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क्या जंग बदल देगी समीकरण?: पाकिस्तानी वफादारी ट्रंप से, हिमायत ईरान की, जानिए अमेरिका के साथ कौन और तटस्थ कौन
Sat, 28 Feb 2026 05:52 PM IST
Nirmal Kant
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला।
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला।
Published by: Nirmal Kant
Updated Sat, 28 Feb 2026 05:52 PM IST
सार
ईरान पर अमेरिका और इस्राइल के हमलों के बाद पश्चिम एशिया में तनाव चरम पर पहुंच गया है। कई देशों की ओर से इस पर प्रतिक्रिया सामने आई है। कुछ देशों ने अमेरिका और इस्राइल की आलोचना की, तो कुछ ने कूटनीति का रास्ता अपनाने और संघर्ष रोकने की अपील की। वहीं, कुछ देशों ने इस्राइल-अमेरिका की कार्रवाई का समर्थन भी किया है। पढ़िए रिपोर्ट-
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इस्राइल-अमेरिका और ईरान के बीच संघर्ष में कौन देश किसके साथ
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक
विस्तार
ईरान पर इस्राइल और अमेरिका के ताजा हमलों के बाद पश्चिम एशिया क्षेत्र में तनाव बढ़ गया है। इस बीच, रूस, फ्रांस और नॉर्वे समेत कई देशों ने तत्काल हमलों को रोकने और वार्ता की मेज पर लौटने की अपील की है।
रूस ने इस्राइल और अमेरिका से की हमले रोकने की अपील
रूस ने अमेरिका और इस्राइल से ईरान में तुरंत हमले रोकने की अपील की। रूसी विदेश मंत्रालय ने कहा कि उन्हें मौजूदा स्थिति से राजनीतिक और कूटनीतिक समाधान के रास्ते पर लौटना चाहिए। मंत्रालय ने एक बयान में कहा, अंतरराष्ट्रीय समुदाय को उन गैर-जिम्मेदार कार्रवाई का निष्पक्ष आकलन करना चाहिए, जो पूरे क्षेत्र को और अधिक अस्थिर करने का खतरा पैदा कर रही हैं। रूस पहले की तरह अंतरराष्ट्रीय कानून, आपसी सम्मान और हितों के संतुलन के आधार पर शांतिपूर्ण समाधान खोजने के प्रयासों में सहयोग देने के लिए तैयार है।
नागरिकों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता: फिलीपींस राष्ट्रपति
फिलीपींस के राष्ट्रपति फर्डिनेंड मार्कोस जूनियर ने पश्चिम एशिया में बढ़ते संघर्ष के बीच वहां रह रहे फिलीपीनी नागरिकों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता बताया है। उन्होंने विदेश मंत्रालय और प्रवासी श्रमिक विभाग को प्रभावित इलाकों में नागरिकों का पता लगाने और उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। वर्ष 2024 में क्षेत्र में करीब 21 लाख फिलीपीनी कामगार मौजूद बताए गए थे।
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ये भी पढ़ें: ईरान के हमले से भड़का इस्राइल: PM नेतन्याहू बोले- आतंकियों को हथियारबंद होने की इजाजत नहीं; रुख के मायने क्या?
बेल्जियम के विदेश मंत्री ने क्या कहा?
बेल्जियम ने कहा, ईरानी जनता को अपनी सरकार के फैसलों की कीमत नहीं चुकानी चाहिए। बेल्जियम के विदेश मंत्री मैक्सिम प्रेवो ने कहा कि यह बेहद अफसोस की बात है कि कूटनीतिक प्रयास पहले किसी बातचीत से समधान तक नहीं पहुंच पाए।
अंतरराष्ट्रीय कानून के अनुरूप नहीं इस्राइल के हमले: नॉर्वे
नॉर्वे ने कहा कि इस्राइल के हमले अंतरराष्ट्रीय कानून के अनुरूप नहीं हैं। नॉर्वे के विदेश मंत्री एस्पेन बार्थ ने कहा, इस्राइल इसे एहतियात के तौर पर किया गया हमला बता रहा है। लेकिन अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत एहतियात के तौर पर हमले तभी सही माने जाते हैं, जब खतरा तुरंत और स्पष्ट रूप से सामने हो।
ईरान के साथ खड़ा हुआ पाकिस्तान
पाकिस्तान के विदेश मंत्री इशाक डार ने ईरान पर हुए हमलों की आलोचना की। उन्होंने तनाव को तुरंत रोकने और संकट के शांतिपूर्ण, बातचीत के जरिये समाधान के लिए दोबारा कूटनीति शुरू करने की अपील की।
इंडोनेशिया ने मध्यस्थता की पेशकश की
इंडोनेशिया के विदेश मंत्री ने कहा कि राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो वाॉशिंगटन और तेहरान के बीच संवाद कराने के लिए तैयार हैं। विदेश मंत्रालय ने एक्स पर लिखा, अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत विफल होने से पश्चिम एशिया में सैन्य तनाव बढ़ा है, जिस पर इंडोनेशिया को बेहद अफसोस है। इंडोनेशिया ने सभी पक्षों से संयम बरतने और संवाद व कूटनीति को प्राथमिकता देने की अपील की है।
अमेरिका-इस्राइल की कार्रवाई एकतरफा: स्पेनिश पीएम
स्पेन के प्रधानमंत्री पेड्रो सांचेज ने अमेरिका और इस्राइल की सैन्य कार्रवाई को एकतरफा कदम बताते हुए इसे अंतरराष्ट्रीय तनाव बढ़ाने वाला बताया है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जारी बयान में सांचेज ने कहा कि ऐसी कार्रवाई वैश्विक व्यवस्था को और अस्थिर तथा टकरावपूर्ण बना सकती है। हालांकि उन्होंने ईरान सरकार और रिवोल्यूशनरी गार्ड की गतिविधियों को भी स्वीकार्य नहीं बताया। स्पेन ने सभी पक्षों से तुरंत तनाव कम करने और अंतरराष्ट्रीय कानून का पूरी तरह सम्मान करने की मांग की है। उन्होंने जोर देकर कहा कि मौजूदा संकट का समाधान केवल कूटनीतिक बातचीत और शांतिपूर्ण रास्ते से ही संभव है।
ओमानी विदेश मंत्री ने ट्रंप की आलोचना की
ओमान के विदेश मंत्री बद्र अलबुसैदी ने अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की आलोचना की। अलबुसैदी हमलों से पहले अमेरिका और ईरान के बीच मध्यस्था नहीं कर रहे थे। उन्होंने सोशल मीडिया पर कहा, सक्रिय और गंभीर वार्ता को एक बार फिर कमजोर किया गया है। उन्होंने कहा, मैं अमेरिका से गुजारिश करता हूं कि वह इसमें और न फंसे। यह आपकी लड़ाई नहीं है।
ईरान ने रियाद और पूर्वी क्षेत्र पर कायरतापूर्ण हमला किया: सऊदी अरब
सऊदी अरब ने कहा कि ईरान ने रियाद और पूर्वी क्षेत्र पर खुलेआम और कायरतापूर्ण हमला किया, जिसे उसने नाकाम कर दिया।
कनाडा के पीएम कार्नी ने अमेरिका का समर्थन किया
कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी और उनकी विदेश मंत्री अनीता आनंद ने अमेरिकी कार्रवाई का समर्थन किया। उन्होंने एक संयुक्त बयान में कहा, कनाडा ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने से रोकने और उसके शासन को अंतरराष्ट्रीय शांति और सुरक्षा के लिए और खतरा बनने से रोकने के लिए अमेरिका की कार्रवाई का समर्थन करता है।
ऑस्ट्रेलिया के पीएम ने क्या कहा?
ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज ने भी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार ईरान पर अमेरिकी हमलों का समर्थन करती है। अल्बनीज ने एक बयान में कहा, हम ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने से रोकने और ईरान को अंतरराष्ट्रीय शांति व सुरक्षा के लिए अमेरिकी कार्रवाई का समर्थन करते हैं।
क्यूबा के विदेश मंत्री ने की अमेरिका-इस्राइल की आलोचना
क्यूबा के विदेश मंत्री ब्रूनो रोड्रिगेज पर्रिला ने अमेरिका और इस्राइल के हमलों की आलोचना की। उन्होंने एक्स पर लिखा कि ये गैर-जिम्मेदाराना काम अंतरराष्ट्रीय शांति और सुरक्षा को भंग करते हैं और अंतरराष्ट्रीय कानून व संयुक्त राष्ट्र के सिद्धांतों का स्पष्ट उल्लंघन करते हैं।
पश्चिम एशिया के घटनाक्रम पर करीब से रख रहे नजर: जापान
जापान के विदेश मंत्रालय ने कहा कि पश्चिम एसिया के हालात का जापान पर बहुत असर पड़ सकता है, जिसमें उर्जा सुरक्षा भी शामिल है। उन्होंने कहा कि जापानी सरकार चिंतित है और इस बदलते घटनाक्रम पर करीब से नजर रख रही है।
संयम बरतें, कूटनीति का रास्ता अपनाएं: भारतीय विदेश मंत्रालय
पश्चिम एशिया के ताजा घटनाक्रम पर भारत की प्रतिक्रिया भी सामने आई है। भारत ने तटस्थ रुख अपनाया है। विदेश मंत्रालय ने सभी पक्षों से संयम बरतने और मुद्दों का समाधान करने के लिए कूटनीति का रास्ता अपनाने का आग्रह किया। भारत ने यह भी कहा कि सभी देशों की संप्रभुता का सम्मान किया जाना चाहिए।
ईरान की संप्रभुता का सम्मान किया जाना चाहिए: चीन
पश्चिम एशिया में बदलते घटनाक्रम पर चीन के विदेश मंत्रालय ने कहा कि वह इससे बेहद चिंतित है। उसने तत्काल संघर्षविराम की अपील की। मंत्रालय ने कहा कि ईरान की राष्ट्रीय संप्रभुता, सुरक्षा और क्षेत्रीय अखंडता का सम्मान किया जाना चाहिए और सभी पक्षों से आग्रह है कि वे किसी भी तरह तनाव बढ़ाने से दूर रहें और बातचीत की मेज पर आएं।
ब्रिटिश पीएम ने ईरान के हमलों की निंदा की
ब्रिटिश प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर ने शनिवार को पश्चिम एशिया क्षेत्र में ईरान के हमलों की आलोचना की और कहा कि ब्रिटिश विमान क्षेत्र में रक्षा अभियान के तहत आसमान में हैं।
10 डाउनिंग स्ट्रीट की ओर से पहले से रिकॉर्ड किए गए वीडियो बयान को जारी किया गया, जिसमें स्टार्मर ने कैबिनेट कार्यालय ब्रीफिंग रूम ए (कोबरा) की आपातकालीन मंत्रिस्तरीय बैठक की अध्यक्षता करने के बाद दोहराया कि ईरान में लक्ष्यों पर अमेरिका और इस्राइल की ओर से किए गए संयुक्त हमलों में ब्रिटेन की 'कोई भूमिका नहीं' थी। हालांकि, उन्होंने ईरान के मौजूदा शासन को 'बेहद घृणित' बताया। उन्होंने कहा कि ईरानी शासन ने अपने ही हजारों लोगों की हत्या की, असहमति को बेरहमी से कुचला और क्षेत्र को अस्थिर किया। इसलिए यह स्पष्ट है कि उन्हें कभी भी परमाणु हथियार विकसित करने की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए। यह ब्रिटेन और हमारे सहयोगियों का प्राथमिक लक्ष्य बना हुआ है, जिनमें अमेरिका भी शामिल है।
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रूस ने इस्राइल और अमेरिका से की हमले रोकने की अपील
रूस ने अमेरिका और इस्राइल से ईरान में तुरंत हमले रोकने की अपील की। रूसी विदेश मंत्रालय ने कहा कि उन्हें मौजूदा स्थिति से राजनीतिक और कूटनीतिक समाधान के रास्ते पर लौटना चाहिए। मंत्रालय ने एक बयान में कहा, अंतरराष्ट्रीय समुदाय को उन गैर-जिम्मेदार कार्रवाई का निष्पक्ष आकलन करना चाहिए, जो पूरे क्षेत्र को और अधिक अस्थिर करने का खतरा पैदा कर रही हैं। रूस पहले की तरह अंतरराष्ट्रीय कानून, आपसी सम्मान और हितों के संतुलन के आधार पर शांतिपूर्ण समाधान खोजने के प्रयासों में सहयोग देने के लिए तैयार है।
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नागरिकों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता: फिलीपींस राष्ट्रपति
फिलीपींस के राष्ट्रपति फर्डिनेंड मार्कोस जूनियर ने पश्चिम एशिया में बढ़ते संघर्ष के बीच वहां रह रहे फिलीपीनी नागरिकों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता बताया है। उन्होंने विदेश मंत्रालय और प्रवासी श्रमिक विभाग को प्रभावित इलाकों में नागरिकों का पता लगाने और उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। वर्ष 2024 में क्षेत्र में करीब 21 लाख फिलीपीनी कामगार मौजूद बताए गए थे।
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बेल्जियम के विदेश मंत्री ने क्या कहा?
बेल्जियम ने कहा, ईरानी जनता को अपनी सरकार के फैसलों की कीमत नहीं चुकानी चाहिए। बेल्जियम के विदेश मंत्री मैक्सिम प्रेवो ने कहा कि यह बेहद अफसोस की बात है कि कूटनीतिक प्रयास पहले किसी बातचीत से समधान तक नहीं पहुंच पाए।
अंतरराष्ट्रीय कानून के अनुरूप नहीं इस्राइल के हमले: नॉर्वे
नॉर्वे ने कहा कि इस्राइल के हमले अंतरराष्ट्रीय कानून के अनुरूप नहीं हैं। नॉर्वे के विदेश मंत्री एस्पेन बार्थ ने कहा, इस्राइल इसे एहतियात के तौर पर किया गया हमला बता रहा है। लेकिन अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत एहतियात के तौर पर हमले तभी सही माने जाते हैं, जब खतरा तुरंत और स्पष्ट रूप से सामने हो।
ईरान के साथ खड़ा हुआ पाकिस्तान
पाकिस्तान के विदेश मंत्री इशाक डार ने ईरान पर हुए हमलों की आलोचना की। उन्होंने तनाव को तुरंत रोकने और संकट के शांतिपूर्ण, बातचीत के जरिये समाधान के लिए दोबारा कूटनीति शुरू करने की अपील की।
इंडोनेशिया ने मध्यस्थता की पेशकश की
इंडोनेशिया के विदेश मंत्री ने कहा कि राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो वाॉशिंगटन और तेहरान के बीच संवाद कराने के लिए तैयार हैं। विदेश मंत्रालय ने एक्स पर लिखा, अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत विफल होने से पश्चिम एशिया में सैन्य तनाव बढ़ा है, जिस पर इंडोनेशिया को बेहद अफसोस है। इंडोनेशिया ने सभी पक्षों से संयम बरतने और संवाद व कूटनीति को प्राथमिकता देने की अपील की है।
अमेरिका-इस्राइल की कार्रवाई एकतरफा: स्पेनिश पीएम
स्पेन के प्रधानमंत्री पेड्रो सांचेज ने अमेरिका और इस्राइल की सैन्य कार्रवाई को एकतरफा कदम बताते हुए इसे अंतरराष्ट्रीय तनाव बढ़ाने वाला बताया है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जारी बयान में सांचेज ने कहा कि ऐसी कार्रवाई वैश्विक व्यवस्था को और अस्थिर तथा टकरावपूर्ण बना सकती है। हालांकि उन्होंने ईरान सरकार और रिवोल्यूशनरी गार्ड की गतिविधियों को भी स्वीकार्य नहीं बताया। स्पेन ने सभी पक्षों से तुरंत तनाव कम करने और अंतरराष्ट्रीय कानून का पूरी तरह सम्मान करने की मांग की है। उन्होंने जोर देकर कहा कि मौजूदा संकट का समाधान केवल कूटनीतिक बातचीत और शांतिपूर्ण रास्ते से ही संभव है।
ओमानी विदेश मंत्री ने ट्रंप की आलोचना की
ओमान के विदेश मंत्री बद्र अलबुसैदी ने अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की आलोचना की। अलबुसैदी हमलों से पहले अमेरिका और ईरान के बीच मध्यस्था नहीं कर रहे थे। उन्होंने सोशल मीडिया पर कहा, सक्रिय और गंभीर वार्ता को एक बार फिर कमजोर किया गया है। उन्होंने कहा, मैं अमेरिका से गुजारिश करता हूं कि वह इसमें और न फंसे। यह आपकी लड़ाई नहीं है।
ईरान ने रियाद और पूर्वी क्षेत्र पर कायरतापूर्ण हमला किया: सऊदी अरब
सऊदी अरब ने कहा कि ईरान ने रियाद और पूर्वी क्षेत्र पर खुलेआम और कायरतापूर्ण हमला किया, जिसे उसने नाकाम कर दिया।
कनाडा के पीएम कार्नी ने अमेरिका का समर्थन किया
कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी और उनकी विदेश मंत्री अनीता आनंद ने अमेरिकी कार्रवाई का समर्थन किया। उन्होंने एक संयुक्त बयान में कहा, कनाडा ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने से रोकने और उसके शासन को अंतरराष्ट्रीय शांति और सुरक्षा के लिए और खतरा बनने से रोकने के लिए अमेरिका की कार्रवाई का समर्थन करता है।
ऑस्ट्रेलिया के पीएम ने क्या कहा?
ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज ने भी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार ईरान पर अमेरिकी हमलों का समर्थन करती है। अल्बनीज ने एक बयान में कहा, हम ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने से रोकने और ईरान को अंतरराष्ट्रीय शांति व सुरक्षा के लिए अमेरिकी कार्रवाई का समर्थन करते हैं।
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क्यूबा के विदेश मंत्री ने की अमेरिका-इस्राइल की आलोचना
क्यूबा के विदेश मंत्री ब्रूनो रोड्रिगेज पर्रिला ने अमेरिका और इस्राइल के हमलों की आलोचना की। उन्होंने एक्स पर लिखा कि ये गैर-जिम्मेदाराना काम अंतरराष्ट्रीय शांति और सुरक्षा को भंग करते हैं और अंतरराष्ट्रीय कानून व संयुक्त राष्ट्र के सिद्धांतों का स्पष्ट उल्लंघन करते हैं।
पश्चिम एशिया के घटनाक्रम पर करीब से रख रहे नजर: जापान
जापान के विदेश मंत्रालय ने कहा कि पश्चिम एसिया के हालात का जापान पर बहुत असर पड़ सकता है, जिसमें उर्जा सुरक्षा भी शामिल है। उन्होंने कहा कि जापानी सरकार चिंतित है और इस बदलते घटनाक्रम पर करीब से नजर रख रही है।
संयम बरतें, कूटनीति का रास्ता अपनाएं: भारतीय विदेश मंत्रालय
पश्चिम एशिया के ताजा घटनाक्रम पर भारत की प्रतिक्रिया भी सामने आई है। भारत ने तटस्थ रुख अपनाया है। विदेश मंत्रालय ने सभी पक्षों से संयम बरतने और मुद्दों का समाधान करने के लिए कूटनीति का रास्ता अपनाने का आग्रह किया। भारत ने यह भी कहा कि सभी देशों की संप्रभुता का सम्मान किया जाना चाहिए।
ईरान की संप्रभुता का सम्मान किया जाना चाहिए: चीन
पश्चिम एशिया में बदलते घटनाक्रम पर चीन के विदेश मंत्रालय ने कहा कि वह इससे बेहद चिंतित है। उसने तत्काल संघर्षविराम की अपील की। मंत्रालय ने कहा कि ईरान की राष्ट्रीय संप्रभुता, सुरक्षा और क्षेत्रीय अखंडता का सम्मान किया जाना चाहिए और सभी पक्षों से आग्रह है कि वे किसी भी तरह तनाव बढ़ाने से दूर रहें और बातचीत की मेज पर आएं।
ब्रिटिश पीएम ने ईरान के हमलों की निंदा की
ब्रिटिश प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर ने शनिवार को पश्चिम एशिया क्षेत्र में ईरान के हमलों की आलोचना की और कहा कि ब्रिटिश विमान क्षेत्र में रक्षा अभियान के तहत आसमान में हैं।
10 डाउनिंग स्ट्रीट की ओर से पहले से रिकॉर्ड किए गए वीडियो बयान को जारी किया गया, जिसमें स्टार्मर ने कैबिनेट कार्यालय ब्रीफिंग रूम ए (कोबरा) की आपातकालीन मंत्रिस्तरीय बैठक की अध्यक्षता करने के बाद दोहराया कि ईरान में लक्ष्यों पर अमेरिका और इस्राइल की ओर से किए गए संयुक्त हमलों में ब्रिटेन की 'कोई भूमिका नहीं' थी। हालांकि, उन्होंने ईरान के मौजूदा शासन को 'बेहद घृणित' बताया। उन्होंने कहा कि ईरानी शासन ने अपने ही हजारों लोगों की हत्या की, असहमति को बेरहमी से कुचला और क्षेत्र को अस्थिर किया। इसलिए यह स्पष्ट है कि उन्हें कभी भी परमाणु हथियार विकसित करने की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए। यह ब्रिटेन और हमारे सहयोगियों का प्राथमिक लक्ष्य बना हुआ है, जिनमें अमेरिका भी शामिल है।