अमेरिका: आज बाइडन के हाथ में होगी सत्ता, भारत में इस समय देख सकेंगे समारोह
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दुनिया की सबसे बड़ी ताकतों में शुमार संयुक्त राज्य अमेरिका में बुधवार को आधिकारिक रूप से सत्ता रिपब्लिकन के हाथ से निकलकर डेमोक्रेट्स के पास चली जाएगी। चयनित राष्ट्रपति जो बाइडन बुधवार को अमेरिका के 46वें राष्ट्रपति के तौर पर राष्ट्रपति पद की शपथ ग्रहण करेंगे। इसे लेकर सुरक्षा व्यवस्था के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। बता दें कि अमेरिकी इतिहास में पहली बार किसी राष्ट्रपति के शपथ ग्रहण कार्यक्रम को लेकर इतनी सख्ती है। दरअसल, बीते दिनों निवर्तमान राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के समर्थकों द्वारा अमेरिकी संसद कैपिटल हिल में किए गए प्रदर्शन के बाद स्थिति को लेकर खास सतर्कता बरती जा रही है।
वहीं, शपथ ग्रहण समारोह के पूर्वाभ्यास के समय कैपिटल कॉम्प्लेक्स के एक हिस्से में लगी आग ने भी सुरक्षा व्यवस्था को और कड़ा करने पर मजबूर कर दिया है। जानकारी के अनुसार आग लगने से अलार्म बज उठे और कॉम्प्लेक्स को लॉकडाउन कर दिया गया। जांच हुई तो पता चला कि डेढ़ किमी दूर बेघरों के आश्रयस्थल में यह आग लगी थी। आग बुझाने के बाद पूर्वाभ्यास पूरा किया गया। हालांकि, इसकी वजह से राजधानी के काफी हिस्से में धुआं फैल गया, पूर्वाभ्यास भी काफी देर तक के लिए रोक दिया गया। अजीब बात हुई कि काफी देर तक लोग इस आपातस्थिति को पूर्वाभ्यास ड्रिल का ही हिस्सा मानते रहे।
बता दें कि भारतीयों में भी पिछले साल अमेरिका में हुए इस ऐतिहासिक चुनाव को लेकर खासा उत्साह था। अमेरिका की अगली उप राष्ट्रपति कमला हैरिस के भारत से संबंध ने भी भारतीयों में इस चुनाव को लेकर रुचि पैदा की। वहीं, जीत के बाद बड़ी संख्या में भारतीय मूल के लोगों को अपनी टीम में शामिल करने के फैसलों ने भी भारत में बाइडन की लोकप्रियता में खासा इजाफा किया। जो बाइडन के शपथ ग्रहण समारोह के लिए भी भारतीय उत्साहित हैं। इसीलिए हम आपको बताने जा रहे हैं कि भारतीय समयानुसार बाइडन के शपथ ग्रहण का आयोजन किस हिसाब से होगा और इससे संबंधित अन्य सभी अहम जानकारियां।
बुधवार को वाशिंगटन डीसी में जो बाइडन और कमला हैरिस ने नेशनल मेमोरियल समारोह में भी शिरकत की।
Washington DC: US President-elect Joe Biden and Vice President-elect Harris attended a national memorial ceremony at the Lincoln Memorial for 400,000 Americans who have died from COVID-19 since the pandemic began. pic.twitter.com/wrtM9ScUsB
— ANI (@ANI) January 19, 2021
भारतीय समय अनुसार रात 10 बजे समारोह
अमेरिकी समयानुसार, बुधवार को मुख्य शपथ ग्रहण समारोह सुबह 11.30 बजे से शुरू होगा। भारतीय समय अनुसार यह रात 10 बजे होगा। शुरुआत अमेरिका के राष्ट्रगान से होगी। पद ग्रहण दोपहर 12 बजे होगा। इसके पहले सुबह नौ बजे से दूसरे आयोजन शुरू हो जाएंगे।
लेडी गागा, ब्रुक्स और लोपेज देंगे प्रस्तुतियां
आयोजन में लेडी गागा, अमेरिकी गीतकार गार्थ ब्रुक्स और जेनिफर लोपेज प्रस्तुतियां देंगे। बुक्स 2008 में बराक ओबामा के पदग्रहण में भी शामिल थे। फिल्मकार टॉम हैंक्स 90 मिनट के विशेष आयोजन ‘सेलिब्रेटिंग अमेरिका’ की मेजबानी करेंगे। इस आयोजन में जस्टिन टिंबरलेक, डेमी लोवाटो, एंट क्लेमन्स, बॉन जोवीभी शामिल हो सकते हैं। इसके बाद मुख्य समारोह होगा।
अश्वेतों का विशेष आयोजन
अमेरिकी अश्वेत, एशियाई, अफ्रीकी और अन्य द्वीपों के मूल के नागरिकों के योगदान को प्रदर्शित करता एक शो समारोह में होगा। इन समुदाय की जीवटता, संस्कृति और नायकों को दर्शाया जाएगा। आयोजन समिति सीईओ टॉनी एलन के अनुसार अश्वेत नेता वक्तव्य भी देंगे।
तीन दिन के आयोजन में भारतीय देंगे वक्तव्य
प्रमुख भारतीय-अमेरिकी व सांसद पदग्रहण समारोह समिति के एशियाई-अमेरिकी आयोजन में वक्तव्य देंगे। मंगलवार से शुरू हो रहा यह तीन दिवसीय आयोजन अमेरिका की विविधता का आयोजन माना जाता है, जिसमें विभिन्न क्षेत्रों के सदस्य शामिल होते हैं।
रोहित चोपड़ा को अहम जिम्मेदारी
इस बीच बाइडन ने भारतीय-अमेरिकी रोहित चोपड़ा को कंज्यूमर फाइनेंशियल प्रोटेक्शन ब्यूरो को नया निदेशक चुना है। एफटीसी कमिश्नर चोपड़ा ने 2008-09 में तेजी से बढ़े शिक्षा लोन की ओर सबका ध्यान खींचा था। इसे देखते हुए डेमोक्रेट्स ने कोविड-19 पैकेज के तहत लाखों अमेरिकी विद्यार्थियों को लोन में राहत दिलाने के लिए उन्हें चुना है।
इस तरह होगा शपथ ग्रहण कार्यक्रम
मुख्य न्यायाधीश जॉन रॉबर्ट्स 12 बजते ही (स्थानीय समयानुसार) कैपिटल के वेस्ट फ्रंट में बाइडन को पद की शपथ दिलाएंगे। शपथ ग्रहण का यह पारंपरिक स्थान है जहां नेशनल गार्ड्स के 25 हजार से अधिक जवान सुरक्षा में तैनात रहेंगे। निवर्तमान राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप समर्थकों के हिंसक प्रदर्शन को देखते हुए इस स्थान को किले में तब्दील कर दिया गया है। अमेरिका में इस वर्ष सत्ता हस्तांतरण अपने विवादों को लेकर याद किया जाएगा। चुनावों के बाद सामान्य तौर पर यह प्रक्रिया शुरू हो जाती थी लेकिन निवर्तमान राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा तीन नवंबर के चुनाव परिणाम को अस्वीकार करने के बाद यह कई हफ्ते बाद शुरू हुआ है।
बाइडन (78) अपने परिवार की 127 वर्ष पुरानी बाइबिल के साथ शपथ लेंगे। इस दौरान उनकी पत्नी जिल बाइडन अपने हाथों में बाइबिल लिए खड़ी रहेंगी। अमेरिका के इतिहास में सबसे अधिक उम्र के राष्ट्रपति बनने जा रहे बाइडन शपथ ग्रहण के तुरंत बाद राष्ट्रपति के तौर पर देश के नाम अपना पहला संबोधन देंगे। ऐतिहासिक भाषण भारतीय मूल के अमेरिकी नागरिक विनय रेड्डी तैयार कर रहे हैं, जो एकता और सौहार्द पर आधारित होगा। हैरिस (56) पहली महिला, पहली अश्वेत और पहली दक्षिण एशियाई अमेरिकी उप राष्ट्रपति बनकर इतिहास रचेंगी। उन्हें सुप्रीम कोर्ट की पहली लैटिन सदस्य न्यायमूर्ति सोनिया सोटोमेयर पद की शपथ दिलाएंगी।
सोटोमेयर ने बाइडन को 2013 में उप राष्ट्रपति पद की शपथ दिलाई थी। वह दो बाइबिल को लेकर शपथ लेंगी जिसमें एक निकट पारिवारिक मित्र रेगिना शेल्टन की होगी और दूसरी देश के पहले अफ्रीका मूल के अमेरिकी सुप्रीट कोर्ट के न्यायाधीश थुरगूड मार्शल की होगी।
पहली बार टूटीं दो परंपराएं
1. मौजूदा राष्ट्रपति नहीं होंगे आयोजन का हिस्सा
ट्रंप पद ग्रहण समारोह में शरीक होने से इनकार कर चुके हैं। यह अमेरिका के इतिहास में पहली बार है कि मौजूदा राष्ट्रपति नए राष्ट्रपति के शपथ ग्रहण कार्यक्रम का हिस्सा नहीं बनेगा। आयोजन में उप राष्ट्रपति माइक पेंस मौजूद रहेंगे। ट्रंप ने व्हाइट हाउस में बाइडन को आमंत्रित भी नहीं किया, जो परंपरा मानी जाती है। बताया जा रहा है कि वे आयोजन में शरीक होने से बचने के लिए बुधवार सुबह ही व्हाइट हाउस छोड़ देंगे।
2. मेलानिया ने नई प्रथम महिला की व्हाइट हाउस में मेजबानी नहीं की
अमेरिकी परंपरा के अनुसार मेलानिया ने नई प्रथम महिला डॉ. जिल को औपचारिक तौर पर व्हाइट हाउस में आमंत्रित नहीं किया। परंपरा के अनुसार जाते हुए राष्ट्रपति की पत्नी नए चुने गए राष्ट्रपति की पत्नी की औपचारिक मेजबानी करती हैं। मेलानिया को भी बराक ओबामा की पत्नी मिशेल ओबामा ने आमंत्रित किया था, वह भी ऐसे समय में जब ट्रंप बराक ओबामा की नागरिकता पर सवाल उठा रहे थे।
मेलानिया ने कहा- हिंसा का रास्ता ठीक नहीं
मौजूदा राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की पत्नी मेलानिया ट्रंप ने एक वीडियो संदेश में कैपिटल हिंसा पर कहा कि लोग चाहे किसी के भी लिए जुनूनी हो जाएं, लेकिन हिंसा का रास्ता कभी न अपनाएं। अमेरिका की प्रथम महिला के तौर पर दिए इस अंतिम वक्तव्य में उन्होंने कहा कि हिंसा को कभी न्यायोचित नहीं ठहराया जा सकता। उन्होंने नागरिकों को कोरोना से बचने का निवेदन किया और स्वास्थ्यकर्मियों सहित महामारी में बचाव कार्य में लगे सभी लोगों का आभार जताया।
'चीफ कमांडर की हैसियत से विफल रहे ट्रंप'
अमेरिका में अश्वेतों के अधिकारों के लिए हुए आंदोलन के प्रमुख नायक मार्टिन लूथर किंग जूनियर के बड़े बेटे मार्टिन लूथर किंग - 3 ने कहा कि ट्रंप देश के कमांडर इन चीफ की हैसियत से काम करने में विफल रहे। उन्हें लोगों को एक करना था, लेकिन उन्होंने बांटने का काम किया। मार्टिन किंग ने बाइडन प्रशासन से उम्मीद जताई और कहा कि अब अमेरिका में नुकसान की भरपाई होगी।