US-China Talk: जिनपिंग को बाइडन की खरी-खरी, ताइवान पर चीन की आक्रामक नीति ने शांति को खतरे में डाला
अमेरिका के प्रति अपनी नीति और स्थिति को सुसंगत और स्पष्ट बताते हुए चीनी विदेश मंत्रालय ने उम्मीद जताई कि अमेरिका और चीन एक ही दिशा में आगे बढ़ेंगे, मतभेदों को ठीक से प्रबंधित करेंगे।
विस्तार
जी-20 शिखर सम्मेलन से पहले सोमवार को आमने-सामने की मुलाकात में अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन ने चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग को साफ कहा कि ताइवान के खिलाफ चीन की बलपूर्वक और आक्रामक कार्रवाई कतई मंजूर नहीं की जा सकती। अमेरिकी राष्ट्रपति ने तिब्बतियों और उइगरों के मानवाधिकार हनन पर चिंता भी जताई। साथ ही साफ कर दिया कि अगर उत्तर कोरिया के हथियार कार्यक्रमों पर रोक लगाने में चीन विफल रहता है तो अमेरिका एशिया में सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करेगा।
इंडोनेशिया के प्रांत बाली के खूबसूरत तटीय शहर नूसा दुआ में दोनों नेताओं की बैठक तकरीबन तीन घंटे तक चली। बैठक के बाद बाइडन ने पत्रकारों से कहा कि शी के साथ उनकी विभिन्न मुद्दों पर खुलकर बात हुई। बाइडन ने शी से यह भी कहा कि अमेरिका और चीन की प्रतिस्पर्धा अगर संघर्ष में बदलती है तो इसके लिए हम दोनों ही जिम्मेदार होंगे। राष्ट्रपति चुने जाने के बाद बाइडन की शी से आमने-सामने की यह पहली मुलाकात थी।
इस बैठक पर पूरी दुनिया की निगाह थी, क्योंकि दशकों के सबसे खराब दौर से गुजर रहे दोनों देशों के संबंधों में इससे कुछ सुधार की उम्मीद बंधी है।दोनों की यह बैठक यूक्रेन पर रूस के हमले की पृष्ठभूमि में हुई। अमेरिका जहां यूक्रेन के पक्ष में खड़ा है और पश्चिमी देशों के साथ मिलकर उसकी सैन्य और आर्थिक मद्द कर रहा है। वहीं चीन रूस के साथ है। परंतु, दोनों नेताओं के बीच इस बात को लेकर सहमति बनी कि परमाणु युद्ध नहीं होना चाहिए। दोनों ने यूक्रेन पर रूस के परमाणु हमले की धमकी की भी निंदा की। इस दौरान दोनों राष्ट्रपतियों ने कूटनीतिक और आर्थिक मोर्चों पर तनाव घटाते हुए द्विपक्षीय संबंधों को पटरी पर लाने और संवाद बनाए रखने पर सहमति जताई।
मुस्कुराए और हाथ मिलाए
बाली के एक होटल में मिलते ही दोनों नेता पहले मुस्कुराए और फिर गर्मजोशी से हाथ मिलाया। बाइडन ने शी से कहा, आप से मिलकर बहुत अच्छा लगा। उन्होंने शी के कंधे पर अपना हाथ भी रखा।
हांगकांग में दमन पर की बात
व्हाइट हाउस की तरफ से जारी बयान में कहा गया है कि बाइडन ने शी के सामने चीन के शिंजियांग, तिब्बत और हांगकांग में उसकी तरफ से किए जा रहे मानवाधिकारों के उल्लंघन का मामला भी उठाया। चीन की वामपंथी सरकार पर शिंजियांग में उइगर मुसलमानों के उत्पीड़न और तिब्बत में बौद्धों और हांगकांग में आजादी की मांग करने वालों का दमन करने का आरोप है। अमेरिकी राष्ट्रपति ने चीन के बाजार विरोधी कार्यों का भी बातचीत में उल्लेख किया।
- बाली में आमने-सामने की मुलाकात में तिब्बतियों-उइगरों के मानवाधिकार हनन पर चिंता भी जताई
- तीन घंटे हुई बातचीत में बाइडन ने कहा- उ. कोरिया पर लगाम नहीं लगाई तो एशिया में सुरक्षा बढ़ाएगा अमेरिका
- दोनों ने कहा, नहीं होना चाहिए परमाणु युद्ध, यूक्रेन पर रूसी परमाणु हमले की धमकी की निंदा की
- द्विपक्षीय संबंधों को पटरी पर लाने का संकल्प, संवाद बनाए रखने पर जोर
President Joe Biden met with Chinese President Xi Jinping in Bali, Indonesia. The two leaders spoke candidly about their respective priorities and intentions across a range of issues. The two leaders agreed that Secy Blinken will visit China to follow up on their discussions. pic.twitter.com/YXxzMntlMJ
— ANI (@ANI) November 14, 2022
शी बोले, रेडलाइन पार न करे अमेरिका
चीन के सरकारी मीडिया के अनुसार राष्ट्रपति शी ने बैठक के बाद जारी बयान में कहा कि अमेरिका के साथ चीन के संबंधों के बीच ताइवान रेड लाइन है। अमेरिका को निश्चित रूप से इस लाइन को पार नहीं करना चाहिए। शी ने यह भी कहा कि ताइवान को चीन से अलग करने की किसी भी तरह की कोशिश उसके मौलिक हितों का उल्लंघन होगा। बैठक से पहले, शी ने कहा कि चीन और अमेरिका के संबंध दुनिया की उम्मीद पर खरा नहीं उतर रहे। बता दें कि चीन ताइवान को अपना हिस्सा बताता है। उसका कहना है कि एक न एक दिन ताइवान उसका अभिन्न अंग बनेगा।
चीन ने कहा, भारत से अच्छे रिश्ते दोनों देशों के हित में
इंडोनेशिया में जी-20 शिखर बैठक से पहले चीन ने सोमवार को कहा कि भारत के साथ स्थिर और अच्छे रिश्ते दोनों देशों और उनके नागरिकों के हित में हैं। चीन के विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता माओ निंग के मुताबिक बीजिंग को उम्मीद है कि दोनों देशों के नेताओं के बीच जो आपसी समझ बनी है, उसका दोनों पक्ष पालन करेंगे। साथ ही दोनों पक्ष आपसी संबंधों को और मजबूती देंगे। हालांकि, निंग ने इसकी पुष्टि नहीं की है कि क्या जी-20 बैठक से इतर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग की द्विपक्षीय मुलाकात होगी। इससे संबंधित सवाल पर उन्होंने कहा कि उनके पास इस संबंध में कोई जानकारी नहीं है।
लावरोव अस्पताल में रूस ने कहा- अफवाह
जी-20 शिखर सम्मलेन में शामिल होने के लिए इंडोनेशिया के बाली पहुंचे रूसी विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव को स्वास्थ्य संबंधी परेशानी के बाद अस्पताल ले जाया गया है। इंडोनेशिया के अधिकारियों ने बताया कि उन्हें देनपसार के संग्लाह अस्पताल में उपचार के लिए ले जाया गया है। लावरोव मंगलवार को शुरू होने वाले सम्मेलन में हिस्सा लेने के लिए रविवार शाम को बाली पहुंचे थे।
रूसी विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता मारिया जखारोवा ने लावरोव को अस्पताल में भर्ती कराए जाने की खबरों को ‘’उच्च स्तर की नकली’’ बताकर इसे अफवाह बताया। हालांकि, उन्होंने इस बात की पुष्टि नहीं की कि लावरोव का उपचार किया गया या नहीं? रूस की राज्य समाचार एजेंसी तास ने अलग से लावरोव का हवाला देते हुए कहा, मैं होटल में हूं, शिखर सम्मेलन के लिए सामग्री पढ़ रहा हूं।