Donand Trump: ट्रंप बोले- डॉलर को शहंशाह बनाए रखेंगे; खुद को बताया स्मार्ट राष्ट्रपति; कहा- BRICS से खतरा नहीं
ट्रंप और ब्रिक्स देशों के बीच चल रहे मतभेद दिन प्रतिदिन बढ़ते ही जा रहे है। ऐसे में अब व्हाइट हाउस में हुए एक बैठक के बाद ट्रंप ने खुद को एक स्मार्ट राष्ट्रपति बताते हुए ब्रिक्स देशों पर डॉलर को कमजोर करने की कोशिश का आरोप लगाया। साथ ही चेतावनी देते हुए कहा कि इन देशों को अब भारी कीमत चुकानी पड़ेगी।
विस्तार
ब्रिक्स देशों और अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच मतभेद बढ़ते ही जा रहे हैं। कारण है कि ब्रिक्स देशों ने अपने सम्मेलन में टैरिफ नीति की नींदा की थी। इसके बाद ट्रंप लगातार रूप से ब्रिक्स देशों पर डॉलर को कमजोर करने की कोशिश करने का आरोप लगाया है। उन्होंने चेतावनी भी दी है कि अगर वे अमेरिकी डॉलर को कमजोर करने की कोशिश करते हैं, तो उन्हें इसकी भारी कीमत चुकानी पड़ेगी। ट्रंप ने कहा कि वे अमेरिकी डॉलर को कमजोर करने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन ऐसा नहीं होने दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि ब्रिक्स कोई बड़ा खतरा नहीं है, लेकिन उनका मकसद डॉलर को खत्म करना है ताकि कोई और देश उसे अपना बना सके।
डॉलर को बताया राजा
इसके साथ ही ट्रंप ने जोर देकर कहा कि अगर हमारे पास एक समझदार राष्ट्रपति होगा, तो हम कभी भी डॉलर का वैश्विक मानक नहीं खोएंगे।"उन्होंने यह भी कहा कि अगर अमेरिका ने डॉलर की स्थिति खो दी, तो यह किसी बड़े विश्व युद्ध को हारने जैसा होगा। उन्होंने कहा कि डॉलर ही राजा है और हम इसे ऐसे ही बनाए रखेंगे। अगर कोई इसे चुनौती देना चाहता है, तो उन्हें इसकी भारी कीमत चुकानी पड़ेगी।
10 प्रतिशत टैरिफ का एलान
इसी सिलसिले में मंगलवार को व्हाइट हाउस में एक कैबिनेट बैठक हुई। इसमें ट्रंप ने कहा कि ब्रिक्स समूह के सदस्य देशों पर 10% टैरिफ (शुल्क) लगाया जाएगा। उन्होंने कहा कि अगर कोई ब्रिक्स का हिस्सा है, तो उसे 10 प्रतिशत शुल्क देना होगा। उन्होंने आरोप लगाया कि ब्रिक्स की स्थापना अमेरिका को नुकसान पहुंचाने और डॉलर को वैश्विक मानक से हटाने के इरादे से की गई थी।
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मैं भी खेलना जानता हूं- ट्रंप
कैबिनेट बैठक के बाद पत्रकारों से बातचीत के दौरान ट्रंप ने अपने आप को स्मार्ट राष्ट्रपति बताते हुए कहा कि अगर कोई अमेरिका के खिलाफ यह खेल खेलना चाहता है, तो मैं भी खेलना जानता हूं। उन्होंने दावा किया कि ब्रिक्स अब लगभग टूट चुका है, लेकिन कुछ देश अभी भी इससे जुड़े हुए हैं। उन्होंने यह भी कहा कि जो देश अमेरिका के खिलाफ खड़े होंगे, उन्हें इसकी भारी कीमत चुकानी पड़ेगी।
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ब्रिक्स देशों के बैठक से शुरू हुआ विवाद
बता दें कि यह बयान ऐसे समय में आया है जब ब्रिक्स देश ब्राजील, रूस, भारत, चीन, दक्षिण अफ्रीका, सऊदी अरब, मिस्र, यूएई, इथियोपिया, इंडोनेशिया और ईरान की बैठक ब्राजील में 6-7 जुलाई को हुई थी। इस दौरान ब्रिक्स देशों ने टैरिफ नीति की निंदा की थी, जिसके बाद ट्रंप ने रविवार को भी कहा था कि जो देश ब्रिक्स की अमेरिका विरोधी नीतियों का समर्थन करेंगे, उन पर अतिरिक्त 10% टैरिफ लगाया जाएगा।