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US: अवैध प्रवासियों को लेकर बाइडन प्रशासन पर लगा बड़ा आरोप, एलन मस्क ने भी उठाए सवाल

Wed, 28 Dec 2022 10:09 PM IST
गुलाम अहमद वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वॉशिंगटन
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वॉशिंगटन Published by: गुलाम अहमद Updated Wed, 28 Dec 2022 10:09 PM IST
सार

अमेरिका के आव्रजन और सीमा शुल्क प्रवर्तन अधिकारी जीपीएस से जुड़े मॉनीटर, फोन या स्मार्टलिंक (SmartLINK) नाम के ऐप के जरिए लगभग एक चौथाई प्रवासियों की निगरानी कर रहे हैं। बाइडन प्रशासन ने इस निगरानी कार्यक्रम का दायरा बढ़ाया है, जिसे एक तरह के हिरासत के विकल्प (ATD) के रूप में जाना जाता है।

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US illegal immigrants allegedly informed of polling center during elections on free phone now elon musk reacts
elon musk and joe biden - फोटो : twitter

विस्तार

अमेरिकी आव्रजन विभाग अवैध प्रवासियों पर नजर रखने के लिए उन्हें मुफ्त फोन देता है। इसका मुख्य उद्देश्य जरूरत पड़ने पर प्रवासियों को आसानी से ट्रैक किया जा सकेगा। अब इस संबंध में बाइडन प्रशासन पर बड़ा आरोप लगा है। एक सोशल मीडिया पोस्ट में दावा किया गया है कि चुनाव के दौरान कथित तौर पर फोन पर अवैध प्रवासियों को नजदीकी मतदान केंद्रों की जानकारी दी गई थी।

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एक वेरिफाइड ट्विटर अकाउंट से ट्वीट किया गया है कि अमेरिका में अवैध प्रवासियों को स्वागत पैकेज के हिस्से के रूप में आव्रजन और सीमा शुल्क प्रवर्तन की तरफ से मुफ्त फोन दिया जाता है। साथ ही दावा किया गया है कि चुनाव के दौरान फोन के जरिए उन्हें नजदीकी मतदान केंद्र की जानकारी दी गई। इस ट्वीट पर प्रतिक्रिया देते हुए ट्विटर के सीईओ एलन मस्क ने सवाल उठाते हुए कहा कि क्या वास्तव में ऐसा है?
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इससे पहले मीडिया रिपोर्ट में दावा किया गया था कि अवैध प्रवासियों को दिए जाने वाले फोन में ट्रैकिंग और अलार्म सिस्टम लगा है। क्यूबा के रहने वाले एक प्रवासी ने दावा किया था कि अमेरिकी आव्रजन अधिकारियों ने उन्हें जो फोन दिया था, उस पर अलार्म बजता था और अलग-अलग तरह के निर्देश मिलते थे। एक बार तो उसे क्यूबा वापस भेजना का भी निर्देश मिला। पुलिस उत्पीड़न के बाद उनसे अमेरिका छोड़ दिया।
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स्मार्टलिंक ऐप से प्रवासियों की निगरानी
रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिका के आव्रजन और सीमा शुल्क प्रवर्तन अधिकारी जीपीएस से जुड़े मॉनीटर, फोन या स्मार्टलिंक (SmartLINK) नाम के ऐप के जरिए लगभग एक चौथाई प्रवासियों की निगरानी कर रहे हैं। बाइडन प्रशासन ने इस निगरानी कार्यक्रम का दायरा बढ़ाया है, जिसे एक तरह के हिरासत के विकल्प (ATD) के रूप में जाना जाता है।


आलोचकों ने एटीडी कार्यक्रम पर उठाए सवाल
हालांकि, अभी यह स्पष्ट नहीं है कि इस निगरानी कार्यक्रम में शामिल कितने प्रवासियों को फोन दिया गया है। न ही आव्रजन और सीमा शुल्क प्रवर्तन ने इसकी जानकारी सार्वजनिक की है। प्रवासियों को दिए जाने वाले फोन में स्मार्टलिंक ऐप पहले से मौजूद रहता है। यह फोन सिर्फ स्मार्टलिंक ऐप से ही काम करता है। इसके बिना यूजर कॉल या इंटरनेट का उपयोग नहीं कर सकते। अमेरिकी अधिकारियों का तर्क है कि यह निगरानी का एक प्रभावी तरीका है। हालांकि, आलोचकों का कहना है कि एटीडी कार्यक्रम बड़े सवाल उठाता है जो हर अमेरिकी को चिंतित करने वाला है।

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