे लगा था कि इसके बारे में फ्रांस को बहुत पहले सूचित कर दिया गया था।बाइडन ने कहा कि फ्रांस अमेरिका के लिए अत्यंत सहयोगी देश है। वह अपने आप में एक शक्तिशाली देश है।
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सौदा रद्द होने के बाद राजदूतों को बुलाया था वापस
परमाणु पनडुब्बी का सौदा रद्द होने के बाद फ्रांस ने नाराजगी जताई थी और वाशिंगटन और कैनबरा से अपने राजदूतों को भी वापस बुला दिया था।