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'ईरान से नहीं था कोई खतरा': मार्को रुबियो के बयान पर अब्बास अराघची बोले- अमेरिका ने चुना युद्ध

Tue, 03 Mar 2026 11:12 AM IST
अमन तिवारी वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, तेहरान
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, तेहरान Published by: अमन तिवारी Updated Tue, 03 Mar 2026 11:12 AM IST
सार

ईरान के विदेश मंत्री ने अमेरिका पर इजरायल के इशारे पर युद्ध लड़ने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा, अमेरिकी और ईरानी दोनों पक्षों के खून-खराबे के लिए इस्राइल जिम्मेदार हैं।

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US Israel Iran tension Abbas Araghchi slams Marco Rubio says US chose war on behalf of israel
अब्बास अराघची, ईरानी विदेश मंत्री - फोटो : ANI

विस्तार

ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो के हालिया बयान पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि अमेरिका ने इस्राइल की ओर से जंग चुनी है। उन्होंने कहा कि तथाकथित ईरानी खतरे जैसा कुछ नहीं था।
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रुबियो ने क्या कहा?
रुबियो ने कहा था कि वॉशिंगटन को जानकारी थी कि उसका सहयोगी इस्राइल कार्रवाई करने वाला है और आशंका थी कि तेहरान क्षेत्र में मौजूद अमेरिकी बलों पर जवाबी हमला कर सकता है। उन्होंने कहा, 'हमें पता था कि इजराइल कार्रवाई करेगा। हमें यह भी मालूम था कि इससे अमेरिकी बलों पर हमला हो सकता है। अगर हमने पहले कार्रवाई नहीं की होती तो हमें अधिक हताहत झेलने पड़ते।'
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क्या बोले ईरानी के विदेश मंत्री?
इस पर प्रतिक्रिया देते हुए अराघची ने एक्स पर पोस्ट में लिखा, 'रुबियो ने वही बात स्वीकार की जो हम सब जानते थे। अमेरिका ने इस्राइल के पक्ष में अपनी मर्जी से युद्ध छेडा है। ईरान से जुडा कोई तथाकथित खतरा कभी था ही नहीं। अमेरिकी और ईरानी दोनों का खून इस्राइल समर्थक विचारधारा के कारण बहा है। अमेरिकी जनता इससे बेहतर की हकदार है और उन्हें अपना देश वापस लेना चाहिए।'

ये भी पढ़ें:  Israel-Iran War: रियाद में अमेरिकी दूतावास पर हमला, ट्रंप बोले- जरूरत पड़ी तो जमीन पर उतारेंगे सैनिक

रक्षा सचिव ने क्या कहा?
इससे पहले, अमेरिकी रक्षा सचिव पीट हेगसेथ ने कहा था कि तेहरान में हुए हमले को इजरायल ने अंजाम दिया था, जिसमें ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई और अन्य वरिष्ठ अधिकारी मारे गए थे। खुफिया जानकारी के अनुसार, उस समय वे एक बैठक में थे।

रुबियो ने कहा कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के प्रशासन का मानना था कि ईरान के खिलाफ यह कार्रवाई बहुत जरूरी थी। उन्होंने साफ किया कि यह ऑपरेशन हर हाल में होना ही था। रुबियो ने यह भी कहा कि अमेरिका खामेनेई की सरकार का अंत चाहता है, लेकिन इस सैन्य अभियान का यह मुख्य मकसद नहीं है।

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