फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   World ›   US Army tells to lawmakers drones decides wars in future should focus

US: 'ड्रोन भविष्य के युद्ध की दिशा तय करेंगे, समय के साथ चलना जरूरी', अमेरिकी सेना ने संसद में दी जानकारी

Sat, 16 May 2026 09:23 AM IST
नितिन गौतम आईएएनएस, वॉशिंगटन
आईएएनएस, वॉशिंगटन Published by: नितिन गौतम Updated Sat, 16 May 2026 09:23 AM IST
सार

ड्रोन्स अब युद्ध को तेजी से बदल रहे हैं। अमेरिकी सेना ने भी संसद को ये जानकारी दी है और कहा है कि अगर उन्होंने तेजी से इस तरफ ध्यान नहीं दिया तो पिछड़ने का खतरा है। आइए जानते हैं कि अमेरिकी सेना ने संसद में क्या क्या कहा?

विज्ञापन
US Army tells to lawmakers drones decides wars in future should focus
ड्रोन (सांकेतिक) - फोटो : AI

विस्तार

अमेरिकी सेना ने देश के सांसदों को को बताया है कि ड्रोन, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) और बिना इंसानी नियंत्रण वाले सिस्टम आधुनिक युद्ध का तरीका तेजी से बदल रहे हैं। सेना के वरिष्ठ अधिकारियों ने कहा कि यूक्रेन युद्ध से यह साफ हो गया है कि आने वाले समय में लड़ाइयों में सस्ते, बड़ी संख्या में इस्तेमाल किए जा सकने वाले और मानव रहित हथियारों की सबसे बड़ी भूमिका होगी। अमेरिकी कांग्रेस की हाउस आर्म्ड सर्विसेज कमेटी के सामने पेश हुए अमेरिकी सेना के सचिव डैनियल ड्रिस्कॉल ने कहा कि युद्ध का स्वरूप बहुत तेज गति से बदल रहा है और जो सेनाएं खुद को समय के हिसाब से नहीं बदलेंगी, वे पीछे छूट जाएंगी।
विज्ञापन


तेजी से बदल रहे युद्ध के तरीके
ड्रिस्कॉल ने कहा, 'ड्रोन इंसानों के बीच युद्ध करने के तरीके को पूरी तरह बदल रहे हैं। इतिहास में इतनी तेजी से बदलाव पहले कभी नहीं देखा गया। ये सस्ते होते हैं, जरूरत के हिसाब से बदले जा सकते हैं, बेहद सटीक होते हैं और कई तरह के काम कर सकते हैं।' उन्होंने कहा कि अमेरिकी सेना अब तेजी से ऐसे सिस्टम विकसित कर रही है जिनमें एआई, ऑटोमेटेड तकनीक और आधुनिक कमांड सिस्टम शामिल हों। खासतौर पर अमेरिका भविष्य में इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में संभावित संघर्षों को ध्यान में रखकर तैयारी कर रहा है।
विज्ञापन


अमेरिकी सेना के 2027 के बजट पर संसद में तीखी सुनवाई हुई। इसी दौरान अमेरिकी सेना के शीर्ष अधिकारियों ने यह जानकारी संसद को दी। इस दौरान दोनों दलों के प्रतिनिधियों ने भी यूक्रेन युद्ध का जिक्र करते हुए माना कि सस्ते ड्रोन अब निगरानी, दुश्मन को निशाना बनाने और बड़े हमलों में बेहद अहम भूमिका निभा रहे हैं। अमेरिकी सेना के जनरल क्रिस्टोफर लानेव ने कहा कि सेना यूक्रेन और मध्य पूर्व के युद्धों से मिले अनुभवों के आधार पर अपनी ट्रेनिंग और युद्ध रणनीति तेजी से बदल रही है। उन्होंने कहा, 'हम यूक्रेन और ऑपरेशन एंड्योरिंग फ्रीडम से बहुत कुछ सीख रहे हैं। इन अनुभवों को अब पहले से कहीं ज्यादा तेजी से सेना की ट्रेनिंग और रणनीति में शामिल किया जा रहा है।' 
विज्ञापन
विज्ञापन


अमेरिकी सेना ने शुरू किया ऑपरेशन जेल ब्रेक
अमेरिकी सेना ने 'ऑपरेशन जेलब्रेक' नाम से एक बड़ा प्रोजेक्ट भी शुरू किया है। यह फोर्ट कार्सन में चल रहा है। यहां रक्षा कंपनियां और सेना के इंजीनियर मिलकर ऐसी सॉफ्टवेयर बाधाओं को हटाने की कोशिश कर रहे हैं, जिनकी वजह से अलग-अलग सैन्य सिस्टम आपस में युद्ध संबंधी जानकारी आसानी से साझा नहीं कर पाते। ड्रिस्कॉल ने कहा कि अमेरिका के कई सैन्य सिस्टम अभी भी अलग-अलग बंद ढांचे की तरह काम करते हैं, जिससे जरूरी जानकारी तुरंत साझा करने में दिक्कत होती है। उन्होंने कहा, 'जो भी सिस्टम कोई जानकारी तैयार करे, वह जानकारी अमेरिकी सेना तक कहीं भी तुरंत पहुंचनी चाहिए।'

सेना सचिव ने यह भी चेतावनी दी कि भविष्य के ड्रोन युद्धों में केवल इंसानी क्षमता काफी नहीं होगी। ड्रोन और इलेक्ट्रॉनिक हमलों का जवाब देने के लिए एआई की मदद जरूरी होगी। उन्होंने कहा, 'अगर एक साथ बड़ी संख्या में ड्रोन हमला करें, तो इंसान अकेले इतनी तेजी से प्रतिक्रिया नहीं दे सकता।'


अमेरिकी सांसदों ने इस बात पर जताई चिंता
इस दौरान अमेरिकी सांसदों ने यह सवाल भी उठाया कि क्या अमेरिकी सेना वास्तव में ड्रोन युद्ध को गंभीरता से ले रही है, क्योंकि छोटे ड्रोन खरीदने के लिए प्रस्तावित बजट पिछले वर्षों की तुलना में कम दिखाई दे रहा है। सांसद यूजीन विंडमैन ने इस मुद्दे पर चिंता जताई। इस पर ड्रिस्कॉल ने कहा कि अमेरिका की रणनीति अभी लाखों ड्रोन जमा करने की नहीं है। उसकी कोशिश ऐसा औद्योगिक ढांचा तैयार करने की है, जो युद्ध शुरू होते ही बहुत कम समय में बड़े पैमाने पर ड्रोन बना सके। उन्होंने कहा, 'यूक्रेन करीब 50 लाख ड्रोन बना रहा है और रूस भी लगभग उतने ही ड्रोन तैयार कर रहा है। अमेरिका अभी शांति के समय 50 लाख ड्रोन बनाने की स्थिति में नहीं है, लेकिन जरूरत पड़ने पर हमें बहुत तेजी से उस स्तर तक पहुंचने में सक्षम होना होगा।'
 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get latest World News headlines in Hindi related political news, sports news, Business news all breaking news and live updates. Stay updated with us for all latest Hindi news.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed