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US: 'पाकिस्तान की नई सरकार को मान्यता न दें, जब तक पारदर्शी जांच न हो', अमेरिकी सांसदों ने बाइडन को लिखा खत

Fri, 01 Mar 2024 04:20 PM IST
निर्मल कांत वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वॉशिंगटन
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वॉशिंगटन Published by: निर्मल कांत Updated Fri, 01 Mar 2024 04:20 PM IST
सार

US: अमेरिकी सांसदों के समूह ने राष्ट्रपति जो बाइडन ने कहा कि पाकिस्तान के चुनाव में हेराफेरी के पुख्ता सबूतों को देखते हुए आपसे आग्रह करते हैं कि इस्लामाबाद की नई सरकार को मान्यता देने से पहले एक गहन, पारदर्शी और भरोसेमंद जांच होने का इंतजार करें।

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US lawmakers urge Biden to withhold recognition of Pakistan's new govt until poll rigging probe is conducted
अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडन - फोटो : पीटीआई (फाइल)

विस्तार

अमेरिका के प्रभावशाली सांसदों के एक समूह ने बुधवार को राष्ट्रपति जो बाइडन और विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन को पत्र लिखा। पत्र में सांसदों ने उनसे आग्रह किया कि वह पाकिस्तान की नई सरकार को तब तक मान्यता न दें, जब तक चुनाव में धांधली की विश्वसनीय और पारदर्शी तरीके से जांच न हो। पत्र लिखने वालों में सत्तारूढ़ डेमोक्रेट के मुस्लिम सांसद भी शामिल हैं। 

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आम चुनाव के आए त्रिशंकु परिणाम
पाकिस्तान में आठ फरवरी को आम चुनाव हुए। जिसके बाद त्रिशंकु परिणाम सामने आए थे। कोई भी दल बहुमत के आंकड़े को पार नहीं कर पाया था। 266 सदस्यीय नेशनल असेंबली के लिए चुनाव में 90 से ज्यादा सीट पर पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) समर्थित निर्दलीय उम्मीदवारों ने जीत हासिल की थी। जबकि पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज (पीएमएल-एन) ने 75 और पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी (पीपीपी) ने 54 सीट पर हासिल की थी। वहीं, मुत्ताहिदा कौमी मूवमेंट-पाकिस्तान (एमक्यूएम-पी) ने 17 सीट पर जीत हासिल की। 

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'जांच तक न दें नई सरकार को मान्यता'
पत्र में सांसदों ने पाकिस्तान के हालिया संसदीय चुनाव में हुई धांधली पर चिंता जताई। इसमें उन्होंने अमेरिकी सरकार से अनुरोध किया कि वह पाकिस्तान में नई सरकार की मान्यता को तब तक रोके रखें, जब तक चुनाव में हेराफेरी की पूरी तरह से पारदर्शी और विश्वसनीय जांच नहीं हो जाती। पत्र में आगे कहा गया, "इस्लामाबाद लंबे समय से अमेरिका का सहयोगी रहा है। यह अमेरिका के हित में है कि वह सुनिश्चित करे कि पाकिस्तान में लोकतंत्र का विकास हो। चुनाव के नतीजे पाकिस्तानी लोगों के हितों को प्रतिबिंबित करते हैं, न कि पाकिस्तान के अभिजात वर्ग (एलीट क्लास) या सेना के हितों को।"

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पीएमएल-एन और पीपीपी में समझौता
चुनाव के त्रिशंकु परिणाम सामने आने के बाद पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ की पार्टी पीएमएल-एन और पूर्व विदेश मंत्री की पार्टी पीपीपी ने गठबंधन सरकार बनाने के लिए चार अन्य दलों के साथ समझौता किया है। जिससे जेल में बंद में पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की सत्ता में वापसी की संभावना पर एक तरह से विराम लग सकता है। किसी भी पार्टी को सरकार बनाने के लिए 266 सदस्यीय नेशनल असेंबली की 265 सीट में से 133 जीत दर्ज करनी होगी। वहीं, पीटीआई ने पीएमएल-एन और पीपीपी के गठबंधन सरकार बनाने के प्रयासों को खारिज किया और चेतावनी दी है कि जनादेश की चोरी से देशख में सबसे खराब राजनीतिक अस्थिरता पैदा होगी। 

राजनीतिक कैदियों को रिहाई की मांग
अमेरिकी सांसदों के समूह ने कहा, पाकिस्तान के चुनाव में हेराफेरी के पुख्ता सबूतों को देखते हुए आपसे आग्रह करते हैं कि इस्लामाबाद की नई सरकार को मान्यता देने से पहले एक गहन, पारदर्शी और भरोसेमंद जांच होने का इंतजार करें। यह जरूरी कदम उठाए बिना आप पाकिस्तानी अधिकारियों के लोकतंत्र विरोधी व्यवहार पर रोक नहीं लगा सकते हैं और पाकिस्तानी लोगों की लोकतांत्रिक इच्छाशक्ति को कमजोर कर सकते हैं।इसमें पाकिस्तानी अधिकारियों से राजनीतिक भाषण या गतिविधियों में शामिल होने के लिए गिरफ्तार किए गए लोगों को रिहा करने की भी मांग की गई है। 

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