US Federal Workforce Cut: सुप्रीम कोर्ट ने ट्रंप की योजना को दी मंजूरी, संघीय कार्यबल में कटौती का रास्ता साफ
अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की संघीय कार्यबल में कटौती की योजना को मंजूरी दे दी। इससे पहले एक निचली अदालत ने इस योजना पर रोक लगा दी थी। लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने उस रोक को हटा दिया।
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अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार (स्थानीय समयानुसार) को राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की उस योजना को मंजूरी दे दी, जिसमें बड़ी संख्या में संघीय कार्यबल में कटौती करने की बात कही गई थी। इस फैसले से पहले यह चिंता जताई जा रही थी कि इससे जरूरी सरकारी सेवाएं बुरी तरह प्रभावित हो सकती हैं और सैकड़ों-हजारों संघीय कर्मचारी बेरोजगार हो सकते हैं।
इससे पहले एक निचली अदालत ने इस योजना पर रोक लगा दी थी। लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने उस रोक को हटा दिया। अदालत ने एक अहस्ताक्षरित आदेश में कहा कि न्यायाधीशों के सामने कोई विशेष कटौती का मामला नहीं आया, बल्कि केवल ट्रंप के एक कार्यकारी आदेश और एजेंसियों को नौकरी में कटौती करने का प्रशासन निर्देश था।
सिर्फ एक जज ने फैसले पर जताई असहमति
सिर्फ एक जज केतनजी ब्राउन जैक्सन इस फैसले से सहमत नहीं थीं। उन्होंने अपने सहयोगियों पर आरोप लगाया कि उन्होंने आपातकालीन स्थिति में राष्ट्रपति के कानून रूप से संदिग्ध कार्यों को हरी झंडी दिखाने के लिए उत्साह प्रदर्शित किया है। ट्रंप ने बार-बार कहा है कि मतदाताओं ने उन्हें संघीय सरकार में बदलाव करने के लिए जनादेश दिया है। उन्होंने सरकारी दक्षता विभाग (DOGE) के माध्यम से इस कार्य का नेतृत्व करने के लिए अरबपति एलन मस्क को चुना, जो अब इस भूमिका से हट चुके हैं।
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अब तक हजारों कर्मचारी नौकरी से निकाले
अब तक हजारों संघीय कर्मचारियों को नौकरी से निकाल दिया गया है, और कुछ ने स्थगति त्यागपत्र कार्यक्रमों के माध्यम से अपनी नौकरी छोड़ दी है या उन्हें छुट्टी पर भेज दिया गया है। नौकरी में कटौती का कोई आधिकारिक आंकड़ा नहीं है, लेकिन कम से कम 75,000 संघीय कर्मचारियों ने स्थगित त्यागपत्र लिया है और हजारों परिवीक्षाधीन कर्मचारियों को पहले ही निकाल दिया गया है।
न्यायधीश सुसान ने कहा था- कटौती के लिए कांग्रेस की लेनी होगी मंजूरी
मई में, अमेरिकी जिला न्यायाधीश सुसान इल्स्टन कहा था कि संघीय कार्यबल में कटौती करने के लिए ट्रंप प्रशासन को कांग्रेस की मंजूरी लेनी होगी। 2-1 वोट से, यूएस 9वें सर्किट कोर्ट ऑफ अपील्स के पैनल ने भी इल्स्टन के आदेश को रोकने से इनकार कर दिया था। पैनल ने भी चेतावनी दी थी कि इससे देश की खाद्य सुरक्षा और पूर्व सैनिकों की स्वास्थ्य सेवाएं जैसी जरूरी सुविधाओं पर बुरा असर पड़ेगा।
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इल्स्टन ने कई संघीय एजेंसियों को फरवरी में हस्ताक्षरित राष्ट्रपति के कार्यबल कार्यकारी आदेश और DOGE और कार्मिक प्रबंधन कार्यालय द्वारा जारी किए गए एक बाद के ज्ञापन पर कार्रवाई रोकने का निर्देश दिया। इल्स्टन को पूर्व डेमोक्रेटिक राष्ट्रपति बिल क्लिंटन ने नामित किया था।
कटौती के खिलाफ मुकदमा दायर करने वालों ने कई उदाहरण दिए
जिन श्रमिक संघों और गैर-लाभकारी समूहों ने कटौती के खिलाफ मुकदमा दायर किया था, उन्होंने न्यायाधीशों को कई उदाहरण दिए कि अगर इसे लागू होने दिया गया तो क्या होगा, जिसमें कई एजेंसियों में 40 से 50 फीसदी तक की कटौती शामिल है। इस आदेश से प्रभावित एजेंसियों में कृषि, ऊर्जा, श्रम, आंतरिक, राज्य, ट्रेजरी और वेटरन अफेयर्स विभाग शामिल हैं। यह राष्ट्रीय विज्ञान फाउंडेशन, लघु व्यवसाय संघ, सामाजिक सुरक्षा प्रशासन और पर्यावरण संरक्षण एजेंसी पर भी लागू होता है।
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