{"_id":"69b49ee4d7ec3744a800f299","slug":"us-attack-on-kharg-island-trump-says-all-iranian-military-bases-destroyed-also-warns-about-strait-of-hormuz-2026-03-14","type":"story","status":"publish","title_hn":"खार्ग द्वीप पर अमेरिका का हमला: ट्रंप का दावा- ईरान के सभी सैन्य ठिकाने तबाह, होर्मुज को लेकर भी दी चेतावनी","category":{"title":"World","title_hn":"दुनिया","slug":"world"}}
खार्ग द्वीप पर अमेरिका का हमला: ट्रंप का दावा- ईरान के सभी सैन्य ठिकाने तबाह, होर्मुज को लेकर भी दी चेतावनी
Sat, 14 Mar 2026 05:04 AM IST
Himanshu Singh Chandel
अमर उजाला ब्यूरो
अमर उजाला ब्यूरो
Published by: Himanshu Singh Chandel
Updated Sat, 14 Mar 2026 05:04 AM IST
सार
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि अमेरिकी सेना ने ईरान के खार्ग द्वीप पर बड़े पैमाने पर बमबारी कर सभी सैन्य ठिकानों को नष्ट कर दिया। ट्रंप के अनुसार हमले में तेल ढांचे को जानबूझकर निशाना नहीं बनाया गया। साथ ही उन्होंने होर्मुज पर भी चेतावनी दी।
विज्ञापन
डोनाल्ड ट्रंप, अमेरिकी राष्ट्रपति
- फोटो : PTI
विस्तार
पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच अमेरिका ने ईरान के एक अहम ठिकाने पर बड़ा हवाई हमला किया है। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि अमेरिकी सेना ने ईरान के खार्ग द्वीप पर बड़े पैमाने पर बमबारी कर वहां मौजूद सभी सैन्य ठिकानों को पूरी तरह नष्ट कर दिया है। ट्रंप के अनुसार यह हमला अमेरिकी सेंट्रल कमांड की ओर से किया गया और इसका उद्देश्य ईरान से पैदा हो रहे खतरे को खत्म करना था।
राष्ट्रपति ट्रंप ने सोशल मीडिया पर कहा कि यह हमला मध्य पूर्व के इतिहास के सबसे शक्तिशाली बमबारी अभियानों में से एक था। उन्होंने कहा कि अमेरिकी सेना ने खार्ग द्वीप पर मौजूद सभी सैन्य लक्ष्यों को निशाना बनाया और उन्हें पूरी तरह नष्ट कर दिया। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिका ने जानबूझकर द्वीप के तेल ढांचे को निशाना नहीं बनाया, ताकि ऊर्जा आपूर्ति पर असर न पड़े।
ये भी पढ़ें- US: क्या ईरान में और बड़ी कार्रवाई की तैयारी कर रहे ट्रंप? जानें क्यों अमेरिका ने रवाना किए B-2 स्टेल्थ बॉम्बर
विज्ञापन
खार्ग द्वीप क्यों है इतना अहम?
खार्ग द्वीप ईरान के लिए रणनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। यह फारस की खाड़ी में स्थित एक बड़ा तेल निर्यात केंद्र है। यहां से ईरान का बड़ा हिस्सा तेल दुनिया के अलग-अलग देशों को भेजा जाता है। यही कारण है कि इस द्वीप को ईरान की ऊर्जा व्यवस्था का प्रमुख केंद्र माना जाता है।
ट्रंप ने तेल ढांचे को क्यों नहीं निशाना बनाया?
राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा कि अमेरिकी सेना के पास इतनी ताकत है कि वह द्वीप के पूरे तेल ढांचे को भी नष्ट कर सकती थी। लेकिन उन्होंने ऐसा न करने का फैसला लिया। ट्रंप के अनुसार यह फैसला वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति को प्रभावित होने से बचाने और मानवीय कारणों को ध्यान में रखते हुए लिया गया।
होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर ट्रंप ने क्या चेतावनी दी?
ट्रंप ने साफ कहा कि यदि ईरान या कोई अन्य देश होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले जहाजों की सुरक्षित आवाजाही में बाधा डालता है तो अमेरिका अपना फैसला बदल सकता है। उन्होंने कहा कि ऐसी स्थिति में अमेरिका द्वीप के तेल ढांचे को भी निशाना बनाने पर विचार करेगा।
ये भी पढ़ें- US: पश्चिम एशिया में अमेरिका क्यों भेज रहा 2500 मरीन सैनिक? जानें होर्मुज संकट के बीच ट्रंप का फैसला कितना अहम
अमेरिकी सेना की ताकत पर क्या बोले ट्रंप?
राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा कि उनके पहले कार्यकाल से लेकर अब तक उन्होंने अमेरिकी सेना को दुनिया की सबसे शक्तिशाली और घातक सैन्य ताकत बना दिया है। उनका कहना है कि ईरान के पास अमेरिका के हमलों का सामना करने की क्षमता नहीं है।
ईरान को क्या संदेश दिया गया?
ट्रंप ने कहा कि ईरान कभी भी परमाणु हथियार हासिल नहीं कर सकेगा। उन्होंने ईरानी सेना और उससे जुड़े समूहों से हथियार डालने की अपील भी की। ट्रंप के अनुसार अगर ईरान संघर्ष को जारी रखता है तो उसके लिए हालात और कठिन हो सकते हैं।
अन्य वीडियो-
विज्ञापन
राष्ट्रपति ट्रंप ने सोशल मीडिया पर कहा कि यह हमला मध्य पूर्व के इतिहास के सबसे शक्तिशाली बमबारी अभियानों में से एक था। उन्होंने कहा कि अमेरिकी सेना ने खार्ग द्वीप पर मौजूद सभी सैन्य लक्ष्यों को निशाना बनाया और उन्हें पूरी तरह नष्ट कर दिया। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिका ने जानबूझकर द्वीप के तेल ढांचे को निशाना नहीं बनाया, ताकि ऊर्जा आपूर्ति पर असर न पड़े।
विज्ञापन
ये भी पढ़ें- US: क्या ईरान में और बड़ी कार्रवाई की तैयारी कर रहे ट्रंप? जानें क्यों अमेरिका ने रवाना किए B-2 स्टेल्थ बॉम्बर
विज्ञापन
खार्ग द्वीप क्यों है इतना अहम?
खार्ग द्वीप ईरान के लिए रणनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। यह फारस की खाड़ी में स्थित एक बड़ा तेल निर्यात केंद्र है। यहां से ईरान का बड़ा हिस्सा तेल दुनिया के अलग-अलग देशों को भेजा जाता है। यही कारण है कि इस द्वीप को ईरान की ऊर्जा व्यवस्था का प्रमुख केंद्र माना जाता है।
ट्रंप ने तेल ढांचे को क्यों नहीं निशाना बनाया?
राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा कि अमेरिकी सेना के पास इतनी ताकत है कि वह द्वीप के पूरे तेल ढांचे को भी नष्ट कर सकती थी। लेकिन उन्होंने ऐसा न करने का फैसला लिया। ट्रंप के अनुसार यह फैसला वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति को प्रभावित होने से बचाने और मानवीय कारणों को ध्यान में रखते हुए लिया गया।
होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर ट्रंप ने क्या चेतावनी दी?
ट्रंप ने साफ कहा कि यदि ईरान या कोई अन्य देश होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले जहाजों की सुरक्षित आवाजाही में बाधा डालता है तो अमेरिका अपना फैसला बदल सकता है। उन्होंने कहा कि ऐसी स्थिति में अमेरिका द्वीप के तेल ढांचे को भी निशाना बनाने पर विचार करेगा।
ये भी पढ़ें- US: पश्चिम एशिया में अमेरिका क्यों भेज रहा 2500 मरीन सैनिक? जानें होर्मुज संकट के बीच ट्रंप का फैसला कितना अहम
अमेरिकी सेना की ताकत पर क्या बोले ट्रंप?
राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा कि उनके पहले कार्यकाल से लेकर अब तक उन्होंने अमेरिकी सेना को दुनिया की सबसे शक्तिशाली और घातक सैन्य ताकत बना दिया है। उनका कहना है कि ईरान के पास अमेरिका के हमलों का सामना करने की क्षमता नहीं है।
ईरान को क्या संदेश दिया गया?
ट्रंप ने कहा कि ईरान कभी भी परमाणु हथियार हासिल नहीं कर सकेगा। उन्होंने ईरानी सेना और उससे जुड़े समूहों से हथियार डालने की अपील भी की। ट्रंप के अनुसार अगर ईरान संघर्ष को जारी रखता है तो उसके लिए हालात और कठिन हो सकते हैं।
अन्य वीडियो-
विज्ञापन
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get latest World News headlines in Hindi related political news, sports news, Business news all breaking news and live updates. Stay updated with us for all latest Hindi news.
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन