{"_id":"5c10e898bdec2241b62888f0","slug":"us-lawmaker-asked-pichai-why-google-search-idiot-shows-pictures-of-trump","type":"story","status":"publish","title_hn":"गूगल पर इडियट लिखते ही क्यों आती है ट्रंप की फोटो? सुंदर पिचाई ने अमेरिकी सांसदों को दिया जवाब","category":{"title":"World","title_hn":"दुनिया","slug":"world"}}
गूगल पर इडियट लिखते ही क्यों आती है ट्रंप की फोटो? सुंदर पिचाई ने अमेरिकी सांसदों को दिया जवाब
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
Updated Wed, 12 Dec 2018 04:23 PM IST
विज्ञापन
निरंतर एक्सेस के लिए सब्सक्राइब करें
गूगल पर इडियट सर्च करने पर डोनाल्ड ट्रंप की फोटो
- फोटो : Screengrab/Google
सर्च इंजन गूगल के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) सुंदर पिचाई ने मंगलवार को डेटा चोरी एवं अन्य मुद्दों को लेकर अमेरिकी सांसदों के सवालों के जवाब दिए। इन दौरान अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पर भी सवाल पूछा गया। अमेरिकी सांसद ने पिचाई से पूछा, "अगर आप गूगल पर इडियट शब्द टाइप करते हैं तो डोनाल्ड ट्रंप की फोटो आती हैं। यह कैसे होता है?" उन्होंने पूछा कि सर्च किस तरह से काम करता है कि ये सब होता है?
आगे पढ़ने के लिए लॉगिन या रजिस्टर करें
अमर उजाला प्रीमियम लेख सिर्फ रजिस्टर्ड पाठकों के लिए ही उपलब्ध हैं
अमर उजाला प्रीमियम लेख सिर्फ सब्सक्राइब्ड पाठकों के लिए ही उपलब्ध हैं
फ्री ई-पेपर
सभी विशेष आलेख
सीमित विज्ञापन
सब्सक्राइब करें
इसके जवाब में सुदंर पिचाई ने कहा कि ये सब तकनीकी कराणों से होता है। कोई भी जानबूझकर डोनाल्ड ट्रंप की छवि को नुकसान पहुंचाने की कोशिश नहीं कर रहा है। इसमें किसी भी मनुष्य का हस्तक्षेप नहीं है। खबरों के मुताबिक, पिचई ने कहा कि गूगल सर्च में जब कोई यूजर कीवर्ड डालता है तो वो एल्गोरिथम के आधार पर उस वेबपेज और फोटो को खोजता है।
पिचाई ने कहा कि गूगल के सर्च इंजन को इस तरह से बनाया गया है कि जब भी किसी शब्द को बार-बार ढूंढा जाता है तो सर्च इंजन उस कीवर्ड को लोकप्रिय श्रेणी में शामिल कर लेता है। पिचाई के इस जवाब से अमेरिकी कांग्रेसमैन जो लोफग्रेन खुश नहीं हुए। उन्होंने कहा कि इसके मायने यह हैं कि पर्दे के पीछे बैठकर कोई कुछ भी डिजाइन करता रहे?
इससे पहले डोनाल्ड ट्रंप भी इस बात के लिए गूगल को जिम्मेदार ठहरा चुके हैं। उनका कहना है कि जब से उन्होंने राष्ट्रपति का पद संभाला है तभी से मीडिया उनकी गलत छवि प्रस्तुत करने की कोशिश कर रही है।
इस दौरान पिचाई ने गूगल के सोशल नेटवर्किंग पोर्टल 'प्लस' से लोगों की निजी जानकारियों के लीक होने पर कंपनी द्वारा उठाए गए कदमों के बारे में बताया। इसके अलावा उन्होंने अमेरिकी सांसदों के उन सवालों का भी जवाब दिया, जिसमें पूछा गया था क्या वह चीन के बाजार में फिर से प्रवेश के लिए वहां की सरकार की मांगों को मान सकती है।
समिति के सवालों के जवाब में पिचाई ने कहा, "हम अपने उत्पादों को सुरक्षित बनाने के लिए कड़ी मेहनत करते हैं। हमने उन्हें मानकों पर बनाये रखने के लिए नियंत्रण और संतुलन संबंधी कई कदम उठाए हैं।"
पिचाई संसद की न्यायिक समिति के समक्ष पेश हुए। इससे पहले उन्होंने अमेरिकी चुनाव को प्रभावित करने में दूसरे देशों की सरकारों की भूमिका को लेकर बयान देने के लिए सीनेट की एक समिति के निमंत्रण को अस्वीकार कर दिया था।
अक्तूबर में गूगल ने अपनी सोशल मीडिया वेबसाइट 'प्लस' को बंद करने का ऐलान किया था। कंपनी ने मार्च में इस वेबसाइट के जरिए लगभग पांच लाख लोगों की निजी सूचना के चोरी होने की बात सामने आने के बाद यह घोषणा की थी।
वॉल स्ट्रीट जर्नल की एक खबर में कहा गया है कि गूगल ने तब जानबूझकर आंकड़ों में सेंध की खबर को सार्वजनिक नहीं किया। इसके पीछे उसका मकसद नियामकीय जांच से बचना और कंपनी की छवि को धूमिल होने से बचाना था। हालांकि यह मामला सामने आने के बाद सांसद डेटा की रक्षा में विफल रहने को लेकर गूगल का स्पष्टीकरण चाहते थे।