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US: ओवरसीज कांग्रेस के कार्यक्रम में भारतीय पत्रकार के साथ बदसलूकी? बवाल के बाद अमेरिकी सांसदों ने की आलोचना
Wed, 18 Sep 2024 08:12 AM IST
काव्या मिश्रा
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वॉशिंगटन
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वॉशिंगटन
Published by: काव्या मिश्रा
Updated Wed, 18 Sep 2024 08:12 AM IST
सार
यह घटना राहुल गांधी की हाल ही में अमेरिका की यात्रा के दौरान हुई थी। डलास में पिछले सप्ताह इंडियन ओवरसीज कांग्रेस के सदस्यों ने कथित तौर पर एक भारतीय पत्रकार के साथ बदसलूकी की थी।
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अमेरिकी सांसदों ने कड़ी आलोचना की
- फोटो : एएनआई
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विस्तार
अमेरिका के डलास में इंडियन ओवरसीज कांग्रेस के सदस्यों द्वारा कथित तौर पर एक भारतीय पत्रकार के साथ बदसलूकी की गई थी। तब से इस मामले में लगातार सियासी बवाल मचा हुआ है। कांग्रेस लगातार निशाने पर है। अब वॉशिंगटन के सांसदों और नेताओं ने इसकी कड़ी निंदा की। उनका कहना है कि पत्रकार की रिकार्डिंग को हटाना प्रथम संशोधन का उल्लंघन है। भारतीय-अमेरिकी कांग्रेसी रो खन्ना ने पत्रकार के प्रति कड़ा समर्थन व्यक्त किया।
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रो खन्ना ने की आलोचना
बता दें, यह घटना राहुल गांधी की हाल ही में अमेरिका की यात्रा के दौरान हुई थी। डलास में पिछले सप्ताह इंडियन ओवरसीज कांग्रेस के सदस्यों ने कथित तौर पर एक भारतीय पत्रकार के साथ बदसलूकी की थी। रो खन्ना ने राहुल गांधी के सहायक कर्मचारियों की हरकतों की आलोचना की। इसमें शारीरिक हमले और फोन जब्त करने को प्रेस की स्वतंत्रता का गंभीर उल्लंघन बताया। खन्ना ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर कहा, 'मैं पत्रकार के साथ खड़ा हूं और पहले संशोधन के लिए अपने समर्थन में स्पष्ट हूं।'
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कैलिफोर्निया के 17वें कांग्रेसनल डिस्ट्रिक्ट से डेमोक्रेटिक प्रतिनिधि के तौर पर काम कर रहे खन्ना ने कहा, 'वह एक निष्पक्ष पत्रकार हैं। उनके फोन को छीनना, उन्हें धक्का देना और उनकी रिकॉर्डिंग को डिलीट करना अनैतिक और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के साथ विश्वासघात है।'
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सांसद श्री थानेदार ने भी घटना को बताया अस्वीकार्य
वहीं, अमेरिकी सांसद श्री थानेदार ने भी घटना को पूरी तरह से अस्वीकार्य बताया। उन्होंने कहा कि सुरक्षा कर्मचारियों को पता होना चाहिए कि अमेरिका में काम करने वाले पत्रकारों को प्रथम संशोधन के तहत संरक्षण हासिल है, चाहे साक्षात्कारकर्ता, पत्रकार या सुरक्षा दल की राष्ट्रीयता कुछ भी हो।
थानेदार ने कहा कि पत्रकार ने कांग्रेस नेता सैम पित्रोदा के साथ ऑन द रिकॉर्ड साक्षात्कार किया था और साक्षात्कार की विषय-वस्तु या अवधि को नियंत्रित करने में सुरक्षा टीम की कोई भूमिका नहीं थी।
क्या बोलीं विल्किंस?
नेशनल प्रेस क्लब की अध्यक्ष एमिली विल्किंस ने कहा, 'उन्हें पत्रकार का फोन लेने या सामग्री हटाने का कोई अधिकार नहीं था।'
अजय भुटोरिया ने भी बदसलूकी की निंदा की
भारतीय-अमेरिकी समुदाय के एक प्रमुख नेता अजय भुटोरिया ने भी पत्रकार के साथ की गई बदसलूकी की निंदा की। उन्होंने कहा, 'मैं पत्रकार के साथ की गई बदसलूकी की स्पष्ट रूप से निंदा करता हूं। एक स्वतंत्र और स्वतंत्र मीडिया किसी भी लोकतंत्र की रीढ़ है और सवाल पूछने के लिए एक पत्रकार का दुर्व्यवहार प्रेस की स्वतंत्रता पर हमला है।'
भूटोरिया ने अमेरिकी न्याय विभाग से भी मामले की जांच करने का आग्रह किया है। उन्होंने कहा, 'राहुल गांधी अपने विभाजनकारी बयानों और गैर-जिम्मेदाराना बयानों से अमेरिका में भारत की छवि को धूमिल कर रहे हैं। यह घटना लोकतांत्रिक सिद्धांतों और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के प्रति उनके तथा उनकी टीम के अनादर का एक और उदाहरण है, जो उन्होंने अपनी यात्रा के दौरान प्रदर्शित किया है। यह आवश्यक है कि इस व्यवहार की निंदा की जाए और इस पर तुरंत कार्रवाई की जाए।'
मैं प्रेस के अधिकारों के साथ खड़ा हूं: कृष्णमूर्ति
सांसद राजा कृष्णमूर्ति ने कहा, 'मैं प्रथम संसोधन सहित स्वतंत्र प्रेस के अधिकारों के साथ खड़ा हूं। किसी भी पत्रकार को कभी भी इस तरह का दुर्व्यवहार का सामना नहीं करना चाहिए।'
क्या था मामला?
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, पत्रकार ने कहा था कि वह डलास में राहुल गांधी का इवेंट कवर करने पहुंचे थे। इवेंट से पहले उन्होंने सैम पित्रोदा का एक संक्षिप्त साक्षात्कार किया था, जिसमें उन्होंने सवाल पूछा था कि क्या राहुल गांधी अमेरिकी सांसदों से अपनी मुलाकात के दौरान बांग्लादेश में हिंदुओं पर हो रहे हमले का मुद्दा उठाएंगे? पत्रकार के मुताबिक यह सवाल पूछने के लिए कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने उनके साथ बदसलूकी और मारपीट की। पत्रकार ने दावा किया था कि उनका मोबाइल फोन छीन लिया गया और पित्रोदा के साथ उनका इंटरव्यू डिलीट कर दिया गया।
इसके बाद, इंडियन ओवरसीज कांग्रेस के अध्यक्ष सैम पित्रोदा ने खेद जताया और इस पूरी घटना पर माफी मांगी थी। उन्होंने रोहित को कॉल करके डलास की घटना पर अपनी निराशा व्यक्त की और उनसे औपचारिक माफी मांगी थी। उन्होंने आश्वासन दिया था कि वह इस घटना की जांच करवाएंगे और इसके लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई का अनुरोध करेंगे।