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दोहरा रवैया: कभी अफगान शांति वार्ता पर गनी की तारीफ करने वाले ट्रंप ने अब उन्हें बताया धोखेबाज, कहा- मुझे कभी नहीं रहा उस पर भरोसा
Thu, 19 Aug 2021 12:30 PM IST
कीर्तिवर्धन मिश्रा
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वॉशिंगटन/काबुल
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वॉशिंगटन/काबुल
Published by: कीर्तिवर्धन मिश्रा
Updated Thu, 19 Aug 2021 12:30 PM IST
सार
ट्रंप ने एक न्यूज चैनल को दिए इंटरव्यू में कहा, "गनी ने अपना सारा समय हमारे सीनेटरों के साथ खाने में और उनका दिल जीतने में बिता दिया। सीनेटर उसकी जेब में थे।"
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अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अफगानिस्तान छोड़कर भागे अशरफ गनी पर निशाना साधा।
- फोटो : Social Media
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विस्तार
अफगानिस्तान की राजधानी काबुल में तालिबान के घुसने के ठीक बाद राष्ट्रपति अशरफ गनी अपने विमान में सवार होकर शरण के लिए यूएई चले गए। गनी के इस तरह देश छोड़ने के बाद जहां अफगान नागरिकों ने इसे धोखेबाजी करार दिया, वहीं अमेरिकी सरकार ने भी इसे कमजोर नेतृत्व करार दिया। अब अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अचानक अफगानिस्तान छोड़कर भागने के लिए अशरफ गनी पर हमला बोला है। ट्रंप ने गनी को धोखेबाज बताते हुए कहा कि उन्हें अफगानिस्तान के इस पूर्व राष्ट्रपति पर कभी भी भरोसा नहीं रहा।
ट्रंप का यह बयान मंगलवार रात को फॉक्स न्यूज चैनल को दिए इंटरव्यू में आया। दरअसल, एंकर ने ट्रंप से उनके कार्यकाल के दौरान तालिबान से की गई बातचीत और अफगान सरकार को लेकर सवाल पूछे थे। इस पर ट्रंप ने कहा, मैं चाहता था कि तालिबान जल्द से जल्द अफगान सरकार से समझौता कर ले। लेकिन मुझे गनी पर कभी पूरा भरोसा नहीं रहा। मैंने यह पहले भी खुले तौर पर कहा था कि मुझे वह पूरी तरह धोखेबाज लगता है।
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ट्रंप ने इंटरव्यू के दौरान गनी पर तीखे हमले करते हुए कहा, "उसने (गनी ने) अपना सारा समय हमारे सीनेटरों के साथ खाने में और उनका दिल जीतने में बिता दिया। सीनेटर उसकी जेब में थे। कहा जा रहा है कि वह पैसे लेकर भाग गया है, पता नहीं शायद यह सच भी हो सकता है। लेकिन वह किसी तरह अपनी जिम्मेदारियों से भाग निकला है।"
2020 में क्या बोले थे तत्कालीन अमेरिकी राष्ट्रपति?: तालिबान और अफगान सरकार के बीच बातचीत शुरू कराने वाले डोनाल्ड ट्रंप ने मार्च 2020 में अशरफ गनी से टेलिफोन पर बात की थी। तब व्हाइट हाउस की तरफ से जारी बयान में कहा गया था कि ट्रंप ने अफगानिस्तान के लिए शांति वार्ता की तरफ कदम उठाने के लिए गनी की तारीफ की। बताया गया था कि दोनों नेताओं ने तब अमेरिका-अफगानिस्तान समझौते को एक अहम मील का पत्थर करार दिया था।
बाइडेन सरकार पर भी हमलावर हैं ट्रंप: गौरतलब है कि इससे पहले अमेरिकी सेना के अफगानिस्तान छोड़ने और तालिबान के काबुल पर कब्जे की खबरों को लेकर ट्रंप ने मौजूदा राष्ट्रपति जो बाइडेन पर तंज कसा था। उन्होंने कहा था कि तालिबान का विरोध किए बिना काबुल का पतन होना अमेरिकी इतिहास की सबसे बड़ी हार के रूप में दर्ज होगा। तालिबान के काबुल में राष्ट्रपति भवन पर कब्जा कर लेने के बाद ट्रंप ने एक बयान में कहा था, “जो बाइडन ने अफगानिस्तान में जो किया वह अपूर्व है। इसे अमेरिकी इतिहास की सबसे बड़ी हार के रूप में याद रखा जाएगा।”
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ट्रंप का यह बयान मंगलवार रात को फॉक्स न्यूज चैनल को दिए इंटरव्यू में आया। दरअसल, एंकर ने ट्रंप से उनके कार्यकाल के दौरान तालिबान से की गई बातचीत और अफगान सरकार को लेकर सवाल पूछे थे। इस पर ट्रंप ने कहा, मैं चाहता था कि तालिबान जल्द से जल्द अफगान सरकार से समझौता कर ले। लेकिन मुझे गनी पर कभी पूरा भरोसा नहीं रहा। मैंने यह पहले भी खुले तौर पर कहा था कि मुझे वह पूरी तरह धोखेबाज लगता है।
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ट्रंप ने इंटरव्यू के दौरान गनी पर तीखे हमले करते हुए कहा, "उसने (गनी ने) अपना सारा समय हमारे सीनेटरों के साथ खाने में और उनका दिल जीतने में बिता दिया। सीनेटर उसकी जेब में थे। कहा जा रहा है कि वह पैसे लेकर भाग गया है, पता नहीं शायद यह सच भी हो सकता है। लेकिन वह किसी तरह अपनी जिम्मेदारियों से भाग निकला है।"
2020 में क्या बोले थे तत्कालीन अमेरिकी राष्ट्रपति?: तालिबान और अफगान सरकार के बीच बातचीत शुरू कराने वाले डोनाल्ड ट्रंप ने मार्च 2020 में अशरफ गनी से टेलिफोन पर बात की थी। तब व्हाइट हाउस की तरफ से जारी बयान में कहा गया था कि ट्रंप ने अफगानिस्तान के लिए शांति वार्ता की तरफ कदम उठाने के लिए गनी की तारीफ की। बताया गया था कि दोनों नेताओं ने तब अमेरिका-अफगानिस्तान समझौते को एक अहम मील का पत्थर करार दिया था।
बाइडेन सरकार पर भी हमलावर हैं ट्रंप: गौरतलब है कि इससे पहले अमेरिकी सेना के अफगानिस्तान छोड़ने और तालिबान के काबुल पर कब्जे की खबरों को लेकर ट्रंप ने मौजूदा राष्ट्रपति जो बाइडेन पर तंज कसा था। उन्होंने कहा था कि तालिबान का विरोध किए बिना काबुल का पतन होना अमेरिकी इतिहास की सबसे बड़ी हार के रूप में दर्ज होगा। तालिबान के काबुल में राष्ट्रपति भवन पर कब्जा कर लेने के बाद ट्रंप ने एक बयान में कहा था, “जो बाइडन ने अफगानिस्तान में जो किया वह अपूर्व है। इसे अमेरिकी इतिहास की सबसे बड़ी हार के रूप में याद रखा जाएगा।”