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Donald Trump: कोलोराडो के बाद इस राज्य से ट्रंप को झटका, 2024 राष्ट्रपति चुनाव की रेस में शामिल होने से रोका
Fri, 29 Dec 2023 07:39 AM IST
अभिषेक दीक्षित
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वॉशिंगटन
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वॉशिंगटन
Published by: अभिषेक दीक्षित
Updated Fri, 29 Dec 2023 07:39 AM IST
सार
फैसले में कहा गया कि ट्रंप ने 6 जनवरी 2021 को अपने समर्थकों को भड़काने का काम किया। उन्होंने उपद्रवियों को कैपिटल हिल को निशाना बनाने के लिए उकसाने के लिए चुनावी धोखाधड़ी की झूठी कहानी का सहारा लिया। उनका कभी-कभी यह कह देना कि लोग शांति बनाए रखें, उनके गलत कामों को ठीक नहीं कर सकता।
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Donald Trump
- फोटो : ANI
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विस्तार
अमेरिका के उत्तर पूर्वी राज्य मेन के शीर्ष चुनाव अधिकारी ने पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को करारा झटका दिया है। मामला 2021 के कैपिटल हिल दंगे में ट्र्रंप की भूमिका से जुड़ा है। मेन राज्य की सेक्रेटरी ऑफ स्टेट शेना ली बेलोज ने मामले में संवैधानिक विद्रोह के प्रावधान का हवाला देते हुए ट्रंप के खिलाफ फैसला सुनाया।
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इसके तहत ट्रंप 2024 में होने वाले राष्ट्रपति चुनाव की होड़ में शामिल नहीं हो सकते। ऐसे में अगर ऊपरी कोर्ट से भी राहत नहीं मिली तो ट्रंप रिपब्लिकन पार्टी के राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार बनने के लिए मेन राज्य में होने वाले प्राथमिक चुनाव में हिस्सा नहीं ले पाएंगे। इससे पहले कोलोराडो में ट्रंप पर ऐसे ही प्रतिबंध लगाए गए थे। हालांकि, फैसलों को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देने का विकल्प अभी भी बरकरार है।
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34 पेज के फैसले में बेलोज ने कई अहम टिप्पणियां कीं। उन्होंने कहा कि अमेरिकी संविधान के 14वें संशोधन की वजह से ट्रंप को मेन के बैलेट से हटा दिया जाना चाहिए। इस संशोधन के मुताबिक, विद्रोह या इसमें शामिल कोई भी शख्स पद संभालने के लिए अयोग्य करार दे दिया जाता है।
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समर्थकों को भड़काने का आरोप सही पाया
फैसले में कहा गया कि ट्रंप ने 6 जनवरी 2021 को अपने समर्थकों को भड़काने का काम किया। उन्होंने उपद्रवियों को कैपिटल हिल को निशाना बनाने के लिए उकसाने के लिए चुनावी धोखाधड़ी की झूठी कहानी का सहारा लिया। उनका कभी-कभी यह कह देना कि लोग शांति बनाए रखें, उनके गलत कामों को ठीक नहीं कर सकता।
बेलोज ने कही यह बात
बेलोज ने कहा कि मैंने बहुत सोच समझ कर ही यह फैसला सुनाया है। मुझे पता है कि किसी भी सेक्रेटरी ऑफ स्टेट ने संविधान के 14वें संशोधन की धारा 3 के आधार पर राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार पर ऐसे प्रतिबंध नहीं लगाए हैं। हालांकि, यह बात भी सच है कि पहले कभी किसी राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार ने विद्रोह भी नहीं कराया है।
फैसले को राजनीति से प्रेरित बताया
इससे पहले ट्रंप के कैंपेन ने बेलोज से कहा था कि वे इस प्रक्रिया से खुद को अलग कर लें। अब जब फैसला आ गया है तो ट्रंप के कैंपेन के प्रवक्ता उन्हें बाइडन समर्थक बता रहे हैं। ट्रंप के कैंपेन के प्रवक्ता स्टीवन चेउंग ने फैसले को गलत करार देते हुए बेलोज को पक्षपातपूर्ण बाइडन-समर्थक डेमोक्रेट कहा। उन्होंने पूरे मामले को राजनीति से प्रेरित बताया। उन्होंने कहा कि ट्रंप का कैंपेन मेन के इस क्रूर फैसले के खिलाफ राज्य की अदालत में तुरंत चुनौती देगा।
उम्मीदवारी को कई राज्यों में चुनौती दी गई
दरअसल, 2024 में डोनाल्ड ट्रंप को राष्ट्रपति पद के चुनाव से दूर रखने के लिए उनकी उम्मीदवारी को कई राज्यों में चुनौती दी गई है। इसका आधार संविधान के 14वें संशोधन को बनाया गया है। हालांकि, मिशिगन और मिनेसोटा राज्य की अदालतों ने ट्रंप पर रोक लगाने से इनकार कर दिया है।