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अपने ही घर में घिरे ट्रंप: डेमोक्रेटिक सांसदों ने US के भविष्य पर उठाए सवाल, पूछा- ईरान से जंग कब होगी खत्म
Thu, 02 Apr 2026 11:19 AM IST
अमन तिवारी
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वॉशिंगटन
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वॉशिंगटन
Published by: अमन तिवारी
Updated Thu, 02 Apr 2026 11:19 AM IST
सार
अमेरिकी डेमोक्रेटिक सांसदों ने ईरान के साथ चल रहे युद्ध को लेकर राष्ट्रपति ट्रंप की कड़ी आलोचना की है। उन्होंने कहा कि एक महीना बीतने के बाद भी ट्रंप अपने लक्ष्य हासिल नहीं कर पाए हैं। सांसदों ने भारी नुकसान का हवाला देते हुए ट्रंप से तुरंत युद्धविराम करने और कूटनीतिक रास्ता निकालने की मांग की है।
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अमेरिकी संसद
- फोटो : ANI
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विस्तार
अमेरिकी संसद की विदेश मामलों की समिति के वरिष्ठ डेमोक्रेटिक सांसदों ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ईरान नीति पर कड़े सवाल उठाए हैं। उन्होंने चेतावनी दी है कि आगे चलकर इस युद्ध की मानवीय, आर्थिक और भू-राजनीतिक कीमत बहुत भारी पड़ रही है। राष्ट्रपति के राष्ट्र के नाम संबोधन से पहले सांसदों ने एक साझा बयान जारी कर अपनी चिंताएं जाहिर की।
डेमोक्रेटिक सांसदों ने लगाए आरोप
सांसद ग्रेगरी मीक्स, एडम स्मिथ और जिम हाइम्स ने कहा राष्ट्रपति ट्रंप ने अपनी मर्जी से ईरान के खिलाफ यह युद्ध शुरू किया था। इसे शुरू हुए एक महीने से ज्यादा का समय बीत चुका है, लेकिन ट्रंप अपने लक्ष्यों को हासिल करने के करीब भी नहीं पहुंचे हैं। सांसदों का तर्क है कि इस सैन्य कार्रवाई से ईरान के शासन में कोई बुनियादी बदलाव नहीं आया है। ईरान अब भी परमाणु कार्यक्रम चलाने, मिसाइलें बनाने और आतंकी समूहों की मदद करने में सक्षम है। इसके अलावा, ट्रंप ईरान के आम लोगों को भी कोई राहत नहीं दे पाए हैं।
नुकसान पर क्या बोले सांसदों
सांसदों ने इस युद्ध में हुए जान-माल के मानवीय और भौतिक नुकसान को उजागर करते हुए बयान में आगे कहा, अब तक 13 अमेरिकी सैनिक अपनी जान गंवा चुके हैं और सैकड़ों घायल हुए हैं। युद्ध में अरबों डॉलर के हथियार और सैन्य उपकरण या तो बर्बाद हो गए हैं या उन्हें भारी नुकसान पहुंचा है।
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ये भी पढ़ें: ट्रंप नाटो से नाराज: ईरान में जंग के बीच विदेश मंत्री रुबियो की पुरानी पोस्ट वायरल क्यों, किस बयान पर चर्चा?
मानवीय नुकसान का जिक्र करते हुए सांसदों ने कहा कि हजारों ईरानी नागरिक मारे गए हैं, जिनमें 150 से ज्यादा स्कूली छात्राएं भी शामिल हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि ट्रंप की इस विनाशकारी कार्रवाई की वजह से बहुत से लोग अमेरिका के खिलाफ हो गए हैं और कट्टरपंथ बढ़ रहा है।
अर्थव्यवस्था और सहयोगियों पर असर
बयान में कहा गया कि इस युद्ध की वजह से दुनिया भर में तेल, खाद और हीलियम जैसी जरूरी चीजों की सप्लाई कम हो गई है। इससे अमेरिका और वैश्विक अर्थव्यवस्था पर बुरा असर पड़ा है। सांसदों ने यह भी आरोप लगाया कि ट्रंप ने अपने पुराने और वफादार सहयोगियों का अपमान किया, उन पर दबाव डाला है और उन्हें नीचा दिखाया है। इसी वजह से अब कई मित्र देश इस युद्ध में अमेरिका का साथ देने से मना कर रहे हैं।
कूटनीतिक समाधान की अपील
डेमोक्रेटिक सांसदों ने मांग की है कि ट्रंप देश को बताएं कि यह युद्ध कब और कैसे खत्म होगा। उन्होंने राष्ट्रपति से अपील की है कि वह तुरंत ईरान के साथ युद्धविराम पर बातचीत शुरू करें। सांसदों के अनुसार, इस विनाशकारी युद्ध को रोकने का यही एकमात्र तरीका है। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर जल्द ही कूटनीतिक समाधान नहीं निकाला गया, तो अमेरिका एक और कभी न खत्म होने वाले युद्ध में फंस जाएगा, जिसके परिणाम और भी भयानक होंगे।
अन्य वीडियो-
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डेमोक्रेटिक सांसदों ने लगाए आरोप
सांसद ग्रेगरी मीक्स, एडम स्मिथ और जिम हाइम्स ने कहा राष्ट्रपति ट्रंप ने अपनी मर्जी से ईरान के खिलाफ यह युद्ध शुरू किया था। इसे शुरू हुए एक महीने से ज्यादा का समय बीत चुका है, लेकिन ट्रंप अपने लक्ष्यों को हासिल करने के करीब भी नहीं पहुंचे हैं। सांसदों का तर्क है कि इस सैन्य कार्रवाई से ईरान के शासन में कोई बुनियादी बदलाव नहीं आया है। ईरान अब भी परमाणु कार्यक्रम चलाने, मिसाइलें बनाने और आतंकी समूहों की मदद करने में सक्षम है। इसके अलावा, ट्रंप ईरान के आम लोगों को भी कोई राहत नहीं दे पाए हैं।
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नुकसान पर क्या बोले सांसदों
सांसदों ने इस युद्ध में हुए जान-माल के मानवीय और भौतिक नुकसान को उजागर करते हुए बयान में आगे कहा, अब तक 13 अमेरिकी सैनिक अपनी जान गंवा चुके हैं और सैकड़ों घायल हुए हैं। युद्ध में अरबों डॉलर के हथियार और सैन्य उपकरण या तो बर्बाद हो गए हैं या उन्हें भारी नुकसान पहुंचा है।
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मानवीय नुकसान का जिक्र करते हुए सांसदों ने कहा कि हजारों ईरानी नागरिक मारे गए हैं, जिनमें 150 से ज्यादा स्कूली छात्राएं भी शामिल हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि ट्रंप की इस विनाशकारी कार्रवाई की वजह से बहुत से लोग अमेरिका के खिलाफ हो गए हैं और कट्टरपंथ बढ़ रहा है।
अर्थव्यवस्था और सहयोगियों पर असर
बयान में कहा गया कि इस युद्ध की वजह से दुनिया भर में तेल, खाद और हीलियम जैसी जरूरी चीजों की सप्लाई कम हो गई है। इससे अमेरिका और वैश्विक अर्थव्यवस्था पर बुरा असर पड़ा है। सांसदों ने यह भी आरोप लगाया कि ट्रंप ने अपने पुराने और वफादार सहयोगियों का अपमान किया, उन पर दबाव डाला है और उन्हें नीचा दिखाया है। इसी वजह से अब कई मित्र देश इस युद्ध में अमेरिका का साथ देने से मना कर रहे हैं।
कूटनीतिक समाधान की अपील
डेमोक्रेटिक सांसदों ने मांग की है कि ट्रंप देश को बताएं कि यह युद्ध कब और कैसे खत्म होगा। उन्होंने राष्ट्रपति से अपील की है कि वह तुरंत ईरान के साथ युद्धविराम पर बातचीत शुरू करें। सांसदों के अनुसार, इस विनाशकारी युद्ध को रोकने का यही एकमात्र तरीका है। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर जल्द ही कूटनीतिक समाधान नहीं निकाला गया, तो अमेरिका एक और कभी न खत्म होने वाले युद्ध में फंस जाएगा, जिसके परिणाम और भी भयानक होंगे।
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