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US: ट्रंप बोले- समझदारी से समझौता नहीं किया जा सकता; युद्धविराम की समय-सीमा पर व्हाइट हाउस ने क्या कहा?
Thu, 23 Apr 2026 02:55 AM IST
Nirmal Kant
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वॉशिंगटन डीसी।
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वॉशिंगटन डीसी।
Published by: Nirmal Kant
Updated Thu, 23 Apr 2026 02:55 AM IST
सार
US: ईरान के साथ युद्धविराम के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया पर कहा कि समझदारी और व्यावहारिक समझ से कोई समझौता नहीं किया जा सका। उधर, व्हाइट हाउस ने भी अस्थायी युद्धविराम की समय-सीमा को लेकर टिप्पणी की है। व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव ने क्या कहा, पढ़िए रिपोर्ट-
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डोनाल्ड ट्रंप
- फोटो : एएनआई (फाइल)
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विस्तार
पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि समझदारी और व्यावहारिक समझ से समझौता नहीं किया जा सकता है। इस बीच, व्हाइट ने दावा किया कि ईरान के भीतर अंदरूनी मतभेद और विभाजन की स्थिति बनी हुई है।
व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव ने क्या कहा?
व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलिन लेविट ने कहा, ईरान के भीतर व्यावहारिक सोच रखने वालों और सख्त रुख वाले लोगों के बीच की लड़ाई है। राष्ट्रपति एक सामूहिक जवाब चाहते हैं। इसलिए जब तक हम उस जवाब का इंतजार कर रहे हैं, सैन्य कार्रवाई और सीधे हमलों के मामले में एक युद्धविराम है। 'ऑपरेशन इकोनॉमिक फ्यूरी', प्रभावी और सफल नौसैनिक नाकेबंदी और साथ ही ईरानी बंदरगाहों से आने-जाने वाले जहाजों पर भी नियंत्रण जारी है। राष्ट्रपति ने ईरान से कोई प्रस्ताव प्राप्त करने की कोई निश्चित समय-सीमा तय नहीं की है। अंत में समय-सीमा अमेरिका के कमांडर-इन-चीफ और अमेरिका के राष्ट्रपति तय करेंगे।
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'ईरान के आंतरिक विभाजन और मतभेद'
लेविट ने कहा, हम इसको लेकर स्पष्ट हैं कि हमें किससे बातचीत करनी। हमारी वार्ता करने वाली टीम ने उन लोगों से सीधे मुलाकात की है। लेकिन ईरान के अंदर स्पष्ट रूप से बहुत आंतरिक विभाजन और मतभेद हैं। उनका शासन और उसके कई नेता पिछले लगभग 50 वर्षों में दुनिया से मिट चुके हैं। राष्ट्रपति उन्हें थोड़ी ढील दे रहे हैं, क्योंकि हम चाहते हैं कि राष्ट्रपति के बहुत मजबूत प्रस्ताव के जवाब में एक सामूहिक प्रस्ताव मिले। उन्होंने अपनी सीमाएं बहुत स्पष्ट कर दी हैं।
अमेरिकी नौसैनिक नाकाबंदी और संघर्ष विराम की समय-सीमा पर क्या कहा?
उन्होंने कहा, अमेरिका इस स्थिति पर नियंत्रण बनाए हुए है और ईरानी शासन पर दबाव भी रखा है। वे केवल सैन्य रूप से काफी कमजोर और नष्ट नहीं हुए हैं, बल्कि इस नाकेबंदी के चलते हर पल आर्थिक और वित्तीय रूप से भी नुकसान झेल रहे हैं। ईरान के जवाब का इंतजार तक राष्ट्रपति स्वतंत्र दुनिया का नेतृत्व करना और अमेरिका को चलाना जारी रखेंगे।
ये भी पढ़ें: जर्मनी: रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने पनडुब्बी बनाने वाले संयंत्र का दौरा किया, नौसेना की आधुनिक तकनीकें देखी
होर्मुज जलडमरूमध्य की नाकेबंदी और युद्धविराम की समय-सीमा से जुड़े सवाल के जवाब में व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव ने कहा, मैं राष्ट्रपति के लिए कोई समय-सीमा तय नहीं करने जा रही हूं। मुझे पता है कि कुछ गुमनाम स्रोतों से ऐसी रिपोर्ट आई थी कि शायद तीन से पांच दिन की समय-सीमा थी। लेकिन यह सही बात नहीं है। राष्ट्रपति ने खुद कोई समय-सीमा तय नहीं की है। अंत में वही समय-सीमा तय करेंगे और वह नौसैनिक नाकेबंदी से संतुष्ट हैं। वह समझते हैं कि ईरान बहुत कमजोर स्थिति में है और अभी सारी बढ़त राष्ट्रपति ट्रंप के पास है।
'ईरानी सरकारी मीडिया की बात को सीधे सच न मानें'
ईरानी सरकारी मीडिया के युद्धविराम से जुड़े बयान पर लेविट ने कहा, आप सभी लोग ईरान से अलग-अलग तरह के संदेश आते हुए देख रहे हैं। मैं आपको (मीडिया) सावधान करूंगी कि उनकी किसी भी बात को सीधे सच न मान लें। हमने देखा है कि वे जो सार्वजनिक रूप से कहते हैं, वह उस बात से काफी अलग होता है जिसे वे अमेरिका और हमारी बातचीत टीम के सामने निजी रूप से स्वीकार करते हैं।
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व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव ने क्या कहा?
व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलिन लेविट ने कहा, ईरान के भीतर व्यावहारिक सोच रखने वालों और सख्त रुख वाले लोगों के बीच की लड़ाई है। राष्ट्रपति एक सामूहिक जवाब चाहते हैं। इसलिए जब तक हम उस जवाब का इंतजार कर रहे हैं, सैन्य कार्रवाई और सीधे हमलों के मामले में एक युद्धविराम है। 'ऑपरेशन इकोनॉमिक फ्यूरी', प्रभावी और सफल नौसैनिक नाकेबंदी और साथ ही ईरानी बंदरगाहों से आने-जाने वाले जहाजों पर भी नियंत्रण जारी है। राष्ट्रपति ने ईरान से कोई प्रस्ताव प्राप्त करने की कोई निश्चित समय-सीमा तय नहीं की है। अंत में समय-सीमा अमेरिका के कमांडर-इन-चीफ और अमेरिका के राष्ट्रपति तय करेंगे।
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'ईरान के आंतरिक विभाजन और मतभेद'
लेविट ने कहा, हम इसको लेकर स्पष्ट हैं कि हमें किससे बातचीत करनी। हमारी वार्ता करने वाली टीम ने उन लोगों से सीधे मुलाकात की है। लेकिन ईरान के अंदर स्पष्ट रूप से बहुत आंतरिक विभाजन और मतभेद हैं। उनका शासन और उसके कई नेता पिछले लगभग 50 वर्षों में दुनिया से मिट चुके हैं। राष्ट्रपति उन्हें थोड़ी ढील दे रहे हैं, क्योंकि हम चाहते हैं कि राष्ट्रपति के बहुत मजबूत प्रस्ताव के जवाब में एक सामूहिक प्रस्ताव मिले। उन्होंने अपनी सीमाएं बहुत स्पष्ट कर दी हैं।
अमेरिकी नौसैनिक नाकाबंदी और संघर्ष विराम की समय-सीमा पर क्या कहा?
उन्होंने कहा, अमेरिका इस स्थिति पर नियंत्रण बनाए हुए है और ईरानी शासन पर दबाव भी रखा है। वे केवल सैन्य रूप से काफी कमजोर और नष्ट नहीं हुए हैं, बल्कि इस नाकेबंदी के चलते हर पल आर्थिक और वित्तीय रूप से भी नुकसान झेल रहे हैं। ईरान के जवाब का इंतजार तक राष्ट्रपति स्वतंत्र दुनिया का नेतृत्व करना और अमेरिका को चलाना जारी रखेंगे।
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होर्मुज जलडमरूमध्य की नाकेबंदी और युद्धविराम की समय-सीमा से जुड़े सवाल के जवाब में व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव ने कहा, मैं राष्ट्रपति के लिए कोई समय-सीमा तय नहीं करने जा रही हूं। मुझे पता है कि कुछ गुमनाम स्रोतों से ऐसी रिपोर्ट आई थी कि शायद तीन से पांच दिन की समय-सीमा थी। लेकिन यह सही बात नहीं है। राष्ट्रपति ने खुद कोई समय-सीमा तय नहीं की है। अंत में वही समय-सीमा तय करेंगे और वह नौसैनिक नाकेबंदी से संतुष्ट हैं। वह समझते हैं कि ईरान बहुत कमजोर स्थिति में है और अभी सारी बढ़त राष्ट्रपति ट्रंप के पास है।
'ईरानी सरकारी मीडिया की बात को सीधे सच न मानें'
ईरानी सरकारी मीडिया के युद्धविराम से जुड़े बयान पर लेविट ने कहा, आप सभी लोग ईरान से अलग-अलग तरह के संदेश आते हुए देख रहे हैं। मैं आपको (मीडिया) सावधान करूंगी कि उनकी किसी भी बात को सीधे सच न मान लें। हमने देखा है कि वे जो सार्वजनिक रूप से कहते हैं, वह उस बात से काफी अलग होता है जिसे वे अमेरिका और हमारी बातचीत टीम के सामने निजी रूप से स्वीकार करते हैं।
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