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अमेरिका: नौसेना ने किया नवीनतम एयरक्राफ्ट कैरियर का सफल परीक्षण, चीन की 'किलर' मिसाइल का जवाब
Thu, 12 Aug 2021 07:22 PM IST
गौरव पाण्डेय
वर्ल्ड डेस्क, अमर, उजाला, फ्लोरिडा
वर्ल्ड डेस्क, अमर, उजाला, फ्लोरिडा
Published by: गौरव पाण्डेय
Updated Thu, 12 Aug 2021 07:22 PM IST
सार
अमेरिकी नौसेना के एयरक्राफ्ट कैरियर जेराल्ड आर फोर्ड ने 20 टन विस्फोटकों को पानी के अंदर डेटोनेट करने का सफल परीक्षण किया है। इसे चीन की किलर मिसाइल से बने खतरे को कम करने में प्रभावी माना जा रहा है। अमेरिकी नौसेना की ओर से एक रिपोर्ट में इसका एलान किया गया है।
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ट्रायल के दौरान जेराल्ड आर फोर्ड एयरक्राफ्ट कैरियर
- फोटो : twitter.com/USNINews
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विस्तार
अमेरिका के सबसे नए और सबसे आधुनिक न्यूक्लियर कैरियर का तीसरा और अंतिम फुल शिप शॉक ट्रायल रविवार को पूरा हो गया। यह ट्रायल फ्लोरिडा के तट पर चल रहा था। इससे पहले 16 और 18 जुलाई को ट्रायल हुए थे।
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नौसेना संस्थान के समाचार पोर्टल यूएसएनआई के अनुसार इस शॉक ट्रायल में जहाज और उसके सिस्टम के परीक्षण के लिए नौसेना ने समुद्र में 40 हजार पाउंड विस्फोटक डेटोनेट किए। इस दौरान कोई असामान्य घटना नहीं हुई।
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पूरी तरह से कामयाब रहा परीक्षण
जेलाल्ड आर फोर्ड के कमांडिंग अधिकारी कैप्टन पॉल लंजिलोटा ने कहा कि ट्रायल के दौरान सब सामान्य रहा। कोई गंभीर नुकसान नहीं हुआ, कोई बाढ़ की स्थिति नहीं बनी। उन्होंने कहा कि यह सब हमारे लिए बहुत महत्वपूर्ण है।
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माना जा रहा है कि अमेरिका के इस ट्रायल पर चीन की निगाहें भी जमी रहीं। इसके पीछे का कारण यह है कि चीन की सेना साल 2015 से अपनी डीएफ-21डी और डीएफ-26 मिसाइलों के दम पर ताकत का प्रदर्शन कर रही है।
किलर मिसाइलों का करारा जवाब
उल्लेखनीय है कि चीन की इन मिसाइलों को किलर मिसाइल के नाम से भी जाना जाता है। इन मिसाइलों की खास बात यह है कि ये एक गतिशील एयरक्राफ्ट कैरियर को पांच हजार किमोमीटर की दूरी से निशाना बना सकती हैं।
ट्रायल के दौरान जितने विस्फोटकों का इस्तेमाल किया गया वह 3.9 मैग्नीट्यूड वाले भूकंप के बराबर थे। हर बार यह विस्फोट कैरियर के और पास किया गया। विस्फोट की वजह से पोत पर पड़ने वाला डाटा भी एकत्र किया गया है।
अमेरिका और रूस को दिया संदेश
र्व चीनी सैन्य प्रशिक्षक सोंग झोंगपिंग का कहना है कि इस रिपोर्ट से अमेरिका ने चीन और रूस को एक संदेश भेजा है कि उसके एयक्राफ्ट सभी खूबियों से लैस हैं और चीन या रूस के हथियारों से उसे चिंतित होने की जरूरत नहीं है।