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Oil Crisis: रूसी तेल खरीद पर अमेरिका ने फिर दी बड़ी राहत, प्रतिबंधों में 30 दिन की छूट; जानें भारत पर इसका असर

Tue, 19 May 2026 12:18 AM IST
Devesh Tripathi एएनआई, वॉशिंगटन
एएनआई, वॉशिंगटन Published by: Devesh Tripathi Updated Tue, 19 May 2026 12:18 AM IST
सार

अमेरिका की ओर से एक बार फिर समुद्र में फंसे रूसी तेल की खरीद पर प्रतिबंधों को 30 दिनों के लिए हटा दिया गया है। माना जा रहा है कि इस फैसले से उन देशों को बड़ी राहत मिलेगी, जो पश्चिम एशिया संघर्ष के चलते ऊर्जा संकट से जूझ रहे हैं।

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US extends waiver on Russian oil stranded at sea for 30 days to aid vulnerable nations know impact on india
रूसी तेल खरीद पर हटा प्रतिबंध - फोटो : ANI

विस्तार

अमेरिकी वित्त विभाग ने सोमवार को रूसी तेल की खरीद पर अस्थायी तौर से 30 की राहत दी है। अमेरिका के इस फैसले से कई देशों को फिलहाल समुद्र में फंसे रूसी तेल तक पहुंचने की सुविधा मिलने की संभावना है। अमेरिका की ओर से कहा गया है कि यह कदम वैश्विक ऊर्जा बाजारों को स्थिर करने और ऊर्जा-असुरक्षित देशों तक तेल की आपूर्ति सुनिश्चित करने के उद्देश्य से उठाया गया है।
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अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट ने एक्स पर एक पोस्ट में इस बात की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि रूसी तेल की खरीद पर यह विस्तार अतिरिक्त लचीलापन प्रदान करेगा। विभाग देशों के साथ आवश्यकतानुसार विशिष्ट लाइसेंस प्रदान करने के लिए काम करेगा। इस सामान्य लाइसेंस का उद्देश्य कच्चे तेल के बाजार को स्थिर करना और यह सुनिश्चित करना है कि तेल सबसे ज्यादा ऊर्जा संकट से जूझ रहे देशों तक पहुंचे।
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पहले भी दी जा चुकी है छूट
इसके अतिरिक्त यह छूट चीन की रियायती तेल के भंडारण की क्षमता को कम करके, जरूरतमंद देशों तक मौजूदा आपूर्ति को फिर से रूट करने में भी मदद करेगी। यह घोषणा ऐसे समय में आई है जब पहले जारी की गई 30-दिवसीय छूट की अवधि समाप्त हो गई थी। रूस के समुद्र में फंसे तेल के लिए पिछली 30-दिवसीय छूट 16 मई को समाप्त हो गई थी। 
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मूल रूप से मार्च में दी गई यह अस्थायी छूट, सक्रिय प्रतिबंधों के बावजूद पारगमन में फंसे कार्गो को अंतरराष्ट्रीय खरीदारों तक पहुंचने की अनुमति देकर वैश्विक ईंधन आपूर्ति को सहारा देने के लिए दी गई थी। पश्चिम एशिया में संघर्ष शुरू होने के बाद से यह तीसरा ऐसा विस्तार है। गौरतलब है कि पश्चिम एशिया संघर्ष 28 फरवरी को शुरू हुआ था।

अमेरिकी छूट पर भारत का बयान
वहीं, भारत ने स्पष्ट किया है कि तेल खरीद के संबंध में नई दिल्ली के फैसले उसके लोगों के हितों और व्यावसायिक समझ से निर्देशित होते हैं। पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय की विपणन और तेल रिफाइनरी की संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने सोमवार को एक नियमित अंतर-मंत्रालयी ब्रीफिंग में कहा कि भारत "छूट से पहले भी, छूट के दौरान भी, और अब भी" रूस से तेल खरीद रहा है।


दुनिया में गहरा रहा ऊर्जा संकट
पश्चिम एशिया संघर्ष से जुड़ी हालिया घटनाओं के कारण ऊर्जा बाजारों में लगातार अस्थिरता देखी जा रही है। इससे वैश्विक ऊर्जा वितरण नेटवर्क में व्यवधान की व्यापक आशंकाएं पैदा हो गई हैं। ऐसे में रूसी तेल पर अमेरिकी छूट का विस्तार इन चिंताओं को कम करने और ऊर्जा-असुरक्षित देशों को तत्काल राहत प्रदान करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
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