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US: मेंढकों के भ्रूण की तस्करी में फंसी हार्वर्ड की शोधकर्ता, दोषी पाए जाने पर हो सकती है 20 साल की जेल
Thu, 19 Jun 2025 09:09 AM IST
नितिन गौतम
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वॉशिंगटन
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वॉशिंगटन
Published by: नितिन गौतम
Updated Thu, 19 Jun 2025 09:09 AM IST
सार
अप्रैल में एक साक्षात्कार में आरोपी शोधकर्ता पेत्रोवा ने बताया था कि उन्हें नहीं पता था कि वस्तुओं को घोषित करने की जरूरत है और वह देश में कुछ भी चोरी-छिपे लाने की कोशिश नहीं कर रहीं थी।
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : Adobe Stock
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विस्तार
अमेरिका के हार्वर्ड विश्वविद्यालय की शोधकर्ता पर अमेरिका में मेंढ़कों के भ्रूण की तस्करी का आरोप लगा है। इस मामले में बुधवार को अदालत में सुनवाई हुई। अगर शोधकर्ता को इस मामले में दोषी पाया जाता है तो उन्हें 20 साल की जेल और ढाई लाख डॉलर का जुर्माना देना पड़ सकता है। आरोपी शोधकर्ता रूसी मूल की केनेनिया पेत्रोवा बुधवार को मैसाच्युसेट्स संघीय अदालत में पेश हुईं, जहां सरकार और बचाव पक्ष के वकीलों में इस बात पर बहस हुई।
क्या हैं आरोप
केसेनिया पेत्रोवा हार्वर्ड मेडिकल स्कूल में कैंसर पर अनुसंधान करती हैं। फरवरी में जब वे फ्रांस में छुट्टियां मनाकर अमेरिका लौट रहीं थीं, तब बोस्टर लोगान अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर उन्हें सीमा शुल्क विभाग द्वारा रोक लिया गया था। आरोप है कि पेत्रोवा मेंढ़क भ्रूण के अति सूक्ष्म खंडों को जोड़ने में विशेषज्ञता रखने वाली एक प्रयोगशाला में रुकी थीं और उन्होंने रिसर्च के लिए वहां से एक पैकेज प्राप्त किया था। संघीय अधिकारियों ने उन पर देश में बिना जानकारी दिए जैविक पदार्थ लाने का आरोप लगाया।
ये भी पढ़ें- Operation Sindhu: 'मिसाइलों की तेज आवाज डराती थी', संकटग्रस्त ईरान से भारत लौटे छात्रों ने बताई आपबीती
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20 साल तक की हो सकती है सजा
अप्रैल में एक साक्षात्कार में आरोपी शोधकर्ता पेत्रोवा ने बताया था कि उन्हें नहीं पता था कि वस्तुओं को घोषित करने की जरूरत है और वह देश में कुछ भी चोरी-छिपे लाने की कोशिश नहीं कर रहीं थी। पेत्रोवा पर मई में तस्करी का मामला दर्ज किया गया। बुधवार की सुनवाई के बाद, अब दोनों पक्षों को न्यायाधीश के समक्ष अपनी दलीलें पेश करने का अवसर मिलेगा। यदि पेत्रोवा को तस्करी के आरोप में दोषी पाया जाता है, तो उन्हें 20 साल तक की जेल और ढाई लाख डॉलर तक के जुर्माने की सजा हो सकती है।
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क्या हैं आरोप
केसेनिया पेत्रोवा हार्वर्ड मेडिकल स्कूल में कैंसर पर अनुसंधान करती हैं। फरवरी में जब वे फ्रांस में छुट्टियां मनाकर अमेरिका लौट रहीं थीं, तब बोस्टर लोगान अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर उन्हें सीमा शुल्क विभाग द्वारा रोक लिया गया था। आरोप है कि पेत्रोवा मेंढ़क भ्रूण के अति सूक्ष्म खंडों को जोड़ने में विशेषज्ञता रखने वाली एक प्रयोगशाला में रुकी थीं और उन्होंने रिसर्च के लिए वहां से एक पैकेज प्राप्त किया था। संघीय अधिकारियों ने उन पर देश में बिना जानकारी दिए जैविक पदार्थ लाने का आरोप लगाया।
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20 साल तक की हो सकती है सजा
अप्रैल में एक साक्षात्कार में आरोपी शोधकर्ता पेत्रोवा ने बताया था कि उन्हें नहीं पता था कि वस्तुओं को घोषित करने की जरूरत है और वह देश में कुछ भी चोरी-छिपे लाने की कोशिश नहीं कर रहीं थी। पेत्रोवा पर मई में तस्करी का मामला दर्ज किया गया। बुधवार की सुनवाई के बाद, अब दोनों पक्षों को न्यायाधीश के समक्ष अपनी दलीलें पेश करने का अवसर मिलेगा। यदि पेत्रोवा को तस्करी के आरोप में दोषी पाया जाता है, तो उन्हें 20 साल तक की जेल और ढाई लाख डॉलर तक के जुर्माने की सजा हो सकती है।
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