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20% टैरिफ पर ट्रंप का यू-टर्न: होर्मुज में जहाजों से नहीं होगी वसूली, US राष्ट्रपति ने क्यों वापस लिया फैसला?
Tue, 14 Jul 2026 09:13 PM IST
Pavan
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, दुबई
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, दुबई
Published by: Pavan
Updated Tue, 14 Jul 2026 09:13 PM IST
सार
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप होर्मुज में जहाजों से 20 फीसदी शुल्क वसूलने के फैसले से पीछे हट गए हैं। ट्रंप के इस फैसले से फिलहाल जहाजों पर अतिरिक्त शुल्क लगाने की आशंका टल गई है। इसके बजाय अमेरिका और खाड़ी देशों के बीच निवेश और व्यापार बढ़ाने पर जोर दिया जाएगा।
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डोनाल्ड ट्रंप, अमेरिकी राष्ट्रपति
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले मालवाहक जहाजों पर 20% शुल्क लगाने के अपने प्रस्ताव से पीछे हटने का फैसला किया है। उन्होंने कहा कि अब इसकी जगह खाड़ी देशों के साथ व्यापार और निवेश समझौतों को प्राथमिकता दी जाएगी। ट्रंप ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में कहा कि पश्चिम एशिया के नेताओं के साथ हुई 'बेहद सकारात्मक और उपयोगी बातचीत' के बाद उन्होंने 20% 'संयुक्त राज्य अमेरिका प्रतिपूर्ति शुल्क' लगाने का प्रस्ताव वापस लेने का निर्णय लिया है। उन्होंने कहा, 'मैंने तय किया है कि 20% शुल्क की जगह अब खाड़ी के विभिन्न देश अमेरिका में व्यापार और निवेश के बड़े समझौते करेंगे'।
यह भी पढ़ें- Explainer: पिछली बार से कितनी बदली अमेरिका-ईरान की जंग, मध्यस्थता में नाकामी के बाद पाकिस्तान की क्या कूटनीति?
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निवेश बहुत बड़े होंगे- डोनाल्ड ट्रंप
अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा कि टोल शुल्क के बजाय अब खाड़ी देशों के बड़े निवेश को बढ़ावा दिया जाएगा, जिससे अमेरिका और इन देशों दोनों को फायदा होगा। अब हम पूरी तरह से नाकाबंदी लगाएंगे, लेकिन यह सिर्फ उन जहाजों पर होगी जो ईरानी बंदरगाहों से आ-जा रहे हैं या जिनमें ईरान से जुड़ा कोई सामान या माल होगा। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर लिखा, 'पश्चिम एशिया के नेताओं के साथ हुई बहुत अच्छी और सकारात्मक बातचीत के आधार पर मैंने फैसला किया है कि अमेरिका की 20 प्रतिशत टोल शुल्क को हटाकर उसकी जगह व्यापार और निवेश समझौते किए जाएंगे। इन समझौतों के तहत अलग-अलग खाड़ी देश अमेरिका में निवेश करेंगे। ये निवेश बहुत बड़े स्तर पर होंगे, लेकिन साथ ही इन देशों के लिए भी बेहद फायदेमंद साबित होंगे और उनके भविष्य को मजबूत बनाने में मदद करेंगे'।
'पहले से कहीं ज्यादा हो रहा है तेल का उत्पादन'
डोनाल्ड ट्रंप ने पोस्ट में आगे कहा, 'तेल का उत्पादन पहले से कहीं ज्यादा हो रहा है और इसका श्रेय अमेरिका की सेना की शानदार ताकत को जाता है। मैं विशेष रूप से रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ, ज्वाइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ के चेयरमैन डैन केन और अमेरिका के सेंट्रल कमांड के कमांडर एडमिरल ब्रैड कूपर को सलाम करता हूं। उनकी वजह से और दुनिया की सबसे ताकतवर सेना के सभी सदस्यों की वजह से होर्मुज स्ट्रेट अब सभी जहाजों के लिए खुला है, सिवाय ईरान से जुड़े जहाजों के और इसकी वजह ईरान का झूठ बोलने वाला, हिंसक और गलत नीतियों वाला नेतृत्व है, जो देश को पूरी तरह बर्बादी की ओर ले जा रहा है'। ट्रंप ने कहा कि जैसा कि सभी जानते हैं, अमेरिका में किसी भी देश द्वारा किया गया सबसे बड़ा डॉलर निवेश पहले से मौजूद है। लेकिन ये नए निवेश इस संख्या को और भी बढ़ा देंगे। हम देखेंगे कि अमेरिका में कारखाने, प्लांट और नई मशीनरी ऐतिहासिक स्तर पर आएंगी, जिससे लाखों और अच्छे वेतन वाली अमेरिकी नौकरियां पैदा होंगी। ट्रंप ने कहा कि अमेरिका फिर से जीत रहा है, पहले से कहीं ज्यादा। वह दौर खत्म हो गया है जब ईरान सैकड़ों हजारों लोगों की मौत का कारण बना, जिनमें 52,000 प्रदर्शनकारी भी शामिल थे। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि ईरान के पास कभी भी परमाणु हथियार नहीं होगा।
पहले क्या था प्रस्ताव?
ट्रंप ने हाल ही में संकेत दिया था कि होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले मालवाहक जहाजों पर 20% शुल्क लगाया जा सकता है। उनका तर्क था कि इस महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग की सुरक्षा में अमेरिका की बड़ी भूमिका है, इसलिए इसका आर्थिक लाभ भी अमेरिका को मिलना चाहिए।
यह भी पढ़ें- Ukraine War: 'PM मोदी की बात सुनते हैं पुतिन, युद्ध रुकवा सकता है भारत', पोलैंड के अधिकारी का बड़ा बयान
होर्मुज के लिए 'फीस लेने का विचार' पसंद नहीं - ट्रंप
व्हाइट हाउस में इराक के प्रधानमंत्री अली अल-जैदी के साथ एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान ट्रंप ने कहा कि होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने के लिए किसी को भी फीस लेने का अधिकार नहीं होना चाहिए। ट्रंप ने कहा कि हम इसे किसी दूसरे तरीके से करना पसंद करेंगे। हम अमेरिका में अरबों डॉलर का निवेश करना चाहेंगे।
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#WATCH | On Iran, US President Donald Trump says, "We had a deal two days ago. It was done. And then all of a sudden they couldn't do it. They didn't like something about the deal. They couldn't do it. And they shot first. And that was a big mistake that they shot first because… pic.twitter.com/B7BUnYAn2I
— ANI (@ANI) July 14, 2026विज्ञापन
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निवेश बहुत बड़े होंगे- डोनाल्ड ट्रंप
अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा कि टोल शुल्क के बजाय अब खाड़ी देशों के बड़े निवेश को बढ़ावा दिया जाएगा, जिससे अमेरिका और इन देशों दोनों को फायदा होगा। अब हम पूरी तरह से नाकाबंदी लगाएंगे, लेकिन यह सिर्फ उन जहाजों पर होगी जो ईरानी बंदरगाहों से आ-जा रहे हैं या जिनमें ईरान से जुड़ा कोई सामान या माल होगा। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर लिखा, 'पश्चिम एशिया के नेताओं के साथ हुई बहुत अच्छी और सकारात्मक बातचीत के आधार पर मैंने फैसला किया है कि अमेरिका की 20 प्रतिशत टोल शुल्क को हटाकर उसकी जगह व्यापार और निवेश समझौते किए जाएंगे। इन समझौतों के तहत अलग-अलग खाड़ी देश अमेरिका में निवेश करेंगे। ये निवेश बहुत बड़े स्तर पर होंगे, लेकिन साथ ही इन देशों के लिए भी बेहद फायदेमंद साबित होंगे और उनके भविष्य को मजबूत बनाने में मदद करेंगे'।
'पहले से कहीं ज्यादा हो रहा है तेल का उत्पादन'
डोनाल्ड ट्रंप ने पोस्ट में आगे कहा, 'तेल का उत्पादन पहले से कहीं ज्यादा हो रहा है और इसका श्रेय अमेरिका की सेना की शानदार ताकत को जाता है। मैं विशेष रूप से रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ, ज्वाइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ के चेयरमैन डैन केन और अमेरिका के सेंट्रल कमांड के कमांडर एडमिरल ब्रैड कूपर को सलाम करता हूं। उनकी वजह से और दुनिया की सबसे ताकतवर सेना के सभी सदस्यों की वजह से होर्मुज स्ट्रेट अब सभी जहाजों के लिए खुला है, सिवाय ईरान से जुड़े जहाजों के और इसकी वजह ईरान का झूठ बोलने वाला, हिंसक और गलत नीतियों वाला नेतृत्व है, जो देश को पूरी तरह बर्बादी की ओर ले जा रहा है'। ट्रंप ने कहा कि जैसा कि सभी जानते हैं, अमेरिका में किसी भी देश द्वारा किया गया सबसे बड़ा डॉलर निवेश पहले से मौजूद है। लेकिन ये नए निवेश इस संख्या को और भी बढ़ा देंगे। हम देखेंगे कि अमेरिका में कारखाने, प्लांट और नई मशीनरी ऐतिहासिक स्तर पर आएंगी, जिससे लाखों और अच्छे वेतन वाली अमेरिकी नौकरियां पैदा होंगी। ट्रंप ने कहा कि अमेरिका फिर से जीत रहा है, पहले से कहीं ज्यादा। वह दौर खत्म हो गया है जब ईरान सैकड़ों हजारों लोगों की मौत का कारण बना, जिनमें 52,000 प्रदर्शनकारी भी शामिल थे। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि ईरान के पास कभी भी परमाणु हथियार नहीं होगा।
पहले क्या था प्रस्ताव?
ट्रंप ने हाल ही में संकेत दिया था कि होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले मालवाहक जहाजों पर 20% शुल्क लगाया जा सकता है। उनका तर्क था कि इस महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग की सुरक्षा में अमेरिका की बड़ी भूमिका है, इसलिए इसका आर्थिक लाभ भी अमेरिका को मिलना चाहिए।
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होर्मुज के लिए 'फीस लेने का विचार' पसंद नहीं - ट्रंप
व्हाइट हाउस में इराक के प्रधानमंत्री अली अल-जैदी के साथ एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान ट्रंप ने कहा कि होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने के लिए किसी को भी फीस लेने का अधिकार नहीं होना चाहिए। ट्रंप ने कहा कि हम इसे किसी दूसरे तरीके से करना पसंद करेंगे। हम अमेरिका में अरबों डॉलर का निवेश करना चाहेंगे।