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US: अमेरिका से बाहर जाने से डर रहे ग्रीन कार्ड, एच-1बी और एफ-1 वीजा धारक, ट्रंप प्रशासन में बढ़ी परेशानी
Tue, 25 Mar 2025 10:05 AM IST
नितिन गौतम
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वॉशिंगटन
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वॉशिंगटन
Published by: नितिन गौतम
Updated Tue, 25 Mar 2025 10:05 AM IST
सार
अमेरिका में ट्रंप प्रशासन द्वारा आव्रजन नीतियों को लेकर सख्ती की गई है। यही वजह है कि अमेरिका आने और जाने वाले अप्रवासी लोगों को भारी पूछताछ और जांच का सामना करना पड़ रहा है। यही वजह है कि भारतीय अप्रवासी अमेरिका से बाहर यात्रा करने से डर रहे हैं।
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अमेरिकी वीजा
- फोटो : एएनआई
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विस्तार
अमेरिका के उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने जब से कहा है कि ग्रीन कार्ड धारक के पास भी अनिश्चितकाल तक अमेरिका में रहने का अधिकार नहीं है, इसके बाद से अमेरिका में रह रहे ग्रीन कार्ड, एच-1बी वीजा और एफ-1 वीजा धारक, इन दिनों देश से बाहर जाने से डर रहे हैं। इसकी वजह है कि ट्रंप प्रशासन में आव्रजन नीतियों में हो रही सख्ती। अमेरिका में बड़े पैमाने पर भारतीय ग्रीन कार्ड, एच-1बी और एफ-1 वीजा के जरिए अमेरिका में रह रहे हैं और काम कर रहे हैं। यही वजह है कि भारतीयों में इसे लेकर खासा तनाव और चिंता है। आव्रजन वकीलों ने भी इन लोगों को अमेरिका से बाहर यात्रा करने से बचने की सलाह दी है।
कई एजेंसियां कर रहीं अप्रवासियों की जांच
ट्रंप प्रशासन में अप्रवासियों के खिलाफ बड़े पैमाने पर कार्रवाई की जा रही है, फिर चाहे वो अवैध अप्रवासी हो या फिर कानूनी तौर पर अमेरिका में रह रहे अप्रवासी। विदेश जाने वाले या फिर विदेशों से अमेरिका वापस आने वाले लोगों को घंटों पूछताछ का सामना करना पड़ रहा है और एयरपोर्ट पर ही उनके सभी वैध दस्तावेजों की मांग की जा रही है। अमेरिका की यूएस सिटिजन एंड इमीग्रेशन सर्विसेज या यूएससीआईएस, इमीग्रेशन एंड कस्टम एनफोर्समेंट या आईसीई, डिपार्टमेंट ऑफ होमलैंड सिक्योरिटी या डीएचएस और कस्टम्स एंड बॉर्डर प्रोटेक्शन या सीबीपी जैसी एजेंसियां अप्रवासियों पर नजर रख रही हैं।
ये भी पढ़ें- US: हिट हुई ट्रंप की गोल्ड कार्ड योजना, शीर्ष मंत्री का दावा- शुरुआत से पहले ही एक दिन में बिके एक हजार कार्ड
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भारतीय भी जांच एजेंसियों के रडार पर
हालांकि जो लोग वैध तरीके से अमेरिका में रह रहे हैं, उन्हें निर्वासित किए जाने का खतरा कम है, लेकिन उन्हें भी घंटों पूछताछ और चेकिंग का सामना करना पड़ सकता है। ट्रंप प्रशासन 43 देशों के नागरिकों के अमेरिका में आने को प्रतिबंधित करने पर विचार कर रहा है। इनमें भारत के पड़ोसी देश पाकिस्तान, अफगानिस्तान, भूटान भी शामिल हैं। हालांकि भारतीयों को अमेरिका में अच्छे नागरिक के तौर पर देखा जाता है, जो करों का भुगतान करते हैं और कानून का भी पालन करते हैं, लेकिन ट्रंप प्रशासन में हो रही सख्ती के चलते भारतीय अप्रवासी भी जांच एजेंसियों के रडार पर आ गए हैं।
ये भी पढ़ें- Putin's Special Gift to Trump: अमेरिका-रूस को दोस्त बनाने की कवायद; पुतिन ने ट्रंप को उनकी तस्वीर तोहफे में दी
दस्तावेजों को अपडेट रखने की सलाह
आव्रजन वकीलों ने सलाह दी है कि देश से बाहर यात्रा करने से फिलहाल बचें और अगर कर रहे हैं तो अपने सभी वैध दस्तावेज अपने साथ रखें ताकि जांच के समय परेशानी न हो। इनमें पासपोर्ट, ग्रीन कार्ड, वैध एच-1बी या एफ-1 वीजा परमिट, जो लोग अमेरिका से एक साल से ज्यादा समय से बाहर हैं, उन्हें रि-एंट्री परमिट भी दिखाना होगा। साथ ही कर्मचारी पुष्टि पत्र, करों के भुगतान के दस्तावेज, सैलरी स्लिप, आय के वैध दस्तावेज, कॉलेज या यूनिवर्सिटी के वैध पत्र, अमेरिका में बैंक खाते के दस्तावेज और ड्राइविंग लाइसेंस आदि दिखाने होंगे।
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कई एजेंसियां कर रहीं अप्रवासियों की जांच
ट्रंप प्रशासन में अप्रवासियों के खिलाफ बड़े पैमाने पर कार्रवाई की जा रही है, फिर चाहे वो अवैध अप्रवासी हो या फिर कानूनी तौर पर अमेरिका में रह रहे अप्रवासी। विदेश जाने वाले या फिर विदेशों से अमेरिका वापस आने वाले लोगों को घंटों पूछताछ का सामना करना पड़ रहा है और एयरपोर्ट पर ही उनके सभी वैध दस्तावेजों की मांग की जा रही है। अमेरिका की यूएस सिटिजन एंड इमीग्रेशन सर्विसेज या यूएससीआईएस, इमीग्रेशन एंड कस्टम एनफोर्समेंट या आईसीई, डिपार्टमेंट ऑफ होमलैंड सिक्योरिटी या डीएचएस और कस्टम्स एंड बॉर्डर प्रोटेक्शन या सीबीपी जैसी एजेंसियां अप्रवासियों पर नजर रख रही हैं।
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भारतीय भी जांच एजेंसियों के रडार पर
हालांकि जो लोग वैध तरीके से अमेरिका में रह रहे हैं, उन्हें निर्वासित किए जाने का खतरा कम है, लेकिन उन्हें भी घंटों पूछताछ और चेकिंग का सामना करना पड़ सकता है। ट्रंप प्रशासन 43 देशों के नागरिकों के अमेरिका में आने को प्रतिबंधित करने पर विचार कर रहा है। इनमें भारत के पड़ोसी देश पाकिस्तान, अफगानिस्तान, भूटान भी शामिल हैं। हालांकि भारतीयों को अमेरिका में अच्छे नागरिक के तौर पर देखा जाता है, जो करों का भुगतान करते हैं और कानून का भी पालन करते हैं, लेकिन ट्रंप प्रशासन में हो रही सख्ती के चलते भारतीय अप्रवासी भी जांच एजेंसियों के रडार पर आ गए हैं।
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दस्तावेजों को अपडेट रखने की सलाह
आव्रजन वकीलों ने सलाह दी है कि देश से बाहर यात्रा करने से फिलहाल बचें और अगर कर रहे हैं तो अपने सभी वैध दस्तावेज अपने साथ रखें ताकि जांच के समय परेशानी न हो। इनमें पासपोर्ट, ग्रीन कार्ड, वैध एच-1बी या एफ-1 वीजा परमिट, जो लोग अमेरिका से एक साल से ज्यादा समय से बाहर हैं, उन्हें रि-एंट्री परमिट भी दिखाना होगा। साथ ही कर्मचारी पुष्टि पत्र, करों के भुगतान के दस्तावेज, सैलरी स्लिप, आय के वैध दस्तावेज, कॉलेज या यूनिवर्सिटी के वैध पत्र, अमेरिका में बैंक खाते के दस्तावेज और ड्राइविंग लाइसेंस आदि दिखाने होंगे।
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