US Court: दो विमान हादसों से जुड़े बोइंग 737 मैक्स केस में राहत, अमेरिकी अदालत ने आपराधिक मामला किया खत्म
अमेरिकी अदालत ने बोइंग 737 मैक्स हादसों से जुड़े आपराधिक मामले को खत्म कर दिया है। कंपनी को 1.1 अरब डॉलर का जुर्माना और मुआवजा देना होगा। हादसों में 346 लोगों की जान गई थी।
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दो घातक हवाई हादसों से जुड़े बोइंग 737 मैक्स विमान मामले में अमेरिकी अदालत ने गुरुवार को विमान निर्माता कंपनी बोइंग के खिलाफ दर्ज आपराधिक साजिश का मामला खत्म कर दिया। टेक्सास की एक संघीय अदालत के जज रीड ओ’कॉनर ने यह फैसला देते हुए कहा कि कंपनी को अपने समझौते के तहत 1.1 अरब डॉलर का जुर्माना, मुआवजा और सुरक्षा सुधारों पर निवेश करना होगा।
यह मामला 2018 और 2019 में हुई दो घातक दुर्घटनाओं से जुड़ा है, जिनमें 346 लोगों की जान गई थी। ये हादसे क्रमशः इंडोनेशिया और इथियोपिया में हुए थे, जब विमान टेकऑफ के तुरंत बाद दुर्घटनाग्रस्त हो गया था। जांच में सामने आया कि बोइंग ने अपने फ्लाइट-कंट्रोल सिस्टम के बारे में अमेरिकी नियामकों को गलत जानकारी दी थी, जो दोनों हादसों की बड़ी वजह बना।
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सितंबर में हुई सुनवाई के दौरान कई पीड़ित परिवारों ने अदालत से अपील की थी कि इस समझौते को खारिज कर बोइंग पर सख्त कार्रवाई की जाए। कई परिजनों ने यूरोप और अफ्रीका से टेक्सास पहुंचकर अपनी भावनाएं रखीं। फ्रांस से आई कैथरीन बर्थेट ने कहा बोइंग को अपनी आजादी खरीदने मत दीजिए। मेरी बेटी कैमीली की जान गई, हमें न्याय चाहिए।
अमेरिकी न्याय विभाग ने अदालत को बताया कि यह समझौता जनता के हित में है और मुकदमे से बेहतर परिणाम देगा। हालांकि करीब 100 परिवारों में से 110 पीड़ितों के परिजन इस समझौते के पक्ष में या इसके खिलाफ नहीं थे।
बोइंग 737 मैक्स को 2017 में पहली बार उड़ान के लिए मंजूरी मिली थी, लेकिन इथियोपिया हादसे के बाद इन विमानों को 20 महीनों के लिए पूरी दुनिया में ग्राउंड कर दिया गया था। बाद में बोइंग ने सॉफ्टवेयर सिस्टम को फिर से डिज़ाइन किया और सुरक्षा मानकों में बदलाव किए। इस मामले ने यह बड़ा सवाल खड़ा किया है कि क्या बड़ी कंपनियां भारी मुआवजा देकर अपनी जिम्मेदारी से बच सकती हैं, जबकि सैकड़ों परिवार अब भी अपने खोए हुए प्रियजनों के लिए न्याय की प्रतीक्षा कर रहे हैं।