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US: फेड में नीतिगत टकराव तेज, ट्रंप के सलाहकार मिरान ने ब्याज दर कम करने की वकालत की; बोले- 4.1% बहुत ज्यादा

Tue, 23 Sep 2025 01:07 AM IST
शुभम कुमार वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वॉशिंगटन
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वॉशिंगटन Published by: शुभम कुमार Updated Tue, 23 Sep 2025 01:07 AM IST
सार

फेडरल रिजर्व की मौद्रिक नीति को लेकर मतभेद सामने आ गए हैं। ट्रंप के आर्थिक सलाहकार और फेड गवर्नर स्टीफन मिरान ने 4.1% ब्याज दर को बहुत सख्त बताते हुए इसे 2.5% तक घटाने की मांग की है। उन्होंने कहा कि घटती आव्रजन दर, बढ़ते टैरिफ राजस्व और बुजुर्ग आबादी को देखते हुए इतनी ऊंची दर की जरूरत नहीं है। 

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US Fed intensify Trump advisor Stephen Miran advocates for lower interest rates saying 4.1% is too high
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और फेड बोर्ड के सदस्य स्टीफन मिरान - फोटो : ANI/एक्स@SteveMiran

विस्तार

अमेरिका के फेडरल रिजर्व में नीतियों को लेकर मतभेद अब खुलकर सामने आ गए हैं। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के आर्थिक सलाहकार और फेड बोर्ड के सदस्य स्टीफन मिरान ने मौजूदा 4.1% ब्याज दर को बहुत ज्यादा बताते हुए इसे 2.5% तक घटाने की वकालत की है। उनका यह बयान फेड के अन्य 18 सदस्यों से एकदम अलग है और इससे न केवल मौद्रिक नीति में दरार दिख रही है, बल्कि फेड की स्वतंत्रता पर भी गंभीर सवाल उठने लगे हैं। न्यूयॉर्क के इकोनॉमिक क्लब में भाषण देते हुए मिरान ने कहा कि अमेरिका में आव्रजन में गिरावट, टैरिफ से बढ़ती सरकारी आमदनी और बुजुर्ग आबादी में बढ़ोतरी जैसे कारण अब इतने ज्यादा ब्याज दर की जरूरत नहीं है।

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मिरान ने कहा कि वह अपनी स्वतंत्र सोच से नीतियां बनाते हैं और ट्रंप ने उन्हें किसी खास नीति को अपनाने के लिए नहीं कहा। उन्होंने जोर देकर कहा कि मैं अपनी समझ और आर्थिक विश्लेषण के आधार पर फैसले लेता हूं। ट्रंप ने कभी मुझसे कोई खास नीति लागू करने के लिए नहीं कहा। इस दौरान मिरान ने फेड की मौजूदा नीति को बहुत सख्त बताते हुए कहा कि यह अर्थव्यवस्था को दबा रही है और रोजगार बढ़ाने के फेड के मिशन के लिए जोखिम पैदा कर रही है।
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रिहायशी दबाव घटाने पर जोर
इस दौरान उन्होंने ये भी कहा कि कम आव्रजन से रिहायशी दबाव घटेगा, जिससे किराए में कमी आएगी और मुद्रास्फीति नियंत्रित होगी। वहीं, टैरिफ से होने वाली आमदनी (जो कांग्रेस के आंकड़ों के अनुसार सालाना 300 अरब डॉलर तक हो सकती है) से राजकोषीय घाटा घटेगा, जिससे फेड को ब्याज दरें ऊंची रखने की जरूरत नहीं पड़ेगी।

बता दें कि मिरान की नियुक्ति पहले से विवादों में रही है क्योंकि वह व्हाइट हाउस के काउंसिल ऑफ इकोनॉमिक एडवाइजर्स के प्रमुख पद पर हैं, भले ही अभी बिना वेतन छुट्टी पर हैं। यह फेड की परंपरागत राजनीतिक स्वतंत्रता पर सवाल खड़ा करता है। इतिहास में 1930 के दशक के बाद यह पहला मौका है जब कार्यकारी शाखा का कोई व्यक्ति फेड के बोर्ड में शामिल है। मिरान का कार्यकाल जनवरी में खत्म हो रहा है, लेकिन जब तक कोई उत्तराधिकारी नहीं मिलता, वे पद पर बने रह सकते हैं। 

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फेड में ट्रंप की बढ़ती दखलअंदाजी
गौरतलब है कि यह सब ऐसे समय हो रहा है जब ट्रंप खुद फेड के चेयरमैन जेरोम पॉवेल की आलोचना कर चुके हैं और ब्याज दरों को 1.2% तक घटाने की मांग कर चुके हैं। ट्रंप ने फेड गवर्नर लिसा कुक को हटाने की कोशिश भी की है, जो अब अदालत में लड़ाई लड़ रही हैं। अब तक अदालत ने कुक को उनके पद पर बने रहने की अनुमति दी है, लेकिन ट्रंप प्रशासन ने इस पर सुप्रीम कोर्ट में अपील की है।

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