महिला सांसदों पर नस्लीय टिप्पणी कर घिरे अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप पर महाभियोग की मांग खारिज
डेमोक्रेटिक कांग्रेस की चार महिला सांसदों पर कथित 'नस्लीय टिप्पणी' कर घिरे अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के खिलाफ उठी महाभियोग की मांग खारिज कर दी गई। ट्रंप ने चारों महिला सांसदों को उनके मूल देश लौट जाने की नसीहत दे डाली थी, जिसके बाद अमेरिकी संसद में उनके खिलाफ निंदा प्रस्ताव लाया गया था।
US House rejects bid to launch US President Donald Trump impeachment proceedings: AFP news agency (file pic) pic.twitter.com/EEQNlLtXMT
— ANI (@ANI) July 17, 2019
सांसद रशीदा तलैब ने ट्रंप पर महाभियोग की मांग कर डाली थी, लेकिन अमेरिकी संसद ने गुरुवार को ट्रंप पर महाभियोग चलाए जाने की मांग को खारिज कर दिया।
ट्रंप की सफाई- न मैं नस्लवादी, न मेरे ट्वीट
दरअसल, ट्रंप ने चार महिला सांसदों का नाम लिए बिना उन्हें सांकेतिक रूप से कहा था कि वे अमेरिका से वापस उनके मूल देश चली जाएं। उन्होंने लिखा था- इन देशों की सरकारें पूरी तरह से बर्बाद हो चुकी हैं। वे वहीं जाकर अपने सुझाव दें। चारों महिला सांसद एलेक्जेंड्रिया ओकासियो कार्तेज, रशीदा तलैब, अयाना प्रेसले और इल्हान ओमर ने भी ट्रंप की निंदा की। ट्रंप ने अपनी आलोचना के जवाब में कहा, ‘न तो मैं नस्लवादी हूं और न ही इस मसले पर मेरे ट्वीट नस्लीय थे।’
कई सांसद ट्रंप के विपक्ष में तो कुछ पक्ष में भी
सभा के बहुसंख्यक नेता स्टोनी होयर ने कहा कि हमारी विविधता हमें मजबूत राष्ट्र बनाती है जबकि ट्रंप की टिप्पणी नस्लवादी और अमेरिकी मूल्यों के खिलाफ है। जॉर्जिया प्रतिनिधि जॉन लुईस ने कहा, ‘सरकार में उच्च स्तर पर नस्लवाद के लिए कोई जगह नहीं है।’ चक शूमर ने कहा, ‘ट्रंप ने जो किया वह घृणित है।’
इधर, पब्लिकन नेतृत्व ने ट्रंप का मजबूती से बचाव करते हुए कहा कि वह नस्लवादी नहीं हैं। सीनेट के नेता मिच मैककोनेल ने पत्रकारों से कहा, ‘मुझे लगता है कि राजनीतिक बयानबाजी को सियासी गलियारों में जरूरत से ज्यादा तूल दी गई है।’ पेनसिल्वेनिया के प्रतिनिधि डेन मेसर ने कहा, ‘यह हास्यास्पद बदनामी हमारे देश के लिए एक असहमति है।’
ट्रंप की 'नस्लीय टिप्पणी' के खिलाफ पारित हुआ था निंदा प्रस्ताव
चार महिला सांसदों पर कथित नस्लीय टिप्पणी के बाद राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के खिलाफ अमेरिकी संसद के निचले सदन ने निंदा प्रस्ताव पारित किया था। यह निंदा प्रस्ताव 187 डेमोक्रेट सदस्यों वाली प्रतिनिधि सभा में 240 मतों से पारित हुआ, जिसका सीधा अर्थ है कि अन्य रिपब्लिक सांसदों ने भी इस निंदा प्रस्ताव पर अपना समर्थन जताया है।
ट्रंप की भाषा पर बहस के बाद उनके कार्यकाल में नस्ल, जातीयता और सियासी विचारधारा को लेकर सभा में गंभीर मतभेद दिखाई दिए। प्रस्ताव में ट्रंप की टिप्पणी को नस्लवादी बताते हुए इसे नए अमेरिकियों और अश्वेतों के बीच डर बढ़ाने वाली व नफरत को वैधता देने वाली बताया गया था।