कोरोना से लड़ाई: कई देशों ने की भारत की मदद, अमेरिका दे रहा 10 करोड़ डॉलर, रूस-ब्रिटेन से पहली खेप आई
- अमेरिका से भारत भेजी जा रही 10 करोड़ डॉलर से अधिक राशि अगले कुछ दिनों में पहुंचेगी भारत
- रूस से भारत की मदद को चले दो विमान 20 ऑक्सीजन कन्संट्रेटर, 75 वेंटिलेटर, 150 मेडसाइड मॉनिटर और दवाइयों के साथ नई दिल्ली पहुंचे
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कोरोना से लड़ाई के लिए कई देशों की मदद भारत पहुंच रही है। रूस से मेडिकल जरूरतों की पहली खेप गुरुवार को दो विमानों से भारत पहुंची जिसमें जरूरी मेडिकल सामग्री शामिल है। ब्रिटेन से एक और जहाज गुरुवार को भारत पहुंचा जिसमें 120 ऑक्सीजन कन्संट्रेटर्स हैं। इस बीच, अमेरिका आगामी दिनों में भारत को 10 करोड़ डॉलर से ज्यादा की मदद की एक पूरी शृंखला भेज रहा है। गुरुवार को अमेरिका से मदद की पहली खेप भारत पहुंचेगी।
अमेरिका से भारत भेजी जा रही 10 करोड़ डॉलर से अधिक राशि की एक पूरी शृंखला अगले कुछ दिनों तक भारत पहुंचेगी। व्हाइट हाउस ने कहा, वह तत्काल आपात राहत के तहत 1700 ऑक्सीजन कन्संट्रेटर्स, 1100 सिलेंडर और लार्ज स्केल ऑक्सीजन जनरेशन यूनिटें भेज रहा है। पहली खेप के तहत अमेरिका ने बुधवार रात दुनिया के सबसे बड़े सैन्य विमान ट्रेविस एयरफोर्स बेस से भारत के लिए उड़ान रवाना की।
भारत में एयर कार्गो और दिल्ली कस्टम्स इस राहत सामग्री का तेजी से क्लीयरेंस कर रहे हैं। ब्रिटेन से आई एक और खेप के भारत पहुंचने के साथ वह भारत को प्रति मिनट 500 लीटर ऑक्सीजन उत्पादन करने की क्षमता के साथ 3 ऑक्सीजन जनरेशन इकाइयां भी भेजने जा रहा है।
बाइडन प्रशासन ने बुधवार को जारी फैक्ट शीट में कहा, हमने अपने देश के लिए तैयार हो रहे एस्ट्रेजेनेका टीके और एन-95 मास्क की खेप भारत भेजने को कहा है। इसके अलावा अमेरिका 10 लाख रैपिड डॉयग्नोटस्टिक टेस्ट भारत को उपलब्ध कराएगा। अमेरिका में भारतीय राजदूत टीएस संधू ने बताया कि पीएम मोदी और बाइडन के बीच हुई वार्ता काफी अच्छी रही जिसके सकारात्मक नतीजे जल्द मिलेंगे।
मदद के लिए 20 से ज्यादा देश आए
कोरोना संकट के समय भारत की मदद के लिए अब तक 20 से ज्यादा देश सामने आ चुके हैं। भूटान ने ऑक्सीजन की आपूर्ति करने की पेशकश की है। इस समय अमेरिका, ब्रिटेन, फ्रांस, जर्मनी, रूस, नार्वे, इटली, आयरलैंड, बेल्जियम, रोमानिया, लक्जमबर्ग, पुर्तगाल, स्वीडन, ऑस्ट्रेलिया, सिंगापुर, सऊदी अरब, हांगकांग, थाइलैंड, फिनलैंड, स्विटजरलैंड और यूएई मेडिकल सहायता भारत भेज रहे हैं।
जरूरी उपकरण खरीद रही यूएन एजेंसियां
विश्व निकाय प्रमुख एंतोनियो गुटेरस के उप प्रवक्ता फरहान हक ने संयुक्त राष्ट्र की टीम भारत की मदद के लिए हजारों ऑक्सीजन कन्संट्रेटर्स, ऑक्सीजन उत्पादन संयंत्र और अन्य आवश्यक उपकरणों की खरीद कर रही है। उन्होंने बताया कि यूएन की टीम चल अस्पताल बनाने में भी भारत की मदद कर रही है। हक ने बताया कि डब्ल्यूएचओ और यूनीसेफ 7,000 ऑक्सीजन कन्संट्रेटर्स, ऑक्सीजन आपूर्ति के लिए 500 नेजल उपकरणों सहित अन्य सामान खरीद रही है। इसके अलावा ऑक्सीजन उत्पादन करने वाले संयंत्र, कोविड-19 जांच मशीन और पीपीपी किट की मदद भी पहुंचाई जा रही है।
अमेरिकी सलाह : उसके नागरिक जल्द छोड़ें भारत
अमेरिका ने चौथे चरण का यात्रा परामर्श जारी करते हुए अपने नागरिकों को भारत की यात्रा न करने और जल्द से जल्द देश छोड़ने की सलाह दी है। उसने कहा कि ऐसा करना सुरक्षित है क्योंकि भारत में कोविड-19 के मामले बढ़ने के बीच सभी तरह की चिकित्सीय देखभाल के संसाधन सीमित हो गए हैं।
विदेश मंत्रालय के चौथे स्तर का के परामर्श का सबसे ऊंचा स्तर रहता है। उसने कहा, भारत छोड़ने की इच्छा रखने वाले अमेरिकी नागरिकों को अभी उपलब्ध वाणिज्यिक विकल्पों का इस्तेमाल करना चाहिए। अमेरिका के लिए रोज चलने वाली उड़ानें और पेरिस तथा फ्रैंकफर्ट से होकर आने वाली उड़ानें उपलब्ध हैं।
भारत से आए यात्रियों को क्वारंटीन रखेगा इटली
इटली के अधिकारियों ने बताया कि भारत से बुधवार शाम को रोम पहुंचे 210 हवाई यात्रियों को अनिवार्य रूप से क्वारंटीन रखा जाएगा। स्वास्थ्य मंत्री रॉबर्टो स्पेरेंजा ने एक नए अध्यादेश पर हस्ताक्षर किए हैं जिसमें भारत से आ रहे यात्रियों को इटली के स्वास्थ्य अधिकारियों द्वारा चिन्हित स्थान पर 10 दिनों के लिए पृथक रहना होगा। संक्रमितों को रोम हवाईअड्डे के समीप कोविड होटल में रखा जाएगा।
डिजिटल विभाजन को सामने लाई महामारी : रविशंकर
केंद्रीय सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री रवि शंकर प्रसाद ने कहा कि कोविड-19 महामारी ने डिजिटल विभाजन को सामने ला दिया है और समतामूलक समाज के अहम घटक के तौर पर डिजिटल पहुंच के बारे दुनिया का नया दृष्टिकोण स्थापित किया है। उन्होंने ‘डिजिटल कोऑपरेशन एंड कनेक्टिविटी : होल ऑफ सोसायटी अप्रोचेस टू एंड द डिजिटल डिवाइड’ पर संयुक्त राष्ट्र की उच्च स्तरीय चर्चा में कहा, 2020 में विश्व ने जिस गति से डिजिटल बदलाव देखे वैसे पहले कभी नहीं देखे गए।
दुनिया में 15 करोड़ पार हुआ संक्रमितों का आंकड़ा
दुनिया में बृहस्पतिवार तक कुल संक्रमितों की संख्या 15 करोड़ का आंकड़ा पार करते हुए 15,03,01,778 हो गई जबकि अब तक 31,66,200 लोग जान से हाथ धो बैठे हैं। अभी 1.93 करोड़ लोगों का इलाज जारी है, जिनमें 1.92 करोड़ लोगों में कोरोना के हल्के लक्षण हैं और 1.10 लाख लोग गंभीर हालत में हैं। बीते दिन दुनिया में 8,85,604 संक्रमितों की पहचान हुई और 15,284 लोगों की मौत हो गई।