{"_id":"622e1924415ee27a69657a5b","slug":"us-journalist-brent-renaud-killed-in-irpin-near-kyiv-in-ukraine-in-firing-by-russian-troops-news-in-hindi","type":"story","status":"publish","title_hn":"Ukraine Crisis: यूक्रेन की राजधानी कीव में अमेरिकी पत्रकार की मौत, रूसी सेना के हमले में गोली का हुआ शिकार","category":{"title":"World","title_hn":"दुनिया","slug":"world"}}
Ukraine Crisis: यूक्रेन की राजधानी कीव में अमेरिकी पत्रकार की मौत, रूसी सेना के हमले में गोली का हुआ शिकार
Sun, 13 Mar 2022 09:47 PM IST
गौरव पाण्डेय
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, कीव
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, कीव
Published by: गौरव पाण्डेय
Updated Sun, 13 Mar 2022 09:47 PM IST
सार
ब्रेंट रेनॉड और फोटोग्राफर जुआन अरेडोंडो इरपिन से शहर छोड़कर जाते शरणार्थियों की वीडियो शूट करने के लिए गए थे जब रूसी सैनिकों ने उन पर गोलियां बरसा दीं।
विज्ञापन
सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : पिक्साबे
विस्तार
यूक्रेन में रूस के हमले में रविवार को एक अमेरिकी पत्रकार और फिल्म निर्माता की जान चली गई। 51 वर्षीय ब्रेंट रेनॉड आज यूक्रेन की राजधानी कीव के इरपिन में रूसी सेना की गोलीबारी का शिकार हो गए। स्थानीय पुलिस के अनुसार इस दौरान एक अन्य अमेरिकी फोटोग्राफर जुआन अरेडोंडो भी घायल हुआ है, जिसे वहां एक अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
विज्ञापन
पुलिस के अनुसार इरपिन में काम करते वक्त रूस की ओर से की गई गोलीबारी में रेनॉड के गले में गोली लग गई और उनकी मौके पर ही मौत हो गई। शुरुआत में बताया गया कि रेनॉड न्यूयॉर्क टाइम्स के पत्रकार हैं, लेकिन न्यूयॉर्क टाइम्स के मैनेजिंग एडिटर क्लिफर्ड लेवी ने एक बयान में कहा है कि रेनॉड यूक्रेन में संस्थान की ओर से नहीं मौजूद थे।
विज्ञापन
क्लिफर्ड ने एक ट्वीट में लिखा, 'न्यूयॉर्क टाइम्स यूक्रेन में अमेरिकी पत्रकार ब्रेंट रेनॉड के निधन पर बहुत दुखी है। ब्रेंट एक बेहतरीन फोटोग्राफर और फिल्म निर्माता थे, लेकिन वह यूक्रेन में न्यूयॉर्क टाइम्स की ओर से नहीं गए थे।' उन्होंने आगे कहा कि ब्रेंट रेनॉड को एक बेहद बहादुर पत्रकार बताते हुए कहा कि उनका निधन बहुत बड़ा नुकसान है।
विज्ञापन
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार इस घटना के दौरान घायल हुए फोटोग्राफर 41 वर्षीय अरेडोंडो ने बताया कि मैं और रेनॉड शहर छोड़कर जाते शरणार्थियों को रिकॉर्ड करने के लिए इरपिन गए थे।
वर्ल्ड प्रेस फोटो विजेता अरेडोंडो ने आगे बताया, 'हमने इरपिन में पहला पुल पार किया था। हम सभी शरणार्थियों का वीडियो शूट करने वाले थे। हम एक कार में सवार हुए... एक व्यक्ति ने हमें कहा कि वह हमें अगले पुल तक पहुंचाएगा। लेकिन, जैसे ही हमने एक चेकप्वाइंट पार किया और उन्होंने (रूसी सेना) हम पर गोलियां चलानी शुरू कर दीं।'
अमेरिकी एनएसए ने इसे बताया पुतिन की निर्दयता का एक और उदाहरण
इस घटना को लेकर अमेरिका के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार जेक सलीवान ने कहा है कि अगर सच में एक अमेरिकी पत्रकार की मौत हुई है तो यह एक भयावह घटना है। यह रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और उनकी सेना की निर्दयता का एक और उदाहरण है। उन्होंने स्कूलों, मस्जिदों, अस्पतालों और पत्रकारों को निशाना बनाना शुरू कर दिया है।