फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   World ›   US Attorney says David Headley cannot be extradited to India, Tahawwur Hussain Rana will face extradition

डेविड हेडली के प्रत्यर्पण से अमेरिका का इनकार, तहव्वुर राणा के लिए तैयार

Sat, 27 Jun 2020 02:20 PM IST
देव कश्यप पीटीआई, वाशिंगटन
पीटीआई, वाशिंगटन Published by: देव कश्यप Updated Sat, 27 Jun 2020 02:20 PM IST
विज्ञापन
US Attorney says David Headley cannot be extradited to India, Tahawwur Hussain Rana will face extradition
डेविड हेडली - फोटो : फाइल फोटो

मुंबई में आतंकवादी हमलों के दोषी डेविड हेडली को भारत प्रत्यर्पित नहीं किया जा सकता है, लेकिन पाकिस्तानी मूल के कनाडाई कारोबारी और हमलों के सह-साजिशकर्ता तहव्वुर राणा को प्रत्यर्पण का सामना करना होगा। एक अमेरिकी अधिवक्ता ने राणा की जमानत याचिका का विरोध करते हुए संघीय अदालत में यह कहा।

विज्ञापन


डेविड कोलमेन हेडली के बचपन के दोस्त 59 वर्षीय राणा को भारत के अनुरोध पर 10 जून को लॉस एंजिल्स में फिर से गिरफ्तार किया गया है। भारत ने 2008 में मुंबई में हुए आतंकवादी हमलों में राणा की संलिप्तता के लिए उसे प्रत्यर्पित करने का अनुरोध किया था। भारत में राणा भगोड़ा घोषित है।
विज्ञापन


मुंबई हमलों में छह अमेरिकी समेत 166 लोग मारे गए थे। संघीय अभियोजकों के मुताबिक 2006 से नवंबर 2008 के बीच राणा ने ‘दाऊद गिलानी’ के नाम से पहचाने जाने वाले हेडली और पाकिस्तान में कुछ अन्य के साथ मिलकर लश्कर-ए-तैयबा तथा हरकत-उल-जिहाद-ए-इस्लामी को मुंबई में आतंकी हमलों की साजिश रचने तथा हमलों को अंजाम देने में मदद की।
विज्ञापन
विज्ञापन


पाकिस्तानी-अमेरिकी हेडली लश्कर का आतंकी है। वह 2008 के मुंबई हमलों के मामले में सरकारी गवाह बन गया है। वह हमले में भूमिका के लिए अमेरिका में 35 साल की जेल की सजा काट रहा है।

अमेरिका ने राणा के प्रत्यर्पण के भारत का अनुरोध अभी दर्ज नहीं किया है हालांकि वह जल्द ही कर सकता है। यह साफ है कि इलिनोइस की अदालत में राणा पर जिन आरोपों पर मुकदमा चलाया गया, वे और भारत की शिकायत में लगाए गए आरोप अलग होंगे।


राणा ने अपने बचाव में कहा है कि सह-साजिशकर्ता हेडली को प्रत्यर्पित नहीं करने का अमेरिका का फैसला असंगत है और उसके प्रत्यर्पण को भी रोकता है।

सहायक अमेरिकी अटॉर्नी जे. ललेजियान ने लॉस एंजिल्स की संघीय अदालत में शुक्रवार को कहा कि राणा के विपरीत हेडली ने हमलों में अपनी लिप्तता तुरंत स्वीकार कर ली थी और सभी आरोपों में दोष भी स्वीकार कर लिया था।



उन्होंने कहा कि इसलिए राणा का भारत प्रत्यर्पण नहीं किया जाएगा।
राणा ने न तो दोष स्वीकारा और न ही अमेरिका के साथ सहयोग किया इसलिए उसके साथ परिस्थिति अलग है। इसलिए उसे वह लाभ नहीं मिल सकते जो हेडली को दिए गए।

राणा की
जमानत याचिका पर अगले हफ्ते सुनवाई होगी।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get latest World News headlines in Hindi related political news, sports news, Business news all breaking news and live updates. Stay updated with us for all latest Hindi news.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed