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अमेरिका में लागू हुआ यह कानून तो भारतीयों को मिलेंगे सबसे ज्यादा ग्रीन कार्ड, जानें फायदा

Sat, 09 Feb 2019 08:22 AM IST
Sneha Baluni वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला Published by: Sneha Baluni Updated Sat, 09 Feb 2019 08:22 AM IST
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US lawmakers presented a bill which will favour Indian techies to get maximum Green Card
सांकेतिक तस्वीर

अमेरिका में जल्द ही एक कानून लागू होने वाला है। जिसके अनुसार हर देश के हिसाब से ग्रीन कार्ड जारी करने की संख्या पर लागू सीमा को खत्म किया जा सकता है। अमेरिका में आबादी वाले देश जैसे कि भारत और चीन के नागरिकों को अमूमन कम ही नागरिकता मिल पाती है इसकी वजह है ग्रीन कार्ड की सीमित संख्या होना। यहां दूसरे देश के नागरिकों को आसानी से स्थायी नागरिकता मिल जाती है।

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इस संबंध में अमेरिकी संसद में पेश किए गए बिल के पास हो जाने की उम्मीद है क्योंकि दोनों पार्टियां इसके समर्थन में हैं। उम्मीद है कि जल्द ही यह विधेयक कानून बन जाएगा। जिसके बाद ग्रीन कार्ड की संख्या पर लगी सीमा खत्म हो जाएगी। कैलिफोर्निया के डेमोक्रेट प्रतिनिधि जोए लोफग्रेन और रिपब्लिकन के केन बक ने हाई स्किल्ड इमिग्रेंट्स एक्ट 2019 पेश किया। इस कानून को सीनेट कमला हैरिस और माइक ली का समर्थन प्राप्त है।
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यह विधेयक पिछले वर्जन से काफी मिलता-जुलता है जो कांग्रेस के बहुमत के बावजूद पास नहीं हो पाया था। यह विधेयक प्रति देश की सीमा को रोजगार-आधारित स्थायी निवास में बदल देगा। वर्तमान में यह सीमा सात प्रतिशत है। वर्तमान कानून के अनुसार रोजगार आधारित ग्रीन कार्ड सालाना केवल 140,000 जारी किए जाते हैं। किसी भी देश के 9,800 से ज्यादा लोगों को अमेरिका की स्थायी नागरिकता नहीं मिलती है।
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इसका मतलब हुआ कि भारत और चीन के नागरिक जोकि अमेरिका में सबसे ज्यादा हाई स्किल्ड प्रवासी हैं उन्हें सालाना केवल 9,800 ग्रीन कार्ड मिलते हैं। जिसकी वजह से कई लोगों को नागरिकता पाने के लिए दशकों का इंतजार करना पड़ता है। वहीं कम आबादी वाले देश जैसे कि श्रीलंका, इथियोपिया, ईरान के लोगों को नागरिकता मिलने की संभावना ज्यादा रहती है क्योंकि अमेरिका में उनकी संख्या कम है।

जिन लोगों की नागरिकता से संबंधित आवेदन लंबित पड़े हैं उनमें 90 प्रतिशत भारतीय हैं। इस प्रस्तावित विधेयक से अन्य देशों के प्रवासियों में हलचल मच गई है। उनका मानना है कि इस विधेयक को भारत के पक्ष में तैयार किया गया है। हर साल एच1बी और एल वीजा पर सबसे ज्यादा भारतीय अमेरिका जाते हैं।


तकनीक आधारित कंपनी माइक्रोसॉफ्ट और आईबीएम इस विधेयक के समर्थन में हैं क्योंकि इससे उन्हें ज्यादा से ज्यादा संख्या में भारतीय इंजिनियर्स और सॉफ्टवेयर डेवलपर्स की नियुक्ति करने मे आसानी होगी।

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